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जीएसटी के विरोध में दूसरे दिन भी बंद रही कपड़ा हॉल सेल मार्केट
Updated Fri, 30 Jun 2017 12:21 AM IST
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जीएसटी के विरोध में दूसरे दिन भी बंद रही कपड़ा हॉल सेल मार्केट
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जीएसटी के विरोध में कपड़ा व्यापारियों द्वारा की गई हड़ताल वीरवार को दूसरे दिन भी जारी रही। व्यापारियों ने जीएसटी के विरोध में अपनी दुकाने भी बंद रखी और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। व्यापारियों का कहना है कि सरकार कपड़े पर जीएसटी लगाकर व्यापारियों पर टेक्स का बोझ डाल रही है। होलसेल क्लॉथ एसोसिएशन के प्रधान रमेश डेमला ने बताया कि जीएसटी के विरोध में पूरे देश में कपड़ा मार्केट तीन दिनों के लिए बंद है। कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार को देशव्यापी हड़ताल में सभी कपड़ा व्यापारी हड़ताल करेंगे। उन्होंने बताया कि जीएसटी के विरोध में पूरे देश में कपड़ा मंडियां बंद है। उन्होंने यह भी कहा कि हड़ताल के दौरान जो भी व्यापारी दुकान खोलेगा, उस पर भारी भरकम जुर्माना भी लगाया जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि जीएसटी को कपड़े के व्यापार से हटाया जाए।
हड़ताल पर होलसेल क्लास एसोसिएशन के उप प्रधान सोमनाथ ग्रोवर, राकेश चुघ, मदनलाल सुनेजा, देशराज, रामदास मदान, ज्ञानचंद सुनेजा, चंद्र गिरधर, जगदीश, अशोक, मनीष ग्रोवर व अन्य व्यापारी भी मौजूद रहे।
भटकते रहे ग्राहक, दो दिन में तीन करोड़ के व्यपार को लगा फटका:-जीएसटी के विरोध में कपड़ा व्यापारियों के हड़ताल के कारण ग्रहक कपड़े खरीदने के भटकते रहे। हॉलसेल कपड़ा मार्केट के बंद रहने के कारण ग्राहक कपड़ा नहीं खरीद सके। पिछले दो दिनों से चल रही हड़ताल के कारण पूरे जिला में करीब तीन करोड़ रुपये के व्यापार को फटका लगा है।
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सरकार खत्म करे कागजी कारवाई तो बनेगी बात:-प्रधान रमेश डेमला ने बताया कि सरकार द्वारा कपड़े पर टेक्स लगाना देश गरीब लोगों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि जीएासटी के शुरु होने से जहां करीब 80 दुकानों में पड़ा 28 करोड़ रुपये का मॉल इंपाऊड होकर जीएसटी के दायरे में आएगा। वहीं दुकानदारों के समक्ष लेने देन के लिए होने वाली कागजी कारवाई भी बढ़ेगी जिससे दुकानदारों को काफी कठिनाई होंगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जीएसटी के विरोध में कपड़ा व्यापारियों द्वारा की गई हड़ताल वीरवार को दूसरे दिन भी जारी रही। व्यापारियों ने जीएसटी के विरोध में अपनी दुकाने भी बंद रखी और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। व्यापारियों का कहना है कि सरकार कपड़े पर जीएसटी लगाकर व्यापारियों पर टेक्स का बोझ डाल रही है। होलसेल क्लॉथ एसोसिएशन के प्रधान रमेश डेमला ने बताया कि जीएसटी के विरोध में पूरे देश में कपड़ा मार्केट तीन दिनों के लिए बंद है। कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार को देशव्यापी हड़ताल में सभी कपड़ा व्यापारी हड़ताल करेंगे। उन्होंने बताया कि जीएसटी के विरोध में पूरे देश में कपड़ा मंडियां बंद है। उन्होंने यह भी कहा कि हड़ताल के दौरान जो भी व्यापारी दुकान खोलेगा, उस पर भारी भरकम जुर्माना भी लगाया जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि जीएसटी को कपड़े के व्यापार से हटाया जाए।
हड़ताल पर होलसेल क्लास एसोसिएशन के उप प्रधान सोमनाथ ग्रोवर, राकेश चुघ, मदनलाल सुनेजा, देशराज, रामदास मदान, ज्ञानचंद सुनेजा, चंद्र गिरधर, जगदीश, अशोक, मनीष ग्रोवर व अन्य व्यापारी भी मौजूद रहे।
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भटकते रहे ग्राहक, दो दिन में तीन करोड़ के व्यपार को लगा फटका:-जीएसटी के विरोध में कपड़ा व्यापारियों के हड़ताल के कारण ग्रहक कपड़े खरीदने के भटकते रहे। हॉलसेल कपड़ा मार्केट के बंद रहने के कारण ग्राहक कपड़ा नहीं खरीद सके। पिछले दो दिनों से चल रही हड़ताल के कारण पूरे जिला में करीब तीन करोड़ रुपये के व्यापार को फटका लगा है।
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सरकार खत्म करे कागजी कारवाई तो बनेगी बात:-प्रधान रमेश डेमला ने बताया कि सरकार द्वारा कपड़े पर टेक्स लगाना देश गरीब लोगों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि जीएासटी के शुरु होने से जहां करीब 80 दुकानों में पड़ा 28 करोड़ रुपये का मॉल इंपाऊड होकर जीएसटी के दायरे में आएगा। वहीं दुकानदारों के समक्ष लेने देन के लिए होने वाली कागजी कारवाई भी बढ़ेगी जिससे दुकानदारों को काफी कठिनाई होंगी।