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कर्म का त्याग नही बल्कि त्याग भाव से कर्म करें: महंत सुरेंद्र गिरी
Updated Sat, 13 Oct 2018 11:55 PM IST
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त्याग भाव से कर्म करें : सुरेंद्र गिरी
सीवन। हमें जो मानव जीवन मिला है व बड़ा ही अनमोल है। इस अनमोल जीवन में हमें कार्य भी अनमोल ही करने चाहिए। जीवन चिंताओं में रोने, अज्ञानता की नींद सोने, अनमोल श्वास व्यर्थ खोने, कामनाओं का बोझा ढोने के लिए नहीं है। जिस परमात्मा ने जीवन और जीवन में सब कुछ दिया उसका होने के लिए है। इस जीवन में कर्म का त्याग नहीं बल्कि त्याग भाव से कर्म करें। उक्त प्रवचन स्वर्ग द्वार शिव मंदिर केे महंत सुरेंद्र गिरी ने मंदिर में आयोजित एक सत्संग में उपस्थित श्रद्धालुओं को कहे। सत्संग के बीच भजन गायकों ने भजन सुनाकर उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। इसके बाद आरती की गई। इस अवसर पर लाला चतुर्भुज बंसल, मा. रामनाथ, संगीत बंसल, कृष्ण वधवा, रामकिशन रहेजा, चंद्रभान चुघ, अमर मदान, लक्ष्मण कश्यप, वीरेंद्र मदान, परवेश कुमार, ओमप्रकाश रहेजा, सुरेश कुमार सहित काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
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सीवन। हमें जो मानव जीवन मिला है व बड़ा ही अनमोल है। इस अनमोल जीवन में हमें कार्य भी अनमोल ही करने चाहिए। जीवन चिंताओं में रोने, अज्ञानता की नींद सोने, अनमोल श्वास व्यर्थ खोने, कामनाओं का बोझा ढोने के लिए नहीं है। जिस परमात्मा ने जीवन और जीवन में सब कुछ दिया उसका होने के लिए है। इस जीवन में कर्म का त्याग नहीं बल्कि त्याग भाव से कर्म करें। उक्त प्रवचन स्वर्ग द्वार शिव मंदिर केे महंत सुरेंद्र गिरी ने मंदिर में आयोजित एक सत्संग में उपस्थित श्रद्धालुओं को कहे। सत्संग के बीच भजन गायकों ने भजन सुनाकर उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। इसके बाद आरती की गई। इस अवसर पर लाला चतुर्भुज बंसल, मा. रामनाथ, संगीत बंसल, कृष्ण वधवा, रामकिशन रहेजा, चंद्रभान चुघ, अमर मदान, लक्ष्मण कश्यप, वीरेंद्र मदान, परवेश कुमार, ओमप्रकाश रहेजा, सुरेश कुमार सहित काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।