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सरकारी गोशाला में चारा तीन दिन का, इस्तीफा लेकर डीसी कार्यालय पहुंचे प्रधान व उप-प्रधान
Updated Wed, 14 Mar 2018 11:56 PM IST
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नसीब सैनी
कैथल। सरकार द्वारा गांव भैणी माजरा के निकट खोली गई कपिस्थल गोशाला में चारे का संकट खड़ा हो गया है। निवर्तमान एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह के तबादले के बाद प्रशासन ने गोशाला की सुध ही नहीं ली और ना ही गोशाला समिति की सुनवाई की। जिस कारण गोशाला समिति के प्रधान सुरेश गुप्ता व उप-प्रधान काबल सिंह अपना इस्तीफा लेकर बुधवार शाम डीसी कार्यालय पहुंच गए। इसके बाद डीसी ने प्रधान को आश्वासन दिया कि जिले के लोगों की मदद से गोशाला के लिए व्यवस्था करवाएंगी।
सरकार द्वारा नगर परिषद की जमीन में बनाई गई नंदीशाला में इस समय करीब 1000 गाय, नंदी व बछड़े-बछड़ी हैं। जिनके लिए निवर्तमान एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह खूब प्रयास कर रहे थे। वे नियमित तौर पर गोशाला में जाते थे और लोगों के सहयोग से गोशाला का जैसे-तैसे काम चल रहा था। उन्होंने यहां सौर ऊर्जा की मदद से बिजली, पानी, तीन बड़े शैड सहित नंदियों के लिए अलग-अलग व्यवस्था करवा दी थी। लेकिन उनके तबादले के बाद प्रशासन ने गोशाला की कोई सुध नहीं ली।
गोशाला में तीन दिन का बचा है सूखा चारा, आगे कैसे चलेगा काम:-अमर उजाला द्वारा बुधवार सुबह नंदीशाला का जायजा लिया गया। वहां काम कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि करीब 1000 पशुओं के लिए यहां तीन दिन का सूखा चारा है। हर रोज शुगर मिल व बाजार से लगभग 80 क्विंटल हरा चारा खरीदा जा रहा है। सूखे चारे के लिए लोगों से आग्रह किया जा रहा है। अभी तक गोशाला में भूख से किसी पशु की मौत नहीं हुई है। लेकिन सूखा चारा कम है। इसमें लोगों के सहयोग की जरुरत है।
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प्रधान सुरेश कुमार इस मामले में एडीसी पार्थ गुप्ता से मिले। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे कुछ करेंगे। इसके बाद प्रधान ने डीसी सुनीता वर्मा ने मुलाकात की। उन्होंने प्रधान को एसडीएम कमलप्रीत कौर से मिलने को कहा। जिस पर समिति के पदाधिकारी एसडीएम कमलप्रीत कौर से मिले। एसडीएम ने भी उन्हें आश्वासन ही दिया। बार-बार आग्रह के बावजूद सुनवाई ना होने पर और गोशाला में चारा कम रहने के कारण प्रधान सुरेश कुमार अपने साथी उप-प्रधान काबल सिंह के साथ बुधवार सांय डीसी कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने अपने इस्तीफे की पेशकश की। हालांकि उनकी डीसी से मुलाकात तो नहीं हो पाई। बाद में उनकी एडीसी से मुलाकात हुई।
प्रधान सुरेश कुमार ने बताया कि डीसी ने फोन पर आश्वस्त किया कि गायों के लिए घास की कमी नहीं आने दी जाएगी। आम जन के सहयोग से यहां चारे का भी प्रबंध किया जाएगा। साथ ही डी-प्लान से गोशाला मेें शेड के निर्माण का भी आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि सूखा चारा महज 3 दिन का बचा है। हर रोज यहां 50 हजार रुपये का खर्च है। यदि सहयोग नहीं मिलेगा तो इतने पशुओं को वे कैसे संभालेंगे। इसीलिए उन्होंने जिम्मेवारी छोड़ने का मन बनाया था। लेकिन अब डीसी सहित एडीसी साहब ने भी आश्वासन दिया है। गायों की सेवा का काम जारी रहेगा।
गो सेवा आयोग के सदस्य द्वारा बांटी गई राशि में से नहीं मिली कोई ग्रांट : पिछले सप्ताह ही गो सेवा आयोग के सदस्य भानी राम मंगला ने गोशालाओं के लिए चेक बांटे थे। लेकिन इस गोशाला के लिए कोई चेक नहीं दिया गया। इसके लिए बताया गया कि गोशाला को निर्माण कार्य के लिए सरकार द्वारा पहले ही 7 लाख रुपये की राशि दी जा चुकी है।
जनता से अपील, गायों के लिए दान दें : समिति सहित जिला प्रशासन ने जनता से अपील की है कि गायों की सेवा के लिए दान दें। चारे सहित जो भी संभव हो सके, इन गायों के पालन-पोषण के लिए आगे आएं। ताकि जिन पशुओं को सडक़ों से हटाया गया था, उन्हें भूखा मरने की नौबत ना आए।
जिला कैथल की सभी गोशालाओं के सदस्यों की बैठक सीवन गोशाला में 18 को
सीवन। जिला कैथल की सभी गौशालाओं के सदस्यों की बैठक सीवन गोशाला में 18 मार्च दिन रविवार को सुबह 11 बजे होगी। इसमें गोशालाओं में आ रही आर्थिक तंगी सहित अन्य अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श करके आगे की रणनीति तय की जाएगी। सीवन गोशाला के उप-प्रधान पवन शर्मा व सदस्य पाली सैनी ने यह जानकारी दी।
अमर उजाला एक्सक्लूसिव
सरकारी गोशाला में चारा तीन दिन का, इस्तीफा लेकर डीसी कार्यालय पहुंचे प्रधान व उप-प्रधान
एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह के तबादले के बाद प्रशासन ने नहीं ली गोशाला की सुध
गोशाला समिति को चारा जुटाने के लिए लगाना पड़ रहा है एड़ी चोटी का जोर
कोई सुनवाई को तैयार नहीं तो बुधवार सांय तैयार हो गए इस्तीफा देने को
हरा चारा मंडी व शुगर मिल से हर रोज खरीद कर काम चला रहे हैं संचालक
1000 गायों के पेट भरने के लिए खड़ा हो सकता है बड़ा संकट
फोटो संख्या-3, 4, 5 व 6
कैथल। सरकार द्वारा गांव भैणी माजरा के निकट खोली गई कपिस्थल गोशाला में चारे का संकट खड़ा हो गया है। निवर्तमान एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह के तबादले के बाद प्रशासन ने गोशाला की सुध ही नहीं ली और ना ही गोशाला समिति की सुनवाई की। जिस कारण गोशाला समिति के प्रधान सुरेश गुप्ता व उप-प्रधान काबल सिंह अपना इस्तीफा लेकर बुधवार शाम डीसी कार्यालय पहुंच गए। इसके बाद डीसी ने प्रधान को आश्वासन दिया कि जिले के लोगों की मदद से गोशाला के लिए व्यवस्था करवाएंगी।
सरकार द्वारा नगर परिषद की जमीन में बनाई गई नंदीशाला में इस समय करीब 1000 गाय, नंदी व बछड़े-बछड़ी हैं। जिनके लिए निवर्तमान एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह खूब प्रयास कर रहे थे। वे नियमित तौर पर गोशाला में जाते थे और लोगों के सहयोग से गोशाला का जैसे-तैसे काम चल रहा था। उन्होंने यहां सौर ऊर्जा की मदद से बिजली, पानी, तीन बड़े शैड सहित नंदियों के लिए अलग-अलग व्यवस्था करवा दी थी। लेकिन उनके तबादले के बाद प्रशासन ने गोशाला की कोई सुध नहीं ली।
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गोशाला में तीन दिन का बचा है सूखा चारा, आगे कैसे चलेगा काम:-अमर उजाला द्वारा बुधवार सुबह नंदीशाला का जायजा लिया गया। वहां काम कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि करीब 1000 पशुओं के लिए यहां तीन दिन का सूखा चारा है। हर रोज शुगर मिल व बाजार से लगभग 80 क्विंटल हरा चारा खरीदा जा रहा है। सूखे चारे के लिए लोगों से आग्रह किया जा रहा है। अभी तक गोशाला में भूख से किसी पशु की मौत नहीं हुई है। लेकिन सूखा चारा कम है। इसमें लोगों के सहयोग की जरुरत है।
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प्रधान सुरेश कुमार इस मामले में एडीसी पार्थ गुप्ता से मिले। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे कुछ करेंगे। इसके बाद प्रधान ने डीसी सुनीता वर्मा ने मुलाकात की। उन्होंने प्रधान को एसडीएम कमलप्रीत कौर से मिलने को कहा। जिस पर समिति के पदाधिकारी एसडीएम कमलप्रीत कौर से मिले। एसडीएम ने भी उन्हें आश्वासन ही दिया। बार-बार आग्रह के बावजूद सुनवाई ना होने पर और गोशाला में चारा कम रहने के कारण प्रधान सुरेश कुमार अपने साथी उप-प्रधान काबल सिंह के साथ बुधवार सांय डीसी कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने अपने इस्तीफे की पेशकश की। हालांकि उनकी डीसी से मुलाकात तो नहीं हो पाई। बाद में उनकी एडीसी से मुलाकात हुई।
प्रधान सुरेश कुमार ने बताया कि डीसी ने फोन पर आश्वस्त किया कि गायों के लिए घास की कमी नहीं आने दी जाएगी। आम जन के सहयोग से यहां चारे का भी प्रबंध किया जाएगा। साथ ही डी-प्लान से गोशाला मेें शेड के निर्माण का भी आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि सूखा चारा महज 3 दिन का बचा है। हर रोज यहां 50 हजार रुपये का खर्च है। यदि सहयोग नहीं मिलेगा तो इतने पशुओं को वे कैसे संभालेंगे। इसीलिए उन्होंने जिम्मेवारी छोड़ने का मन बनाया था। लेकिन अब डीसी सहित एडीसी साहब ने भी आश्वासन दिया है। गायों की सेवा का काम जारी रहेगा।
गो सेवा आयोग के सदस्य द्वारा बांटी गई राशि में से नहीं मिली कोई ग्रांट : पिछले सप्ताह ही गो सेवा आयोग के सदस्य भानी राम मंगला ने गोशालाओं के लिए चेक बांटे थे। लेकिन इस गोशाला के लिए कोई चेक नहीं दिया गया। इसके लिए बताया गया कि गोशाला को निर्माण कार्य के लिए सरकार द्वारा पहले ही 7 लाख रुपये की राशि दी जा चुकी है।
जनता से अपील, गायों के लिए दान दें : समिति सहित जिला प्रशासन ने जनता से अपील की है कि गायों की सेवा के लिए दान दें। चारे सहित जो भी संभव हो सके, इन गायों के पालन-पोषण के लिए आगे आएं। ताकि जिन पशुओं को सडक़ों से हटाया गया था, उन्हें भूखा मरने की नौबत ना आए।
जिला कैथल की सभी गोशालाओं के सदस्यों की बैठक सीवन गोशाला में 18 को
सीवन। जिला कैथल की सभी गौशालाओं के सदस्यों की बैठक सीवन गोशाला में 18 मार्च दिन रविवार को सुबह 11 बजे होगी। इसमें गोशालाओं में आ रही आर्थिक तंगी सहित अन्य अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श करके आगे की रणनीति तय की जाएगी। सीवन गोशाला के उप-प्रधान पवन शर्मा व सदस्य पाली सैनी ने यह जानकारी दी।
अमर उजाला एक्सक्लूसिव
सरकारी गोशाला में चारा तीन दिन का, इस्तीफा लेकर डीसी कार्यालय पहुंचे प्रधान व उप-प्रधान
एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह के तबादले के बाद प्रशासन ने नहीं ली गोशाला की सुध
गोशाला समिति को चारा जुटाने के लिए लगाना पड़ रहा है एड़ी चोटी का जोर
कोई सुनवाई को तैयार नहीं तो बुधवार सांय तैयार हो गए इस्तीफा देने को
हरा चारा मंडी व शुगर मिल से हर रोज खरीद कर काम चला रहे हैं संचालक
1000 गायों के पेट भरने के लिए खड़ा हो सकता है बड़ा संकट
फोटो संख्या-3, 4, 5 व 6