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फटे गद्दे, वार्ड में फैली गंदगी और बंद शौचालय देख डीसी की तनी भोहें
Updated Tue, 18 Jul 2017 12:07 AM IST
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बेड के फटे गद्दे, वार्ड में फैली गंदगी और बंद शौचालय देख डीसी की तनी भौहें
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। डीसी ने सोमवार को सुबह जिला अस्पताल का दौरा किया। जहां वे खुद अव्यवस्थाएं देखकर हैरान रह गई। अस्पताल में कई बड़ी खामियां मिलीं। जिस पर डीसी ने एक माह में खामियों पर सुधार के निर्देश जारी किए। डीसी ने दौरे के दौरान बंद पड़े शौचालयों, फटे हुए बेड के गद्दों से लेकर गर्मी में बंद पड़े पंखों पर अधिकारियों से जवाब मांगा।
डीसी सुनीता वर्मा ने सबसे पहले इमरजेंसी वार्ड में दौरा कर मरीजों को दी जाने वाली सुविधाएं जांचीं। इसके बाद शिशुओं के आधार पंजीकरण काउंटर, ईसीजी प्रयोगशाला, एक्सरे, सिटी स्कैन, आपातकालीन वार्ड, महिला वार्ड, मैटरनिटी वार्ड, नवजात शिशु वार्ड का दौरा किया। इमरजेंसी के बाद वे ओपीडी वार्डों में पहुंची जहां उन्होंने डाक्टरों द्वारा ओपीडी में किए जा रहे इलाज का जायजा लिया। यहां रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए उमड़ रही भीड़ को देखकर डीसी ने सीएमओ को कर्मचारी बढ़ाने के निर्देश दिए। ताकि रजिस्ट्रेशन का कार्य जल्द हो सके।
महिला शौचालय पर लटका मिला ताला
डीसी ने महिला शौचालय को देखा। जिसमें बदबू का आलम था और महिला शौचालय पर ताला लटका था। जिस पर डीसी ने सीएमओं को फटकार लगाई और इसे तुरंत खुलवाने के लिए कहा। उन्होंने अधिकारियों को लीक हुई टोटी को ठीक करवाने के निर्देश दिए, ताकि व्यर्थ में बह रहे पानी को बचाया जा सके।
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डीसी ने नई शुरू की गई सिटी स्कैन सुविधा का जायजा लिया। वे यहां फटे गद्दे देखकर हैरान रह गईं। उन्होंने तुरंत इन गद्दों को बदलवाने के निर्देश जारी किए व चद्दरों की धुलाई करवाने के लिए भी कहा। इसके साथ ही एंबुलेंस सेवा, बर्न यूनिट तथा माइनर ऑपरेशन थियेटर का भी निरीक्षण किया।
बालकनी की गंदगी पर फटकार
डीसी ने बालकोनी में मरीजों द्वारा डाली गई गंदगी को तुरंत साफ करवाने के निर्देश अधिकारियों को दिए और कहा कि नियमित रूप से इन बालकनी की सफाई सुनिश्चित करवाई जाए। उन्होंने महिला व पुरुषों के वार्ड, हड्डी वार्ड का भी जायजा लिया। उन्होंने प्रथम तल पर रखे वाटर कूलर के पास फर्श पर बिखरे पानी से संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्था की जाए वाटर कूलर के पास फर्श पर पानी न गिरे।
सामान्य वार्ड में बंद मिले पंखे
सामान्य वार्ड के निरीक्षण में डीसी को पंखे बंद मिले। जिस पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसा नहीं होना चाहिए। जब सब कुछ उपलब्ध है तो मरीजों को उसका लाभ मिलना चाहिए। अस्पताल में लगाए गए सभी पंखें दुरुस्त किए जाएं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में बिजली सप्लाई के लिए लगाए गए बोर्डों में से क्षतिग्रस्त हुए बोर्डों को तुरंत बदलवाया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना न हो।
इस अवसर पर सिविल सर्जन अशोक चौधरी ने अस्पताल में मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी डीसी को दी। इस मौके पर उप सिविल सर्जन आरडी चावला सहित अस्पताल के अन्य डाक्टर तथा स्टाफ मौजूद रहा।
गर्भवती महिला को नहीं मिल रहा बेड
डीसी दौरे के दौरान जब वापिस जाने लगीं तो मेन गेट पर मौजूद गर्भवती महिला ने उन्हें अस्पताल प्रशासन द्वारा बेड न दिए जाने की शिकायत दी। गांव बीरबांगड़ा निवासी सरोज ने डीसी से कहा कि वे पिछले सात दिनों से अस्पताल में इलाज करवा रही है। लेकिन उसे बेड नहीं दिया गया है। वह फर्श पर बैठकर ही इलाज के लिए इंतजार कर रही है। इस पर डीसी ने एसएमओ ओमप्रकाश को महिला को बेड देने के आदेश दिया।
एक महीने का दिया समय, नहीं सुधरे हालात तो होगा एक्शन
डीसी सुनीता वर्मा ने कहा कि दौरे के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर जो खामियां मिली है। उस पर वह सीएमओ व अन्य स्टाफ से विचार कर इसे एक महीने में दुरुस्त करने में निर्देश दिए हैं। एक महीने के बाद वह दोबारा से अस्पताल का दौरा करके व्यवस्थाओं को जानेंगी। यदि उसके बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ तो वे संबधित अधिकारी पर एक्शन लेंगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। डीसी ने सोमवार को सुबह जिला अस्पताल का दौरा किया। जहां वे खुद अव्यवस्थाएं देखकर हैरान रह गई। अस्पताल में कई बड़ी खामियां मिलीं। जिस पर डीसी ने एक माह में खामियों पर सुधार के निर्देश जारी किए। डीसी ने दौरे के दौरान बंद पड़े शौचालयों, फटे हुए बेड के गद्दों से लेकर गर्मी में बंद पड़े पंखों पर अधिकारियों से जवाब मांगा।
डीसी सुनीता वर्मा ने सबसे पहले इमरजेंसी वार्ड में दौरा कर मरीजों को दी जाने वाली सुविधाएं जांचीं। इसके बाद शिशुओं के आधार पंजीकरण काउंटर, ईसीजी प्रयोगशाला, एक्सरे, सिटी स्कैन, आपातकालीन वार्ड, महिला वार्ड, मैटरनिटी वार्ड, नवजात शिशु वार्ड का दौरा किया। इमरजेंसी के बाद वे ओपीडी वार्डों में पहुंची जहां उन्होंने डाक्टरों द्वारा ओपीडी में किए जा रहे इलाज का जायजा लिया। यहां रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए उमड़ रही भीड़ को देखकर डीसी ने सीएमओ को कर्मचारी बढ़ाने के निर्देश दिए। ताकि रजिस्ट्रेशन का कार्य जल्द हो सके।
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महिला शौचालय पर लटका मिला ताला
डीसी ने महिला शौचालय को देखा। जिसमें बदबू का आलम था और महिला शौचालय पर ताला लटका था। जिस पर डीसी ने सीएमओं को फटकार लगाई और इसे तुरंत खुलवाने के लिए कहा। उन्होंने अधिकारियों को लीक हुई टोटी को ठीक करवाने के निर्देश दिए, ताकि व्यर्थ में बह रहे पानी को बचाया जा सके।
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डीसी ने नई शुरू की गई सिटी स्कैन सुविधा का जायजा लिया। वे यहां फटे गद्दे देखकर हैरान रह गईं। उन्होंने तुरंत इन गद्दों को बदलवाने के निर्देश जारी किए व चद्दरों की धुलाई करवाने के लिए भी कहा। इसके साथ ही एंबुलेंस सेवा, बर्न यूनिट तथा माइनर ऑपरेशन थियेटर का भी निरीक्षण किया।
बालकनी की गंदगी पर फटकार
डीसी ने बालकोनी में मरीजों द्वारा डाली गई गंदगी को तुरंत साफ करवाने के निर्देश अधिकारियों को दिए और कहा कि नियमित रूप से इन बालकनी की सफाई सुनिश्चित करवाई जाए। उन्होंने महिला व पुरुषों के वार्ड, हड्डी वार्ड का भी जायजा लिया। उन्होंने प्रथम तल पर रखे वाटर कूलर के पास फर्श पर बिखरे पानी से संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्था की जाए वाटर कूलर के पास फर्श पर पानी न गिरे।
सामान्य वार्ड में बंद मिले पंखे
सामान्य वार्ड के निरीक्षण में डीसी को पंखे बंद मिले। जिस पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसा नहीं होना चाहिए। जब सब कुछ उपलब्ध है तो मरीजों को उसका लाभ मिलना चाहिए। अस्पताल में लगाए गए सभी पंखें दुरुस्त किए जाएं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में बिजली सप्लाई के लिए लगाए गए बोर्डों में से क्षतिग्रस्त हुए बोर्डों को तुरंत बदलवाया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना न हो।
इस अवसर पर सिविल सर्जन अशोक चौधरी ने अस्पताल में मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी डीसी को दी। इस मौके पर उप सिविल सर्जन आरडी चावला सहित अस्पताल के अन्य डाक्टर तथा स्टाफ मौजूद रहा।
गर्भवती महिला को नहीं मिल रहा बेड
डीसी दौरे के दौरान जब वापिस जाने लगीं तो मेन गेट पर मौजूद गर्भवती महिला ने उन्हें अस्पताल प्रशासन द्वारा बेड न दिए जाने की शिकायत दी। गांव बीरबांगड़ा निवासी सरोज ने डीसी से कहा कि वे पिछले सात दिनों से अस्पताल में इलाज करवा रही है। लेकिन उसे बेड नहीं दिया गया है। वह फर्श पर बैठकर ही इलाज के लिए इंतजार कर रही है। इस पर डीसी ने एसएमओ ओमप्रकाश को महिला को बेड देने के आदेश दिया।
एक महीने का दिया समय, नहीं सुधरे हालात तो होगा एक्शन
डीसी सुनीता वर्मा ने कहा कि दौरे के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर जो खामियां मिली है। उस पर वह सीएमओ व अन्य स्टाफ से विचार कर इसे एक महीने में दुरुस्त करने में निर्देश दिए हैं। एक महीने के बाद वह दोबारा से अस्पताल का दौरा करके व्यवस्थाओं को जानेंगी। यदि उसके बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ तो वे संबधित अधिकारी पर एक्शन लेंगी।