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एनआरआई दुल्हे की बारात में गए तीन चचेरे भाईयों और एक भतीजे की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत

Tue, 26 Dec 2017 10:29 PM IST
Updated Tue, 26 Dec 2017 10:29 PM IST
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एनआरआई दुल्हे की बारात में गए तीन चचेरे भाईयों और एक भतीजे की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत
एनआरआई दूल्हे की बारात में गए तीन चचेरे भाईयों और एक भतीजे की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल, पूंडरी। गांव हाबड़ी से एक एनआरआई की बारात में पटियाला बारात में जा रहे गांव हाबड़ी के तीन चचेरे भाईयों व उनके भतीजे की पटियाला में चीका रोड पर हुए सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। इसी के चलते विवाह की खुशियां मातम में बदल गईं और गांव हाबड़ी में शोक की लहर दौड़ गई है। मरने वालों में युवक अपने परिवार का इकलौता चिराग था। जिस कारण गम का पहाड़ परिवार पर टूट गया है।
गांव हाबड़ी के हरजिंद्र सिंह ने हादसे के बाद बताया कि गांव में ही एक डेरे में रह रहे काबल सिंह के पुत्र एनआरआई परविंद्र सिंह का मंगलवार को पटियाला में विवाह था। सुबह सभी परिजन बारात में गए थे। इनमें गांव हाबड़ी में रह रहे काबल सिंह के परिवार में उनके चचेरे भाई सुखपाल(60)ह़रभजन सिंह (50), गुरमीत सिंह(50) के अलावा उनके 22 वर्षीय भतीजे रणजीत सिंह के अलावा कुछ परिवार के अन्य लोग एक इनोवा में सवार थे। अभी तक जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार एक सडक़ दुर्घटना में इन सभी की दर्दनाक मौत हो गई। उनके साथ संजीव सिंह, प्रीतम सिंह, ओमकार सिंह व एक बच्चे अमानत को चोट लगने की जानकारी प्राप्त हुई है। हादसे के बाद से ही गांव से काफी संख्या में लोग पटियाला रवाना हो गए हैं। उन्हें पता चला है कि जैसे-तैसे विवाह की रस्में पूरी हो पाई हैं।
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मरने वाले सभी जमींदार:-
मरने वाले सभी गांव में ही खेती-बाड़ी का काम करते हैं। उनके पास सामान्य स्तर पर ही जमीनें हैं। जिससे किसी तरह परिवार का गुजारा चला रहे थे।
अकेला चिराग था परिवार का रणजीत:-
मृतक रणजीत परिवार का अकेला चिराग था। वह अविवाहित था। परिवार में उसके पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। बहन की शादी हो चुकी है। बुढ़ी मां का वही सहारा था। जो भगवान को प्यारा हो गया है। परिवार पर टूट पड़े इस दुखों के पहाड़ के चलते विवाह की खुशियां मातम में बदल गई हैं।
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