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आईसीडीएस के बजट में भारी कटौती करना वर्करों के साथ धोखा
Updated Tue, 13 Feb 2018 12:30 AM IST
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आईसीडीएस के बजट में भारी कटौती करना वर्करों के साथ धोखा
फोटो नंबर-
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। आंगनबाड़ी वर्कर्ज एवं हेल्पर्स यूनियन की राज्य कमेटी के आह्वान पर सोमवार को आंगनबाड़ी वर्करों ने लघु सचिवालय में अनिश्चितकालीन धरना दिया। इस मौके पर धरने पर बैठी यूनियन की पदाधिकारियों व सदस्यों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगें न माने जाने पर रोष प्रकट किया। धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान कमला ने की।
कमला और जिला सचिव संतोष कुमारी ने कहा कि बीजेपी सरकार ने तीन साल बीत जाने के बावजूद उनकी एक भी मांग पूरी नहीं की है। उन्होंने कहा कि आईसीडीएस के बजट में भारी कटौती करना वर्करों के साथ धोखा है। हेल्परों के वेतन में 70 रुपये की मामूली बढ़ोतरी करना उनके साथ मजाक है। बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का नारा देने वाली हरियाणा सरकार महिलाओं के मामले में पूरी तरह से फेल साबित हुई है। राज्य कोषाध्यक्ष संतरो ने कहा कि उनकी मुख्य मांगों में न्यूनतम वेतन लागू करना, सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना, मानदेय हर महीने की सात तारीख तक देना, सेंटरों के किराए में वृद्धि करना, बच्चों का बीमा भत्ता देना आदि शामिल हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस महंगाई के दौर में 8140 और 3820 के मानदेय में गुजारा करना मुश्किल है। फरवरी 2016 में की गई जनगणना के पैसे अभी तक बकाया पड़े हैं। इस मौके पर उनके साथ संतोष, भूप्पी, ओमवती, ज्ञानो, कविता, मीना, बच्चन कौर, बीरमति, ओमपति, सुनीता, कुलवन्द्रि, कुसुम, राजबाला, मंजीत और मीनू आदि भी शामिल रहीं।
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कैथल। आंगनबाड़ी वर्कर्ज एवं हेल्पर्स यूनियन की राज्य कमेटी के आह्वान पर सोमवार को आंगनबाड़ी वर्करों ने लघु सचिवालय में अनिश्चितकालीन धरना दिया। इस मौके पर धरने पर बैठी यूनियन की पदाधिकारियों व सदस्यों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगें न माने जाने पर रोष प्रकट किया। धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान कमला ने की।
कमला और जिला सचिव संतोष कुमारी ने कहा कि बीजेपी सरकार ने तीन साल बीत जाने के बावजूद उनकी एक भी मांग पूरी नहीं की है। उन्होंने कहा कि आईसीडीएस के बजट में भारी कटौती करना वर्करों के साथ धोखा है। हेल्परों के वेतन में 70 रुपये की मामूली बढ़ोतरी करना उनके साथ मजाक है। बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का नारा देने वाली हरियाणा सरकार महिलाओं के मामले में पूरी तरह से फेल साबित हुई है। राज्य कोषाध्यक्ष संतरो ने कहा कि उनकी मुख्य मांगों में न्यूनतम वेतन लागू करना, सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना, मानदेय हर महीने की सात तारीख तक देना, सेंटरों के किराए में वृद्धि करना, बच्चों का बीमा भत्ता देना आदि शामिल हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस महंगाई के दौर में 8140 और 3820 के मानदेय में गुजारा करना मुश्किल है। फरवरी 2016 में की गई जनगणना के पैसे अभी तक बकाया पड़े हैं। इस मौके पर उनके साथ संतोष, भूप्पी, ओमवती, ज्ञानो, कविता, मीना, बच्चन कौर, बीरमति, ओमपति, सुनीता, कुलवन्द्रि, कुसुम, राजबाला, मंजीत और मीनू आदि भी शामिल रहीं।
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