{"_id":"5be725b8bdec226b327d732e","slug":"81541875128-kaithal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"और तेज हुई हरियाणा सिख गुरुद्वारा कमेटी की रार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
और तेज हुई हरियाणा सिख गुरुद्वारा कमेटी की रार
Updated Sun, 11 Nov 2018 12:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फ्लैग- और तेज हुई हरियाणा सिख गुरुद्वारा कमेटी की रार
हेडिंग - इधर, नलवी ने किया चुनाव की तारीख का ऐलान, उधर, झींडा समर्थक जोगा सिंह ने मीटिंग को बताया अमान्य
चार सदस्य कैसे ले सकते हैं बड़े-बड़े फैसले : जोगा सिंह,
झींडा पक्ष चुनाव से बचना चाहते हैं इसलिए बैठक में नहीं होते शामिल : नलवी
फोटो संख्या-31 व 32
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। एक ओर तो हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के वरिष्ठ उपप्रधान दीदार सिंह नलवी ने एक संक्षिप्त मीटिंग के बाद प्रबंधक कमेटी के चुनाव की घोषणा की। उधर, कमेटी के महासचिव जोगा सिंह का बयान आ गया कि नलवी द्वारा बुलाई गई मीटिंग जरूरी कोरम पूरा न होने के कारण अमान्य है। लिहाजा इस मीटिंग में लिए गए तमाम फैसले भी माने जा सकते। जोगा सिंह ने कहा कि हरियाणा कमेटी की 11 सदस्यीय एग्जीक्यूटिव कमेटी के कम से कम 7 सदस्यों की मौजूदगी के बिना कोई भी मीटिंग वैध नहीं ठहराई जा सकती।
काबिले जिक्र है कि शुक्रवार को हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के उपाध्यक्ष दीदार सिंह नलवी ने कमेटी के मुख्यालय गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी व नौंवी में एक मीटिंग करके 9 दिसंबर को एग्जीक्यूटिव कमेटी का चुनाव करवाने का ऐलान किया था। नलवी के अनुसार चूंकि जगदीश सिंह झींडा की अध्यक्षता वाली कमेटी का कानूनन कार्यकाल महज 18 महीने का था मगर इसका चुनाव 4 साल से नहीं हो पाया लिहाजा चुनाव करवाया जाना जरूरी है। ताकि सरकार व कोर्ट को जवाब दिया जा सके। नलवी द्वारा बुलाई गई इस मीटिंग में केवल चार सदस्यों जिनमें स्वयं दीदार सिंह नलवी, मोहनजीत सिंह, जसबीर सिंह भाटी व करनैल सिंह निमनाबाद ने ही भाग लिया था। दीदार सिंह नलवी ने इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट में चले रहे कमेटी के केस से संबंधित वकील से मिल सुनवाई जल्दी करवाने की अपील करने, गुरुद्वारों में निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए कमेटी का गठन करने सहित कई फैसले लिए थे।
बिना कोरम पूरा किए कोई भी फैसला असंवैधानिक है : एचएसजीपीसी के महासचिव जोगा सिंह ने कहा कि शुक्रवार की बैठक का निमंत्रण बेशक सभी सदस्यों के पास था। लेकिन अधिकतर सदस्य निजी व्यस्तताओं के कारण मीटिंग में नहीं शामिल हो सके। कोरम के लिए जरूरी 7 सदस्य भी मीटिंग में नहीं आए। इसलिए यह मीटिंग अपने आप ही अमान्य हो गई। ऐसे में दीदार सिंह नलवी व सदस्यों द्वारा लिए गए फैसले भी अमान्य हैं। उन्होंने कहा कि कमेटी की अगली बैठक नवंबर माह के आखिरी सप्ताह में बुलाई जाएगी।
विज्ञापन
झींडा चुनाव नहीं चाहते इसलिए बैठक में शामिल नहीं होते : वरिष्ठ उपप्रधान दीदार सिंह नलवी ने कहा कि झींडा पक्ष चुनाव से बचना चाहता है। इसलिए लंबे समय से जानबूझकर मीटिंगों से दूरी बनाता आ रहा है। नलवी ने कहा कि झींडा गुट द्वारा चुनाव न करवाने के कारण ही जनरल हाउस की बैठक बुलाने का फैसला किया है। कमेटी के गठन से लेकर आज तक सदस्यों को हिसाब नहीं दिया गया है, इसके लिए भी जनरल हाउस की बैठक का होना जरूरी है।
नहीं हो सकी झींडा से बात : एचएसजीएमसी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा से इस विषय में बात करने की कोशिश की गई। लेकिन उनका फोन स्विच आफ आया। कमेटी के एक सदस्य ने बताया कि झींडा लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे हैं। इसलिए वे मीटिंग में नहीं आ पाए और इसी कारण वे बात करने की स्थिति में भी नहीं हैं।
विज्ञापन
हेडिंग - इधर, नलवी ने किया चुनाव की तारीख का ऐलान, उधर, झींडा समर्थक जोगा सिंह ने मीटिंग को बताया अमान्य
चार सदस्य कैसे ले सकते हैं बड़े-बड़े फैसले : जोगा सिंह,
झींडा पक्ष चुनाव से बचना चाहते हैं इसलिए बैठक में नहीं होते शामिल : नलवी
फोटो संख्या-31 व 32
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। एक ओर तो हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के वरिष्ठ उपप्रधान दीदार सिंह नलवी ने एक संक्षिप्त मीटिंग के बाद प्रबंधक कमेटी के चुनाव की घोषणा की। उधर, कमेटी के महासचिव जोगा सिंह का बयान आ गया कि नलवी द्वारा बुलाई गई मीटिंग जरूरी कोरम पूरा न होने के कारण अमान्य है। लिहाजा इस मीटिंग में लिए गए तमाम फैसले भी माने जा सकते। जोगा सिंह ने कहा कि हरियाणा कमेटी की 11 सदस्यीय एग्जीक्यूटिव कमेटी के कम से कम 7 सदस्यों की मौजूदगी के बिना कोई भी मीटिंग वैध नहीं ठहराई जा सकती।
काबिले जिक्र है कि शुक्रवार को हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के उपाध्यक्ष दीदार सिंह नलवी ने कमेटी के मुख्यालय गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी व नौंवी में एक मीटिंग करके 9 दिसंबर को एग्जीक्यूटिव कमेटी का चुनाव करवाने का ऐलान किया था। नलवी के अनुसार चूंकि जगदीश सिंह झींडा की अध्यक्षता वाली कमेटी का कानूनन कार्यकाल महज 18 महीने का था मगर इसका चुनाव 4 साल से नहीं हो पाया लिहाजा चुनाव करवाया जाना जरूरी है। ताकि सरकार व कोर्ट को जवाब दिया जा सके। नलवी द्वारा बुलाई गई इस मीटिंग में केवल चार सदस्यों जिनमें स्वयं दीदार सिंह नलवी, मोहनजीत सिंह, जसबीर सिंह भाटी व करनैल सिंह निमनाबाद ने ही भाग लिया था। दीदार सिंह नलवी ने इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट में चले रहे कमेटी के केस से संबंधित वकील से मिल सुनवाई जल्दी करवाने की अपील करने, गुरुद्वारों में निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए कमेटी का गठन करने सहित कई फैसले लिए थे।
विज्ञापन
बिना कोरम पूरा किए कोई भी फैसला असंवैधानिक है : एचएसजीपीसी के महासचिव जोगा सिंह ने कहा कि शुक्रवार की बैठक का निमंत्रण बेशक सभी सदस्यों के पास था। लेकिन अधिकतर सदस्य निजी व्यस्तताओं के कारण मीटिंग में नहीं शामिल हो सके। कोरम के लिए जरूरी 7 सदस्य भी मीटिंग में नहीं आए। इसलिए यह मीटिंग अपने आप ही अमान्य हो गई। ऐसे में दीदार सिंह नलवी व सदस्यों द्वारा लिए गए फैसले भी अमान्य हैं। उन्होंने कहा कि कमेटी की अगली बैठक नवंबर माह के आखिरी सप्ताह में बुलाई जाएगी।
विज्ञापन
झींडा चुनाव नहीं चाहते इसलिए बैठक में शामिल नहीं होते : वरिष्ठ उपप्रधान दीदार सिंह नलवी ने कहा कि झींडा पक्ष चुनाव से बचना चाहता है। इसलिए लंबे समय से जानबूझकर मीटिंगों से दूरी बनाता आ रहा है। नलवी ने कहा कि झींडा गुट द्वारा चुनाव न करवाने के कारण ही जनरल हाउस की बैठक बुलाने का फैसला किया है। कमेटी के गठन से लेकर आज तक सदस्यों को हिसाब नहीं दिया गया है, इसके लिए भी जनरल हाउस की बैठक का होना जरूरी है।
नहीं हो सकी झींडा से बात : एचएसजीएमसी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा से इस विषय में बात करने की कोशिश की गई। लेकिन उनका फोन स्विच आफ आया। कमेटी के एक सदस्य ने बताया कि झींडा लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे हैं। इसलिए वे मीटिंग में नहीं आ पाए और इसी कारण वे बात करने की स्थिति में भी नहीं हैं।