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गंदे पानी की निकासी पर गांव खरक पांडवा के लोगों में रोष
Updated Tue, 28 Aug 2018 12:07 AM IST
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गलियों में कीचड़, लोगों में रोष
- गांव खरक पांडवा में गंदे पानी की नहीं हो रही निकासी, वाल्मीकि बस्ती के लोग परेशान
फोटो नंबर-32
अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित गांव खरक पांडवा में गंदे पानी की निकासी का कोई भी मार्ग न होने के कारण पूरा गांव झील बन कर रह गया। गंदा पानी लोगों के घरों में घुस कर भवनों को नुकसान कर रहा है। पानी की निकासी न होने के कारण गलियों में खड़ा गंदा पानी केवल सूखता ही है। सूखने से पूर्व गलियों में भारी मात्रा में कीचड़ जमा हो जाता है। गंदे पानी के भारी जमावडे़ के कारण गांव के लोग अपने घरों से न निकलने पर मजबूर हैं।
वाल्मीकि बस्ती निवासी ईश्वर, संदीप, संजीव, रत्ना राम, दलीप, प्रेम आदी का कहना है कि उनकी बस्ती में दो गलियां लगती हैं। दोनों ही गलियां कीचड़ से लबालब हैं जिनमें से निकलना भी मुश्किल है। पतासो, पिंकी, गीता, विद्या, मीना आदि महिलाओं का कहा कि गलियां नीची होने के कारण पानी नहीं निकलता। गंदगी के कारण से संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा बना हुआ है।
गंगा दयाल, रामकुमार, मास्टर फरमाला, सूरजभान, मंजीत, संदीप, करनैल का कहना था कि सड़क निर्माण के दौरान गांव खरक पांडवा में जाने के सभी रास्ते बंद कर दिए। लोगों का कहना था कि गांव खरक पांडवा के अनेक तालाबों को पाट कर सड़क में मिला दिया। ये तालाब ही गांव के गंदे पानी को अपने में समाहित करते थे। गंगा दयाल व रामकुमार ने कहा कि वे इस बारे दो बार सीएम विंडो में गांव की शिकायत दर्ज करवा चुके हैं पर समस्या का कोई भी समाधान नहीं निकला।
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एसडीएम कलायत ने बताया कि गांव खरक पांडवा के गंदे पानी की निकासी के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ-साथ पाइप बिछाए जाने हैं। पानी अधिक हो जाता है तो प्रशासनिक स्तर पर मोटरों के माध्यम से गंदे पानी की निकासी की जाती है।
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- गांव खरक पांडवा में गंदे पानी की नहीं हो रही निकासी, वाल्मीकि बस्ती के लोग परेशान
फोटो नंबर-32
अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित गांव खरक पांडवा में गंदे पानी की निकासी का कोई भी मार्ग न होने के कारण पूरा गांव झील बन कर रह गया। गंदा पानी लोगों के घरों में घुस कर भवनों को नुकसान कर रहा है। पानी की निकासी न होने के कारण गलियों में खड़ा गंदा पानी केवल सूखता ही है। सूखने से पूर्व गलियों में भारी मात्रा में कीचड़ जमा हो जाता है। गंदे पानी के भारी जमावडे़ के कारण गांव के लोग अपने घरों से न निकलने पर मजबूर हैं।
वाल्मीकि बस्ती निवासी ईश्वर, संदीप, संजीव, रत्ना राम, दलीप, प्रेम आदी का कहना है कि उनकी बस्ती में दो गलियां लगती हैं। दोनों ही गलियां कीचड़ से लबालब हैं जिनमें से निकलना भी मुश्किल है। पतासो, पिंकी, गीता, विद्या, मीना आदि महिलाओं का कहा कि गलियां नीची होने के कारण पानी नहीं निकलता। गंदगी के कारण से संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा बना हुआ है।
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गंगा दयाल, रामकुमार, मास्टर फरमाला, सूरजभान, मंजीत, संदीप, करनैल का कहना था कि सड़क निर्माण के दौरान गांव खरक पांडवा में जाने के सभी रास्ते बंद कर दिए। लोगों का कहना था कि गांव खरक पांडवा के अनेक तालाबों को पाट कर सड़क में मिला दिया। ये तालाब ही गांव के गंदे पानी को अपने में समाहित करते थे। गंगा दयाल व रामकुमार ने कहा कि वे इस बारे दो बार सीएम विंडो में गांव की शिकायत दर्ज करवा चुके हैं पर समस्या का कोई भी समाधान नहीं निकला।
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एसडीएम कलायत ने बताया कि गांव खरक पांडवा के गंदे पानी की निकासी के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ-साथ पाइप बिछाए जाने हैं। पानी अधिक हो जाता है तो प्रशासनिक स्तर पर मोटरों के माध्यम से गंदे पानी की निकासी की जाती है।