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ट्रांसपोर्ट नगर के लिए अब सरेंडर करना भी किया हुडा के अधिकारियों ने अस्वीकार
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कैथल। ट्रांसपोर्ट नगर के दुकानदारों को अब हुडा के अधिकारियों की मनमानी का शिकार होना पड़ रहा है। जिस कारण अब उन्हें उन दुकानों का सरेंडर भी नहीं करने दिया जा रहा, जिसके लिए उन्होंने करीब 6 लाख व 16 लाख रुपये की राशि भरी थी और अब हुडा की अनाप-शनाप शर्तों के कारण ट्रांसपोर्ट नगर में इन दुकानों को बनाना नहीं चाहते। परेशान ट्रांसपोर्ट नगर के दुकानदारों ने सोमवार सुबह हरियाणा सरकार में एक ओर सुधार प्रोजेक्ट के डायरेक्टर रॉकी मित्तल को ज्ञापन सौंपा। मित्तल ने कहा कि वे शीघ्र ही मुख्यमंत्री से समय लेकर दुकानदारों की समस्या का समाधान करवाएंगे।
10 साल से भटक रहे हैं 400 दुकानदार:
कैथल ट्रांसपोर्ट नगर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान रमेश नागपाल ने बताया कि शहर में चल रही ट्रैक्टर, ट्रक व अन्य ट्रांसपोर्टेशन के रिपेयर संबंधी कई तरह की दुकानों व प्रतिष्ठानों को ट्रांसपोर्ट नगर में सरकार ने सर्वे करके 398 दुकानें अलॉट की थीं। जिसमें से 244 बूथ थे और 154 बड़ी दुकानें थीं। बूथ के लिए 5.88 लाख रुपये व बड़ी दुकानों के लिए 16.34 हजार रुपये की राशि जमा करवाई गई। अब जब दुकानदार वहां दुकान बनाने के लिए जाते हैं तो उनसे अनाप-शनाप पानी, सीवरेज तक के 20 से 30 हजार रुपये की राशि का बिल लिया जा रहा है। इसके अलावा भी कभी समय की पाबंदी तो कभी किसी तरह की पाबंदी के कारण आजीज आए दुकानदारों ने दुकानें सरेंडर करना शुरू कर दी। करीब 100 लोग सरेंडर कर चुके हैं। अब हुडा के एस्टेट ऑफिसर यह कहकर सरेंडर करने के आवेदन नहीं ले रहे हैं कि सरेंडर की काफी दुकानें हो गई हैं।
दुकानदारों ने कहा कि ना तो अधिकारी सरेंडर ही करवा रहे और न ही उनका नक्शा पास कर रहे। अधिकारियों का कहना है कि उन्हें निर्माण के लिए 17 माह दिए गए थे। जिसमें तीन माह नक्शा पास करवाने के थे। 12 महीने निर्माण व 2 माह निर्माण कार्य पूरा करने के हैं। न तो नक्शा पास हो रहा और न ही वे सरेंडर कर पा रहे हैं। गरीब व छोटे दुकानदार हैं। जिन्होंने पाई-पाई जोड़कर हुडा को लाखों रुपये दिए और अब उन पर सभी तरह के नियम बेवजह थोपे जा रहे हैं।
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दुकानदारों में होशियार सिंह, राजकुमार, बलवान सिंह, रामेश्वर, सुभाष, दिलबाग सिंह, रमेश खान, कुलदीप, विकास गर्ग सहित अन्य ने हरियाणा सरकार के एक ओर सुधार प्रोजेक्ट के डायरेक्टर रॉकी मित्तल को ज्ञापन सौंपा। जिसमें मांग की गई कि मुख्यमंत्री ट्रांसपोर्ट नगर में प्लाट आवंटन व बाद में दुकान निर्माण कार्य को सरल करें। हुडा द्वारा थोपे जा रहे नियमों से राहत दिलवाई जाए और साथ ही उनके या तो नक्शे पास करवाए जाएं। या फिर उन्हें सरेंडर करने का अवसर दिया जाए। ताकि उनकी लाखों रुपये की राशि तो कम से कम उन्हें मिल सके। रॉकी मित्तल ने कहा कि दुकानदारों की वाकई यह बड़ी समस्या है। इसके लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल जी से दुकानदारों की मुलाकात करवाई जाएगी। ताकि मुख्यमंत्री को दुकानदार अपनी पीड़ा सुना सकें और इस समस्या का कोई न कोई समाधान निकल सके।
हुडा के इस्टेट ऑफिसर सिद्धार्थ का कहना है कि दुकानदारों को तय अवधि में दुकान बनानी थी। यह अवधि निकल चुकी है। डेट एक्सपायर होने के बाद ही वे नक्शे व निर्माण के लिए आवेदन कर रहे हैं। इसी कारण दिक्कत आ रही है। दुकानदारों को कहा गया है कि वे अपना एक मांग पत्र दे दें। उसे आला अधिकारियों को भेज दिया जाएगा। सरकार के निर्देशानुसार आगे काम किया जाएगा।
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10 साल से भटक रहे हैं 400 दुकानदार:
कैथल ट्रांसपोर्ट नगर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान रमेश नागपाल ने बताया कि शहर में चल रही ट्रैक्टर, ट्रक व अन्य ट्रांसपोर्टेशन के रिपेयर संबंधी कई तरह की दुकानों व प्रतिष्ठानों को ट्रांसपोर्ट नगर में सरकार ने सर्वे करके 398 दुकानें अलॉट की थीं। जिसमें से 244 बूथ थे और 154 बड़ी दुकानें थीं। बूथ के लिए 5.88 लाख रुपये व बड़ी दुकानों के लिए 16.34 हजार रुपये की राशि जमा करवाई गई। अब जब दुकानदार वहां दुकान बनाने के लिए जाते हैं तो उनसे अनाप-शनाप पानी, सीवरेज तक के 20 से 30 हजार रुपये की राशि का बिल लिया जा रहा है। इसके अलावा भी कभी समय की पाबंदी तो कभी किसी तरह की पाबंदी के कारण आजीज आए दुकानदारों ने दुकानें सरेंडर करना शुरू कर दी। करीब 100 लोग सरेंडर कर चुके हैं। अब हुडा के एस्टेट ऑफिसर यह कहकर सरेंडर करने के आवेदन नहीं ले रहे हैं कि सरेंडर की काफी दुकानें हो गई हैं।
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दुकानदारों ने कहा कि ना तो अधिकारी सरेंडर ही करवा रहे और न ही उनका नक्शा पास कर रहे। अधिकारियों का कहना है कि उन्हें निर्माण के लिए 17 माह दिए गए थे। जिसमें तीन माह नक्शा पास करवाने के थे। 12 महीने निर्माण व 2 माह निर्माण कार्य पूरा करने के हैं। न तो नक्शा पास हो रहा और न ही वे सरेंडर कर पा रहे हैं। गरीब व छोटे दुकानदार हैं। जिन्होंने पाई-पाई जोड़कर हुडा को लाखों रुपये दिए और अब उन पर सभी तरह के नियम बेवजह थोपे जा रहे हैं।
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दुकानदारों में होशियार सिंह, राजकुमार, बलवान सिंह, रामेश्वर, सुभाष, दिलबाग सिंह, रमेश खान, कुलदीप, विकास गर्ग सहित अन्य ने हरियाणा सरकार के एक ओर सुधार प्रोजेक्ट के डायरेक्टर रॉकी मित्तल को ज्ञापन सौंपा। जिसमें मांग की गई कि मुख्यमंत्री ट्रांसपोर्ट नगर में प्लाट आवंटन व बाद में दुकान निर्माण कार्य को सरल करें। हुडा द्वारा थोपे जा रहे नियमों से राहत दिलवाई जाए और साथ ही उनके या तो नक्शे पास करवाए जाएं। या फिर उन्हें सरेंडर करने का अवसर दिया जाए। ताकि उनकी लाखों रुपये की राशि तो कम से कम उन्हें मिल सके। रॉकी मित्तल ने कहा कि दुकानदारों की वाकई यह बड़ी समस्या है। इसके लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल जी से दुकानदारों की मुलाकात करवाई जाएगी। ताकि मुख्यमंत्री को दुकानदार अपनी पीड़ा सुना सकें और इस समस्या का कोई न कोई समाधान निकल सके।
हुडा के इस्टेट ऑफिसर सिद्धार्थ का कहना है कि दुकानदारों को तय अवधि में दुकान बनानी थी। यह अवधि निकल चुकी है। डेट एक्सपायर होने के बाद ही वे नक्शे व निर्माण के लिए आवेदन कर रहे हैं। इसी कारण दिक्कत आ रही है। दुकानदारों को कहा गया है कि वे अपना एक मांग पत्र दे दें। उसे आला अधिकारियों को भेज दिया जाएगा। सरकार के निर्देशानुसार आगे काम किया जाएगा।