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अध्यापक के तबादले पर भडक़े गांव वासी, गांव दयौरा के स्कूल को जड़ा ताला
Updated Thu, 22 Nov 2018 12:08 AM IST
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अध्यापक के तबादले पर भड़के गांववासी, स्कूल को जड़ा ताला
विभाग के खिलाफ नारेबाजी
फोटो संख्या-32
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। गांव दयौरा के स्कूल से एक अध्यापक के तबादले पर गांव के लोग भड़क उठे और ओंव के राजकीय उच्च विद्यालय को ताला जड़कर विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सरपंच सुनील कुमार व पंच रघुबीर सिंह ने कहा कि दो साल पहले प्राध्यापक राजबीर ढुल स्कूल में आए थे। हेड मास्टर का पद खाली होने के कारण डीडी पावर उन्हीं के पास है। दो साल में उन्होंने 10वीं का परीक्षा परिणाम 15 से 51 प्रतिशत कर दिया। शिक्षा के साथ-साथ उन्होंने स्कूल में ऐसा सुधार किया कि यहां सभी बच्चे व गांव के लोग उनके पढ़ाने के तौर-तरीकों से खुश हैं। आज जब स्थिति में कुछ सुधार आया है तो उनका तबादला सांघन में किया जा रहा है।
वे पिछले तीन माह से गुहार लगा रहे हैं कि इस अध्यापक का तबादला रद्द किया जाए। लेकिन किसी अधिकारी ने कोई सुनवाई नहीं की। स्कूल में कई अध्यापकों के पद खाली पड़े हुए हैं।
वहीं सूचना मिलते ही बीईओ की ड्यूटी संभाल रहे रति राम शर्मा गांव में पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि विभाग के नियमों का पालन करते हुए उनकी इस मांग को पूरा किया जाएगा। उनके आश्वासन पर गांववासी शांत हुए।
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विभाग के खिलाफ नारेबाजी
फोटो संख्या-32
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। गांव दयौरा के स्कूल से एक अध्यापक के तबादले पर गांव के लोग भड़क उठे और ओंव के राजकीय उच्च विद्यालय को ताला जड़कर विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सरपंच सुनील कुमार व पंच रघुबीर सिंह ने कहा कि दो साल पहले प्राध्यापक राजबीर ढुल स्कूल में आए थे। हेड मास्टर का पद खाली होने के कारण डीडी पावर उन्हीं के पास है। दो साल में उन्होंने 10वीं का परीक्षा परिणाम 15 से 51 प्रतिशत कर दिया। शिक्षा के साथ-साथ उन्होंने स्कूल में ऐसा सुधार किया कि यहां सभी बच्चे व गांव के लोग उनके पढ़ाने के तौर-तरीकों से खुश हैं। आज जब स्थिति में कुछ सुधार आया है तो उनका तबादला सांघन में किया जा रहा है।
वे पिछले तीन माह से गुहार लगा रहे हैं कि इस अध्यापक का तबादला रद्द किया जाए। लेकिन किसी अधिकारी ने कोई सुनवाई नहीं की। स्कूल में कई अध्यापकों के पद खाली पड़े हुए हैं।
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वहीं सूचना मिलते ही बीईओ की ड्यूटी संभाल रहे रति राम शर्मा गांव में पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि विभाग के नियमों का पालन करते हुए उनकी इस मांग को पूरा किया जाएगा। उनके आश्वासन पर गांववासी शांत हुए।
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