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11 फरवरी का समझौता लागू नहीं हुआ तो फिर से आंदोलन करेगा समाज
Updated Wed, 14 Mar 2018 11:56 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक सरपंच तारागढ़ रामफल की अध्यक्षता में आरकेएम फार्म अंबाला रोड कैथल में हुई। जिसमें फैसला लिया गया कि सरकार जब तक समिति की मांगों को पूरा नहीं करती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदेश उपाध्यक्ष बलवान कोटड़ा व प्रवीण किच्छाना ने बताया की 11 फरवरी का जो समझौता सरकार के साथ हुआ था उसे समय रहते पूरा करना होगा नहीं तो जाट समाज आंदोलन करने के लिए हमेशा तैयार रहेगा। सरकार ने 31 मार्च से पहले हाईकोर्ट में जाट के आर्थिक व सामाजिक रूप से पिछड़ा होने के आंकड़े देने में कोताही की तो इसका खामियाजा आने वाले विधान सभा चुनाव में भुगतना पड़ सकता है। केंद्र सरकार ने भी इसी बजट सेशन में ओबीसी का बिल लाने का व जाट को उसमें शामिल करने का वादा भी 11 फरवरी के समझौते में किया था। अगर केंद्र सरकार ऐसा नहीं करती तो हरियाणा का जाट समाज राजस्थान राज्य के जिलों में जाकर आने वाले लोकसभा चुनावों में भाजपा के खिलाफ प्रचार करना शुरू करेगा। इस मौके पर दलीप बालू, गाजे सिंह, बलवान कोटड़ा, सोनू सोंगल, मोहित, रामफल फौजी, रामदिया बलबेड़ा, जिला उपाध्यक्ष जगदेव बदसुई, सुरेश नरड़, सुरेश, राजा लाली टटियाना, महावीर देवबन, मोहित देवबन व अन्य सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे।
11 फरवरी का समझौता लागू नहीं हुआ तो फिर से आंदोलन करेगा समाज
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक
फोटो संख्या-9
कैथल। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक सरपंच तारागढ़ रामफल की अध्यक्षता में आरकेएम फार्म अंबाला रोड कैथल में हुई। जिसमें फैसला लिया गया कि सरकार जब तक समिति की मांगों को पूरा नहीं करती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदेश उपाध्यक्ष बलवान कोटड़ा व प्रवीण किच्छाना ने बताया की 11 फरवरी का जो समझौता सरकार के साथ हुआ था उसे समय रहते पूरा करना होगा नहीं तो जाट समाज आंदोलन करने के लिए हमेशा तैयार रहेगा। सरकार ने 31 मार्च से पहले हाईकोर्ट में जाट के आर्थिक व सामाजिक रूप से पिछड़ा होने के आंकड़े देने में कोताही की तो इसका खामियाजा आने वाले विधान सभा चुनाव में भुगतना पड़ सकता है। केंद्र सरकार ने भी इसी बजट सेशन में ओबीसी का बिल लाने का व जाट को उसमें शामिल करने का वादा भी 11 फरवरी के समझौते में किया था। अगर केंद्र सरकार ऐसा नहीं करती तो हरियाणा का जाट समाज राजस्थान राज्य के जिलों में जाकर आने वाले लोकसभा चुनावों में भाजपा के खिलाफ प्रचार करना शुरू करेगा। इस मौके पर दलीप बालू, गाजे सिंह, बलवान कोटड़ा, सोनू सोंगल, मोहित, रामफल फौजी, रामदिया बलबेड़ा, जिला उपाध्यक्ष जगदेव बदसुई, सुरेश नरड़, सुरेश, राजा लाली टटियाना, महावीर देवबन, मोहित देवबन व अन्य सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे।
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11 फरवरी का समझौता लागू नहीं हुआ तो फिर से आंदोलन करेगा समाज
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक
फोटो संख्या-9