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शुगरफेड के प्रबंध निदेशक ने किया मिल का औचक निरीक्षण
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शुगरफेड के प्रबंध निदेशक ने किया मिल का औचक निरीक्षण
फोटो संख्या-32
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। हरियाणा शुगरफेड के प्रबंध निदेशक आरएस वर्मा ने कैथल सहकारी चीनी मिल का औचक निरीक्षण किया तथा किसानों की समस्याएं सुनी। उन्होंने ग्रॉस कांटे पर किए जा रहे वजन का गहनता से निरीक्षण किया तथा दोनों कांटों पर समान वजन होने पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने किसानों की समस्याएं सुनने के बाद मिल अधिकारियों को किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के निर्देश दिए।
उन्होंने गन्ने के भुगतान के संदर्भ में बताया कि गत30 नवंबर तक खरीदे गए गन्ने का भुगतान संबंधित किसानों के बैंक खातों में कर दिया गया है। राज्य की सभी सहकारी चीनी मिलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसानों से खरीदे गए गन्ने का भुगतान पाक्षिक आधार पर करें ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने किसानों का आह्वान किया कि वे मिल को साफ सुथरा व ताजा गन्ना सप्लाई करें ताकि चीनी रिकवरी दर बढ सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि मिल की पिराई क्षमता का पूरा प्रयोग करें।
चीनी मिल के प्रबंध निदेशक कंवर सिंह ने बताया कि मिल ने वर्तमान पिराई सत्र के दौरान अब तक 7 लाख 92 हजार 700 क्विंटल गन्ने की पिराई करके 9.25 प्रतिशत औसत चीनी की रिकवरी दर से 68 हजार 115 ञ्चिवंटल चीनी का उत्पादन किया है। मिल ने 30 नवंबर तक खरीदे गए गन्ने का 4 करोड़ 56 लाख 19 हजार रुपये का भुगतान बैंकों में किसानों के खातों में भेज दिया है। इस अवसर पर मिल के मुख्य अभियंता एए सिद्दीकी, मुख्य रसायनविद् कमलकांत तिवारी व गन्ना प्रबंधक रामपाल भी उपस्थित रहे।
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कैथल। हरियाणा शुगरफेड के प्रबंध निदेशक आरएस वर्मा ने कैथल सहकारी चीनी मिल का औचक निरीक्षण किया तथा किसानों की समस्याएं सुनी। उन्होंने ग्रॉस कांटे पर किए जा रहे वजन का गहनता से निरीक्षण किया तथा दोनों कांटों पर समान वजन होने पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने किसानों की समस्याएं सुनने के बाद मिल अधिकारियों को किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के निर्देश दिए।
उन्होंने गन्ने के भुगतान के संदर्भ में बताया कि गत30 नवंबर तक खरीदे गए गन्ने का भुगतान संबंधित किसानों के बैंक खातों में कर दिया गया है। राज्य की सभी सहकारी चीनी मिलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसानों से खरीदे गए गन्ने का भुगतान पाक्षिक आधार पर करें ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने किसानों का आह्वान किया कि वे मिल को साफ सुथरा व ताजा गन्ना सप्लाई करें ताकि चीनी रिकवरी दर बढ सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि मिल की पिराई क्षमता का पूरा प्रयोग करें।
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चीनी मिल के प्रबंध निदेशक कंवर सिंह ने बताया कि मिल ने वर्तमान पिराई सत्र के दौरान अब तक 7 लाख 92 हजार 700 क्विंटल गन्ने की पिराई करके 9.25 प्रतिशत औसत चीनी की रिकवरी दर से 68 हजार 115 ञ्चिवंटल चीनी का उत्पादन किया है। मिल ने 30 नवंबर तक खरीदे गए गन्ने का 4 करोड़ 56 लाख 19 हजार रुपये का भुगतान बैंकों में किसानों के खातों में भेज दिया है। इस अवसर पर मिल के मुख्य अभियंता एए सिद्दीकी, मुख्य रसायनविद् कमलकांत तिवारी व गन्ना प्रबंधक रामपाल भी उपस्थित रहे।
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