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बसों के रात्रि ठहराव की एसएफआई ने की निंदा
Updated Thu, 06 Dec 2018 12:44 AM IST
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बसों के रात्रि ठहराव की एसएफआई ने की निंदा
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। एसएफआई ने रोडवेज विभाग की ओर से गांवों में आखिरी बस के रात्रि ठहराव को बंद करने के फैसले की निंदा की है। एसएफआई के जिला सचिव गोलू बात्ता व जिला अध्यक्ष सुरेश व जिला उपाध्यक्ष राजबाला ने कहा कि सरकार ने जो फैसला लिया है वह प्रदेश के छात्र समुदाय व आम जनता के हित में नहीं हैं। जिसमें हजारों की संख्या में विद्यार्थी शहर के अलग-अलग स्कूल कॉलेजो व विश्वविधालयों में पढने आते हैं तो अब उनकी पढ़ाई पूर्ण रूप से प्रभावित होगी। लडकियों को सबसे ज्यादा समस्यों का सामना करना पड़ेगा। जिला सचिव गोलू बात्ता ने कहा कि राज्य में पहले ही बसों की भारी कमी हैं। प्रदेश में अभी भी 14 हजार से अधिक बसों की आवश्यकता हैं परंतु सरकार सरकारी बस लाने की बजाय प्राईवेट रूटों को बढ़ावा दे रही हैं। अगर समय रहते सरकार ने यह फैसला वापिस नहीं लिया तो एसएफआई पूरे प्रदेश के विद्यार्थियों को लामबंद करके सरकार के इस फैसले के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन करेगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। एसएफआई ने रोडवेज विभाग की ओर से गांवों में आखिरी बस के रात्रि ठहराव को बंद करने के फैसले की निंदा की है। एसएफआई के जिला सचिव गोलू बात्ता व जिला अध्यक्ष सुरेश व जिला उपाध्यक्ष राजबाला ने कहा कि सरकार ने जो फैसला लिया है वह प्रदेश के छात्र समुदाय व आम जनता के हित में नहीं हैं। जिसमें हजारों की संख्या में विद्यार्थी शहर के अलग-अलग स्कूल कॉलेजो व विश्वविधालयों में पढने आते हैं तो अब उनकी पढ़ाई पूर्ण रूप से प्रभावित होगी। लडकियों को सबसे ज्यादा समस्यों का सामना करना पड़ेगा। जिला सचिव गोलू बात्ता ने कहा कि राज्य में पहले ही बसों की भारी कमी हैं। प्रदेश में अभी भी 14 हजार से अधिक बसों की आवश्यकता हैं परंतु सरकार सरकारी बस लाने की बजाय प्राईवेट रूटों को बढ़ावा दे रही हैं। अगर समय रहते सरकार ने यह फैसला वापिस नहीं लिया तो एसएफआई पूरे प्रदेश के विद्यार्थियों को लामबंद करके सरकार के इस फैसले के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन करेगी।