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गोशाला में एक हजार गाय भूखे मरने की कगार पर, प्रधान व उप प्रधान ने जिम्मेवारी छोडने का एलान किया
Updated Mon, 26 Mar 2018 11:55 PM IST
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गोशाला में एक हजार गाय भूखे मरने की कगार पर, प्रधान और उप प्रधान का जिम्मेवारी छोड़ने का एलान
मंगलवार से नहीं जाएंगे गोशाला में, घटना हुई तो प्रशासन होगा जिम्मेवार-प्रधान
फोटो नंबर-28,29 व 34
नसीब सैनी
कैथल। भैणी माजरा के समीप बनाई गई सरकारी गोशाला में चारे का संकट गहरा गया है। स्थिति इतनी विकट हो चली है कि आज केवल एक ट्राली चारा बचा है। शाम तक ओर चारा नहीं आया तो करीब एक हजार गाय भूखी मर जाएगी। प्रधान और उप प्रधान ने जिला प्रशासन और शहरवासियों से सहयोग की अपील की है। गोशाला की व्यवस्था को देखते हुए प्रधान व उप प्रधान ने मंगलवार से गोशाला में न जाने का एलान कर दिया है।
विदित रहे कि पूर्व एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह के जाने के बाद से ही गोशाला की हालत खस्ता हो चली है। वे नियमित तौर पर गोशाला में जाते थे और किसी तरह से गाय के लिए चारे का प्रबंध हो रहा था। उनके तबादले के बाद कुछ दिन तो चारे की व्यवस्था सुचारु रुप से चली। लेकिन मौजूदा प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कोई ध्यान न दिए जाने के कारण गोशाला में अब चारे का संकट स्थायी समस्या बन गया है। गोशाला समिति के प्रधान सुरेश कुमार व उप प्रधान काबज राम ने पिछले दिनों प्रशासनिक रवैैये से तंग आकर अपने पद से इस्तीफा देने का मन बना लिया था। लेकिन डीसी के आश्वासन के बाद उन्हें कुछ उम्मीद जगी थी और शहर के लोगों सहित पंचायतों द्वारा चारा भेजा दिया गया था। इसके साथ साथ डीसी के आश्वासन पर प्रबंधक समिति ने शेड का निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया था। करीब दस दिन बाद हालात फिर वहीं पहुंच गए है। प्रधान सुरेश कुमार और उप प्रधान काबज राम ने बताया कि गोशाला में मंगलवार के लिए केवल एक ट्राली चारे की है। इसके बाद चारा नहीं आया तो गाय भूखी मर जाएगी। गोशाला में लेबर की समस्या भी बनी हुई है। काम के लिए नगरपालिका कर्मचारी आए थे जो काम पूरा होने से पहले ही चले गए। जिससे चारा कटाई का कार्य भी अधूरा रह गया है। गोशाला के प्रबंध का कार्य बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। उनकी डीसी सहित प्रशासनिक अधिकारियों से अपील है कि गायों के लिए चारे की व्यवस्था करवाई जाए।
शहर के लोगों से की अपील :-
प्रबंधक समिति ने शहर के लोगों से अपील की है कि गायों के लिए अधिक से अधिक दान दें। ताकि गाय भूखी न रहे।
प्रधान नहीं हमारी मजदूरों से भी बदतर हालात:-
प्रधान व उप प्रधान ने बताया कि सोमवार को गोशाला में लेबर नहीं थी। वे दोनो रात को आठ बजे चारा आदि डालकर घर आए है। उनकी हालत मजदूरों से भी बदतर हो गई है। जिस कारण वे मंगलवार से गोशाला में नहीं जाएंगे। यदि वहां कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी जिम्मेवारी प्रशासन की होगी।
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गोशाला संचालन में कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी:-
गोशाला के संचालन में कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। सोमवार को ही गोशाला प्रधान व उप प्रधान उनसे मिले थे। उन्हें चारे के लिए आश्वसत किया गया है और दो लाख रुपये की राशि सरकार की ओर से किसी फंड में आई। वह गोशाला को दे दी जाएगी। जिससे उनके कुछ खर्चे चल सकेंगे।
सुनीता वर्मा, डीसी
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गोशाला में एक हजार गाय भूखे मरने की कगार पर, प्रधान और उप प्रधान का जिम्मेवारी छोड़ने का एलान
मंगलवार से नहीं जाएंगे गोशाला में, घटना हुई तो प्रशासन होगा जिम्मेवार-प्रधान
फोटो नंबर-28,29 व 34
नसीब सैनी
कैथल। भैणी माजरा के समीप बनाई गई सरकारी गोशाला में चारे का संकट गहरा गया है। स्थिति इतनी विकट हो चली है कि आज केवल एक ट्राली चारा बचा है। शाम तक ओर चारा नहीं आया तो करीब एक हजार गाय भूखी मर जाएगी। प्रधान और उप प्रधान ने जिला प्रशासन और शहरवासियों से सहयोग की अपील की है। गोशाला की व्यवस्था को देखते हुए प्रधान व उप प्रधान ने मंगलवार से गोशाला में न जाने का एलान कर दिया है।
विदित रहे कि पूर्व एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह के जाने के बाद से ही गोशाला की हालत खस्ता हो चली है। वे नियमित तौर पर गोशाला में जाते थे और किसी तरह से गाय के लिए चारे का प्रबंध हो रहा था। उनके तबादले के बाद कुछ दिन तो चारे की व्यवस्था सुचारु रुप से चली। लेकिन मौजूदा प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कोई ध्यान न दिए जाने के कारण गोशाला में अब चारे का संकट स्थायी समस्या बन गया है। गोशाला समिति के प्रधान सुरेश कुमार व उप प्रधान काबज राम ने पिछले दिनों प्रशासनिक रवैैये से तंग आकर अपने पद से इस्तीफा देने का मन बना लिया था। लेकिन डीसी के आश्वासन के बाद उन्हें कुछ उम्मीद जगी थी और शहर के लोगों सहित पंचायतों द्वारा चारा भेजा दिया गया था। इसके साथ साथ डीसी के आश्वासन पर प्रबंधक समिति ने शेड का निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया था। करीब दस दिन बाद हालात फिर वहीं पहुंच गए है। प्रधान सुरेश कुमार और उप प्रधान काबज राम ने बताया कि गोशाला में मंगलवार के लिए केवल एक ट्राली चारे की है। इसके बाद चारा नहीं आया तो गाय भूखी मर जाएगी। गोशाला में लेबर की समस्या भी बनी हुई है। काम के लिए नगरपालिका कर्मचारी आए थे जो काम पूरा होने से पहले ही चले गए। जिससे चारा कटाई का कार्य भी अधूरा रह गया है। गोशाला के प्रबंध का कार्य बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। उनकी डीसी सहित प्रशासनिक अधिकारियों से अपील है कि गायों के लिए चारे की व्यवस्था करवाई जाए।
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शहर के लोगों से की अपील :-
प्रबंधक समिति ने शहर के लोगों से अपील की है कि गायों के लिए अधिक से अधिक दान दें। ताकि गाय भूखी न रहे।
प्रधान नहीं हमारी मजदूरों से भी बदतर हालात:-
प्रधान व उप प्रधान ने बताया कि सोमवार को गोशाला में लेबर नहीं थी। वे दोनो रात को आठ बजे चारा आदि डालकर घर आए है। उनकी हालत मजदूरों से भी बदतर हो गई है। जिस कारण वे मंगलवार से गोशाला में नहीं जाएंगे। यदि वहां कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी जिम्मेवारी प्रशासन की होगी।
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गोशाला संचालन में कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी:-
गोशाला के संचालन में कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। सोमवार को ही गोशाला प्रधान व उप प्रधान उनसे मिले थे। उन्हें चारे के लिए आश्वसत किया गया है और दो लाख रुपये की राशि सरकार की ओर से किसी फंड में आई। वह गोशाला को दे दी जाएगी। जिससे उनके कुछ खर्चे चल सकेंगे।
सुनीता वर्मा, डीसी