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एसडीएम के सामने भिड़े दोनों एसोसिएशनों के आढ़ती

Sat, 13 Apr 2019 12:39 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 13 Apr 2019 12:39 AM IST
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एसडीएम के सामने भिड़े दोनों एसोसिएशनों के आढ़ती
कैथल। अनाज मंडी में हड़ताल पर शुक्रवार को दोनों एसोसिएशनों के आढ़तियों में एसडीएम की मौजूदगी में खूब शब्दबाण चले। दोनों के आपसी मतभेद के बीच एसडीएम ने हड़ताल में गेहूं खरीदने पर सहमत एक ग्रुप के आढ़तियों को साथ लेकर मंडी में बोली शुरू करवा दी। हालांकि गेहूं में नमी की मात्रा ज्यादा होने से खरीद नहीं हो पाई। लेकिन जिस तरह से कई आढ़ती गेहूं खरीद के लिए तैयार हो गए हैं, उससे लगता है कि हड़ताल को लेकर आढ़ती दो फाड़ हो सकते हैं। इससे किसानों के साथ-साथ प्रशासन को भी राहत की सांस मिलेगी। क्योंकि मंडी में गेहूं की कई ढेरियों की आवक हो चुकी है और एक-दो दिन में मंडी में आवक और भी बढ़ सकती है।
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एसडीएम ईशा कंबोज शुक्रवार सुबह अनाज मंडी में पहुंची। जहां उन्होंने बोली करवाने के लिए मंडी प्रधान कृष्ण मित्तल व शमशेर मित्तल को फोन करके कमेटी में बुलाया। कृष्ण मित्तल के बाहर होने के कारण उनकी अनुपस्थित में मांगे राम खुरानिया कई आढ़तियों के साथ पहुंचे। जब एसडीएम ने उनसे मंडी में गेहूं की बोली करवाने को कहा तो प्रदेश में आनलाइन के बारे में चल रही हड़ताल के कारण अश्वनी शोरेवाला गुट ने बोली करवाने से स्पष्ट इंकार कर दिया। जबकि कृष्ण मित्तल ग्रुप की ओर से मांगे राम ने कहा कि यदि गेहूं की बोली जिला प्रशासन करवाना चाहता है तो जिला प्रशासन करवा ले। इसी बात पर दोनों गुटों में विवाद हो गया। एसडीएम की मौजूदगी में ही दोनों भिड़ गए। जिला अधिकारियों ने भी इस गुटबाजी का फायदा उठाना चाहा और चल रही हड़ताल तोड़ने के लिए गेहूं की सरकारी खरीद शुरू करवा दी। गेहूं में तय नमी की मात्रा ज्यादा पाई जाने पर सरकारी एजेंसियां मंडी से खरीद नहीं कर सकी।
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दो एसोसिएशन होने पर मिल सकता है किसानों को हड़ताल के बीच का रास्ता : एसडीएम ईशा कंबोज आढ़तियों की हड़ताल के बीच बोली शुरू करवाने में सफल रहीं। ऐसे में जब आवक बढ़ जाएगी तो प्रशासन हड़ताल के बीच में भी बोली करवा सकता है। इस स्थिति में किसानों को राहत मिलेगी। क्योंकि शुक्रवार को तो गेहूं में नमी की मात्रा अधिक होने के कारण खरीद नहीं हो पाई। एक-दो दिन में जब गेहूं की आवक बढ़ जाएगी तो प्रशासन बोली करवाने में सफल रह सकता है।
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