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नगर परिषद कैथल में हाउस की बैठक के बिना लगाए जा रहे हैं टेंडर
Updated Tue, 16 Oct 2018 11:29 PM IST
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बिना बैठक लगाए जा रहे टेंडर, पार्षदों ने अधिकारियों से मांगा जवाब
नगर परिषद की बैठक में तीन एजेंडे रद्द, आठ पेंडिंग, 49 एजेंडों को पास किया गया
फोटो संख्या-48 से 53
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नगर परिषद में अधिकारियों की ओर से परिषद की हाउस की बैठक के बिना ही टेंडर लगाए जा रहे हैं। साथ ही बाद में इन टेंडरों को शब्दों का जाल बुनकर हाउस की बैठकों में पास भी करवाया जा रहा है। मंगलवार को इतिहास में संभवत: सबसे लंबी तीन घंटे चली परिषद की हाउस की बैठक में पार्षदों ने यह बात पकड़ी और अधिकारियों से जवाब मांगा। पार्षदों ने स्पष्ट कहा कि यदि सदन को गुमराह करने के लिए बैठक का ड्रामा किया जा रहा है तो वे सभी इस्तीफा देने को तैयार हैं। बैठक में सभी 59 मुद्दों पर एक-एक करके चर्चा हुई। इसमें से पार्षदों ने हुडा सेक्टरों में होने वाले 42 लाख रुपये के बरसाती पानी निकासी के टेंडर को रद्द करने सहित तीन एजेंडों को रद्द कर दिया और 8 को पेंडिंग रखा है। इसके अलावा 49 एजेंडों को पास कर दिया गया।
नगर परिषद चेयरपर्सन बनने के बाद सीमा कश्यप की अध्यक्षता में हुई पहली बैठक दोपहर बाद साढ़े तीन बजे शुरू हुई। इसमें 31 में से बबिता मित्तल व ज्योति सैनी को छोड़कर सभी 29 पार्षदों व मनोनीत तीन पार्षदों में से डॉ. जितेंद्र ठुकराल को छोड़कर दोनों पार्षदों ने भाग लिया।
बंदरों को पकड़ने का टेंडर पहले छोड़ा, बैठक में अनुमति के लिए रखा : बैठक में बंदर पकड़कर छोड़ने के पांच लाख के टेंडर पर पार्षद राकेश सरदाना, पूजा अग्रवाल, यशपाल प्रजापति सहित कई पार्षदों ने आपत्ति जताई तो खुलासा हुआ कि यह टेंडर पहले ही छोड़ दिया गया। बैठक में केवल स्वीकृति अब ली जा रही है तो पार्षद राकेश सरदाना ने कहा कि आप सदन को गुमराह कर रहे हैं। एमई ने कहा, डीसी के आदेश हैं तो राकेश सरदाना ने पूछा क्या डीसी हाउस की अनुमति के बिना टेंडर लगवा सकते हैं तो अधिकारी बगले झांकने लगे।
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दो टेंडर सर्वसम्मति से रद्द : अकेले हुडा सेक्टरों पर 42 लाख रुपये की राशि बरसाती पानी की निकासी के लिए खर्च करने का पार्षदों ने विरोध कर दिया और सभी की सहमति से इस मुद्दे को रद्द कर दिया गया। इसी प्रकार से चिल्ड्रन पार्क के अतिरिक्त एजेंडों में रखरखाव के लिए ठेकेदार के टेंडर को भी रद्द करने का फैसला सर्वसम्मति से लिया गया।
अधिकारियों के खिलाफ जांच के आदेश : शहर में फ्लैक्स लगाने के टेंडर व मछली पालन के टेंडर छोड़ने पर पूर्व चेयरमैन यशपाल प्रजापति ने सवाल उठाया कि एक साल से ये दोनों टेंडर नहीं छोड़े गए। करीब 67 लाख रुपये के नुकसान के लिए कौन जिम्मेवार है। इस पर सभी पार्षदों ने आवाज उठाई कि इस मामले मेें जिम्मेवार अधिकारियों के खिलाफ जांच होनी चाहिए। इस पर दोनों मामलों में जांच का प्रस्ताव पारित कर दिया गया। इसी प्रकार से अनाज मंडी में लगी हाईमॉस्क लाइट के लिए 19 लाख के बिल के एजेंडे को मार्केट कमेटी के अधीन आने के चलते लंबित रख दिया गया और इसे लगाने वाले अधिकारी के खिलाफ जांच की बात कही गई।
गुरु तेगबहादुर के नाम से तीन द्वार बनाने को मंजूरी : एजेंडे में गुरुद्वारा मंजी साहब, गुरुद्वारा नीमसाहब के रास्तों पर तीन स्वागत गेट बनाने को मंजूरी दी जाए। इस पर पार्षद राकेश सरदाना, रमेश गुप्ता एडवोकेट ने कहा कि तीन-तीन गेट बनाने से सभी संस्थाएं मांग करेंगी। दोनों की आपत्ति के बाद इसे बाद में सहमति से पारित कर दिया गया।
इन कार्यों को दी गई मंजूरी : बैक में 23 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का अनुबंध एक साल के लिए बढ़ाए जाने, स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव पर 10 लाख खर्च करने, सीवरेज के ढक्कन 5 लाख रुपये, मीडिया सेंटर के लिए कमरे के लिए 10 लाख रुपये, परिषद की गाड़ी को कुर्की से बचाने के लिए 14 लाख रुपये के भुगतान, प्रॉपर्टी टेक्स के लिए टेंडर छोड़ने, स्ट्रीट लाइटों के 10 लाख से पोल मरम्मत करने, परिषद कार्यों के लिए जेसीबी खरीदने, मच्छर मार दवा के लिए मशीन खरीदने, कपिस्थल गोशाला के लिए जमीन चारे के लिए ठेके पर देने व आधा एकड़ परिषद को हड्डी रोड़ा के लिए देने, 140 हड़ताली कर्मचारियों को काम पर रखने को मंजूरी दी गई।
चेयरमैन व निशा गर्ग में हुई बहस, वीडियो डीलिट करवाया : पार्षद निशा गर्ग ने जैसे ही बैठक में धर्मबीर भोला सहित अन्य पार्षद प्रतिनिधियों के अनावश्यक बोलने का मुद्दा उठाया तो संजय भौरिया ने तुरंत उनके पति संजय गर्ग द्वारा मोबाइल से बनाए जा रहे वीडियो का मुद्दा उठा दिया। इस पर सभी ने एकजुटता के साथ संजय गर्ग द्वारा बनाए जा रहे वीडियो का विरोध किया और चेयरपर्सन सीमा ने तुरंत वीडियो ना बनाने का आदेश दिया। इस पर सचिव ने संजय गर्ग से उनके मोबाइल में बनाए गए सभी वीडियो डीलिट करवा दिए।
बैठक में पास हुई 24 साल की युवा चेयरपर्सन : नगर परिषद की कई माह बाद हुई बैठक में पहली बार अपने कार्यकाल में सीमा कश्यप ने अध्यक्षता की। इसमें करीब साढ़े तीन घंटे तक उन्होंने हरेक पार्षद को बोलने का समय दिया। इसके चलते पार्षदों ने पार्टियों के मतभेद भुलाकर अधिकारियों की मनमानी पर जमकर खिंचाई की। पार्षद चर्चा करते नजर आए कि उनके जीवन में यह पहली ऐसी बैठक है, जिसमें पार्षदों ने अपनी बात रखी और हर एजेंडे पर अधिकारियों से जवाब तलब किया गया। सीमा ने कहा कि उनका प्रयास पूरे शहर को साथ लेकर चलने का है।
ईओ नहीं थे, अगली बैठक में सभी अधिकारियों, कर्मचारियों को हाजिर रहने के आदेश : बैठक में ईओ के न होने पर पार्षद नाराज दिखे और अगली बैठक में एजेंडे पर जवाब तलबी के लिए सभी अधिकारियों के मौजूद रहने का आदेश जारी किया गया।
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नगर परिषद की बैठक में तीन एजेंडे रद्द, आठ पेंडिंग, 49 एजेंडों को पास किया गया
फोटो संख्या-48 से 53
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नगर परिषद में अधिकारियों की ओर से परिषद की हाउस की बैठक के बिना ही टेंडर लगाए जा रहे हैं। साथ ही बाद में इन टेंडरों को शब्दों का जाल बुनकर हाउस की बैठकों में पास भी करवाया जा रहा है। मंगलवार को इतिहास में संभवत: सबसे लंबी तीन घंटे चली परिषद की हाउस की बैठक में पार्षदों ने यह बात पकड़ी और अधिकारियों से जवाब मांगा। पार्षदों ने स्पष्ट कहा कि यदि सदन को गुमराह करने के लिए बैठक का ड्रामा किया जा रहा है तो वे सभी इस्तीफा देने को तैयार हैं। बैठक में सभी 59 मुद्दों पर एक-एक करके चर्चा हुई। इसमें से पार्षदों ने हुडा सेक्टरों में होने वाले 42 लाख रुपये के बरसाती पानी निकासी के टेंडर को रद्द करने सहित तीन एजेंडों को रद्द कर दिया और 8 को पेंडिंग रखा है। इसके अलावा 49 एजेंडों को पास कर दिया गया।
नगर परिषद चेयरपर्सन बनने के बाद सीमा कश्यप की अध्यक्षता में हुई पहली बैठक दोपहर बाद साढ़े तीन बजे शुरू हुई। इसमें 31 में से बबिता मित्तल व ज्योति सैनी को छोड़कर सभी 29 पार्षदों व मनोनीत तीन पार्षदों में से डॉ. जितेंद्र ठुकराल को छोड़कर दोनों पार्षदों ने भाग लिया।
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बंदरों को पकड़ने का टेंडर पहले छोड़ा, बैठक में अनुमति के लिए रखा : बैठक में बंदर पकड़कर छोड़ने के पांच लाख के टेंडर पर पार्षद राकेश सरदाना, पूजा अग्रवाल, यशपाल प्रजापति सहित कई पार्षदों ने आपत्ति जताई तो खुलासा हुआ कि यह टेंडर पहले ही छोड़ दिया गया। बैठक में केवल स्वीकृति अब ली जा रही है तो पार्षद राकेश सरदाना ने कहा कि आप सदन को गुमराह कर रहे हैं। एमई ने कहा, डीसी के आदेश हैं तो राकेश सरदाना ने पूछा क्या डीसी हाउस की अनुमति के बिना टेंडर लगवा सकते हैं तो अधिकारी बगले झांकने लगे।
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दो टेंडर सर्वसम्मति से रद्द : अकेले हुडा सेक्टरों पर 42 लाख रुपये की राशि बरसाती पानी की निकासी के लिए खर्च करने का पार्षदों ने विरोध कर दिया और सभी की सहमति से इस मुद्दे को रद्द कर दिया गया। इसी प्रकार से चिल्ड्रन पार्क के अतिरिक्त एजेंडों में रखरखाव के लिए ठेकेदार के टेंडर को भी रद्द करने का फैसला सर्वसम्मति से लिया गया।
अधिकारियों के खिलाफ जांच के आदेश : शहर में फ्लैक्स लगाने के टेंडर व मछली पालन के टेंडर छोड़ने पर पूर्व चेयरमैन यशपाल प्रजापति ने सवाल उठाया कि एक साल से ये दोनों टेंडर नहीं छोड़े गए। करीब 67 लाख रुपये के नुकसान के लिए कौन जिम्मेवार है। इस पर सभी पार्षदों ने आवाज उठाई कि इस मामले मेें जिम्मेवार अधिकारियों के खिलाफ जांच होनी चाहिए। इस पर दोनों मामलों में जांच का प्रस्ताव पारित कर दिया गया। इसी प्रकार से अनाज मंडी में लगी हाईमॉस्क लाइट के लिए 19 लाख के बिल के एजेंडे को मार्केट कमेटी के अधीन आने के चलते लंबित रख दिया गया और इसे लगाने वाले अधिकारी के खिलाफ जांच की बात कही गई।
गुरु तेगबहादुर के नाम से तीन द्वार बनाने को मंजूरी : एजेंडे में गुरुद्वारा मंजी साहब, गुरुद्वारा नीमसाहब के रास्तों पर तीन स्वागत गेट बनाने को मंजूरी दी जाए। इस पर पार्षद राकेश सरदाना, रमेश गुप्ता एडवोकेट ने कहा कि तीन-तीन गेट बनाने से सभी संस्थाएं मांग करेंगी। दोनों की आपत्ति के बाद इसे बाद में सहमति से पारित कर दिया गया।
इन कार्यों को दी गई मंजूरी : बैक में 23 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का अनुबंध एक साल के लिए बढ़ाए जाने, स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव पर 10 लाख खर्च करने, सीवरेज के ढक्कन 5 लाख रुपये, मीडिया सेंटर के लिए कमरे के लिए 10 लाख रुपये, परिषद की गाड़ी को कुर्की से बचाने के लिए 14 लाख रुपये के भुगतान, प्रॉपर्टी टेक्स के लिए टेंडर छोड़ने, स्ट्रीट लाइटों के 10 लाख से पोल मरम्मत करने, परिषद कार्यों के लिए जेसीबी खरीदने, मच्छर मार दवा के लिए मशीन खरीदने, कपिस्थल गोशाला के लिए जमीन चारे के लिए ठेके पर देने व आधा एकड़ परिषद को हड्डी रोड़ा के लिए देने, 140 हड़ताली कर्मचारियों को काम पर रखने को मंजूरी दी गई।
चेयरमैन व निशा गर्ग में हुई बहस, वीडियो डीलिट करवाया : पार्षद निशा गर्ग ने जैसे ही बैठक में धर्मबीर भोला सहित अन्य पार्षद प्रतिनिधियों के अनावश्यक बोलने का मुद्दा उठाया तो संजय भौरिया ने तुरंत उनके पति संजय गर्ग द्वारा मोबाइल से बनाए जा रहे वीडियो का मुद्दा उठा दिया। इस पर सभी ने एकजुटता के साथ संजय गर्ग द्वारा बनाए जा रहे वीडियो का विरोध किया और चेयरपर्सन सीमा ने तुरंत वीडियो ना बनाने का आदेश दिया। इस पर सचिव ने संजय गर्ग से उनके मोबाइल में बनाए गए सभी वीडियो डीलिट करवा दिए।
बैठक में पास हुई 24 साल की युवा चेयरपर्सन : नगर परिषद की कई माह बाद हुई बैठक में पहली बार अपने कार्यकाल में सीमा कश्यप ने अध्यक्षता की। इसमें करीब साढ़े तीन घंटे तक उन्होंने हरेक पार्षद को बोलने का समय दिया। इसके चलते पार्षदों ने पार्टियों के मतभेद भुलाकर अधिकारियों की मनमानी पर जमकर खिंचाई की। पार्षद चर्चा करते नजर आए कि उनके जीवन में यह पहली ऐसी बैठक है, जिसमें पार्षदों ने अपनी बात रखी और हर एजेंडे पर अधिकारियों से जवाब तलब किया गया। सीमा ने कहा कि उनका प्रयास पूरे शहर को साथ लेकर चलने का है।
ईओ नहीं थे, अगली बैठक में सभी अधिकारियों, कर्मचारियों को हाजिर रहने के आदेश : बैठक में ईओ के न होने पर पार्षद नाराज दिखे और अगली बैठक में एजेंडे पर जवाब तलबी के लिए सभी अधिकारियों के मौजूद रहने का आदेश जारी किया गया।