{"_id":"5bda01e9bdec2269717a2654","slug":"91541013993-kaithal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसडीएम से लगाई शहीद के परिवार को मदद देने की गुहार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसडीएम से लगाई शहीद के परिवार को मदद देने की गुहार
Updated Thu, 01 Nov 2018 01:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एसडीएम से लगाई शहीद के परिवार को मदद देने की गुहार
शहर के गणमान्य व्यक्ति आए परिवार के समर्थन में
गुहला-चीका। अगस्त माह में शहीद हुए राजेश पूनिया के परिजनों को आर्थिक मदद ना मिलने पर अब शहर के कई लोग उनके समर्थन में आए हैं और इस संबंध में तहसीलदार को एक ज्ञापन भी दिया।
समाज सेवी गुहला बार एसोसिएशन के प्रधान बलदेव पुनिया, एडवोकेट जीवन सिंह नैन, भाजपा नेता राजेश पिंटू, समाज सेवी जगजीत सिंह, युवा समाजसेवी दलबीर सीड़ा, टहल सिंह हरिगढ़, राममेहर सिंह नंबरदार ने एकत्रित हो मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार गुहला जगदीश चंद्र को सौंपा और जल्द से जल्द शहीद राजेश पुनिया के परिवार को सरकार द्वारा घोषित मदद उपलब्ध करवाने की मांग की। एडवोकेट जीवन सिंह नैन ने कहा कि यदि शहीद परिवारों को मदद देने में इस प्रकार की ढिलाई बरती गई तो देश के लिए कुर्बान होने वाले युवाओं में नकारात्मक संदेश जाएगा। अगस्त माह में राजेश शहीद हुआ था। परिजनों को अभी तक कोई मदद नहीं मिली है। जबकि उसकी मां को ईलाज तक के लिए परेशानी हो रही है।
विज्ञापन
शहर के गणमान्य व्यक्ति आए परिवार के समर्थन में
गुहला-चीका। अगस्त माह में शहीद हुए राजेश पूनिया के परिजनों को आर्थिक मदद ना मिलने पर अब शहर के कई लोग उनके समर्थन में आए हैं और इस संबंध में तहसीलदार को एक ज्ञापन भी दिया।
समाज सेवी गुहला बार एसोसिएशन के प्रधान बलदेव पुनिया, एडवोकेट जीवन सिंह नैन, भाजपा नेता राजेश पिंटू, समाज सेवी जगजीत सिंह, युवा समाजसेवी दलबीर सीड़ा, टहल सिंह हरिगढ़, राममेहर सिंह नंबरदार ने एकत्रित हो मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार गुहला जगदीश चंद्र को सौंपा और जल्द से जल्द शहीद राजेश पुनिया के परिवार को सरकार द्वारा घोषित मदद उपलब्ध करवाने की मांग की। एडवोकेट जीवन सिंह नैन ने कहा कि यदि शहीद परिवारों को मदद देने में इस प्रकार की ढिलाई बरती गई तो देश के लिए कुर्बान होने वाले युवाओं में नकारात्मक संदेश जाएगा। अगस्त माह में राजेश शहीद हुआ था। परिजनों को अभी तक कोई मदद नहीं मिली है। जबकि उसकी मां को ईलाज तक के लिए परेशानी हो रही है।
विज्ञापन