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कोर्ट में रिकॉर्डिंग विवाद में एसपी को 14 दिन में कार्रवाई रिपोर्ट देने के आदेश
Updated Wed, 14 Mar 2018 12:04 AM IST
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कोर्ट में रिकॉर्डिंग विवाद : एसपी को 14 दिन में कार्रवाई रिपोर्ट देने के आदेश
- न्यायालय ने अपने आदेशों में स्पष्ट कहा-कोर्ट में गलत व्यवहार करने व मोबाइल से रिकॉर्डिंग करने के मामले में रामचंद्र के अलावा और भी कोई कर्मचारी है तो एसपी कार्रवाई करे
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। गत 7 मार्च को एसीजेएम अमित शर्मा की अदालत में एसएचओ सिटी द्वारा रिकॉर्डिंग विवाद में न्यायालय ने एसपी को कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए 14 दिन में रिपोर्ट देने के आदेश जारी किए हैं।
विदित रहे कि 7 मार्च को एसीजेएम अमित शर्मा की अदालत में एसएचओ रामचंद्र एक वारंट की तामील मामले में पेश होने के लिए गए थे। जहां कोर्ट में मोबाइल से रिकॉर्डिंग किए जाने सहित सही व्यवहार न किए जाने पर विवाद खड़ा हो गया था। इस मामले में एसपी ने उन्हें सस्पेंड भी कर दिया था।
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साथ ही न्यायालय ने इस मामले में तीन पेज का आदेश जारी किया है। जिसमें एसपी कैथल को आदेश दिया गया है कि रामचंद्र के व्यवहार को लेकर 14 दिन में कार्रवाई कर रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की जाए। यह भी कहा गया है कि रामचंद्र के अलावा यदि कोई और भी इस मामले में शामिल है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।
न्यायालय ने अपने फैसले में कहा है कि एक मामले में वारंट की तामील न होने के कारण न्याय में देरी हो रही है। इस मामले का एक आरोपी जेल में है। दूसरा गिरफ्तार नहीं हो पा रहा। इसके लिए 26 मौके दिए जा चुके हैं। न्यायालय की ओर से इस मामले में आला पुलिस अधिकारी को तलब किया गया था। जहां एसएचओ सिटी न्यायालय में पहुंचे तो उनसे वारंट के तामील न होने के बारे में पूछा गया तो उसने न्यायालय में अशोभनीय व्यवहार किया। न्यायिक अधिकारी की अवमानना करते हुए प्रतिबंधित उपकरण मोबाइल से कोर्ट प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग भी की। उस मोबाइल को विशेषज्ञों के पास भेज दिया गया है।
इसके लिए एसपी कैथल को विशेष संदेशवाहक के माध्यम से नोटिस भेजा जाता है कि 14 दिन में इस मामले में जांच कर संबंधित पुलिस अधिकारियों की जिम्मेवारी तय करते हुए सख्त कार्रवाई कर रिपोर्ट न्यायालय में पेश की जाए। साथ ही वारंट के मामले में 23 मार्च को सुनवाई तय की गई है।
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- न्यायालय ने अपने आदेशों में स्पष्ट कहा-कोर्ट में गलत व्यवहार करने व मोबाइल से रिकॉर्डिंग करने के मामले में रामचंद्र के अलावा और भी कोई कर्मचारी है तो एसपी कार्रवाई करे
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। गत 7 मार्च को एसीजेएम अमित शर्मा की अदालत में एसएचओ सिटी द्वारा रिकॉर्डिंग विवाद में न्यायालय ने एसपी को कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए 14 दिन में रिपोर्ट देने के आदेश जारी किए हैं।
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विदित रहे कि 7 मार्च को एसीजेएम अमित शर्मा की अदालत में एसएचओ रामचंद्र एक वारंट की तामील मामले में पेश होने के लिए गए थे। जहां कोर्ट में मोबाइल से रिकॉर्डिंग किए जाने सहित सही व्यवहार न किए जाने पर विवाद खड़ा हो गया था। इस मामले में एसपी ने उन्हें सस्पेंड भी कर दिया था।
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साथ ही न्यायालय ने इस मामले में तीन पेज का आदेश जारी किया है। जिसमें एसपी कैथल को आदेश दिया गया है कि रामचंद्र के व्यवहार को लेकर 14 दिन में कार्रवाई कर रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की जाए। यह भी कहा गया है कि रामचंद्र के अलावा यदि कोई और भी इस मामले में शामिल है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।
न्यायालय ने अपने फैसले में कहा है कि एक मामले में वारंट की तामील न होने के कारण न्याय में देरी हो रही है। इस मामले का एक आरोपी जेल में है। दूसरा गिरफ्तार नहीं हो पा रहा। इसके लिए 26 मौके दिए जा चुके हैं। न्यायालय की ओर से इस मामले में आला पुलिस अधिकारी को तलब किया गया था। जहां एसएचओ सिटी न्यायालय में पहुंचे तो उनसे वारंट के तामील न होने के बारे में पूछा गया तो उसने न्यायालय में अशोभनीय व्यवहार किया। न्यायिक अधिकारी की अवमानना करते हुए प्रतिबंधित उपकरण मोबाइल से कोर्ट प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग भी की। उस मोबाइल को विशेषज्ञों के पास भेज दिया गया है।
इसके लिए एसपी कैथल को विशेष संदेशवाहक के माध्यम से नोटिस भेजा जाता है कि 14 दिन में इस मामले में जांच कर संबंधित पुलिस अधिकारियों की जिम्मेवारी तय करते हुए सख्त कार्रवाई कर रिपोर्ट न्यायालय में पेश की जाए। साथ ही वारंट के मामले में 23 मार्च को सुनवाई तय की गई है।