{"_id":"5c44be1cbdec224a620fd50d","slug":"51548008988-kaithal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शुगर मिलों में 3000 करोड़ रुपये का घाटा नहीं घोटाला है","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शुगर मिलों में 3000 करोड़ रुपये का घाटा नहीं घोटाला है
विज्ञापन
विज्ञापन
शुगर मिलों में तीन हजार करोड़ रुपये का घाटा नहीं घोटाला है: रणदीप आर्य
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। शुगर मिलों में 3000 करोड़ रुपये से अधिक का जो घाटा दिखाया जा रहा है। वह घाटा नहीं बल्कि घोटाला है। इस मामले की सीबीआई जांच करवाई जानी चाहिए। जिसमें कई आईएएस व एचसीएस जांच के दायरे में आएंगे। पूर्व में एक आईएएस अधिकारी से रिकवरी भी हो चुकी है। यह बात भारतीय किसान संघ के प्रदेश कोषाध्यक्ष रणदीप आर्य फरल व युवा प्रदेश अध्यक्ष गुल्तान नैना ने की। उन्होंने कहा कि शुगर मिलों में घाटा वास्तविक नहीं हैं, यहां प्रबंधन की कमी के कारण यह घाटा है। सभी शुगर मिलों में कैथल शुगर मिल की तर्ज पर चिप आदि की जांच की जाए। जिसमें घोटालों की बात सामने आ सकती है। उन्होंने कहा कि शुगर मिलों में कई तरह से घाटा पहुंचाया जा रहा है। जिसमें किसी भी प्रकार की जांच नहीं की जा रही। कैथल शुगर मिल में किसानों की लंबी मांग के बावजूद चिप गड़बड़ी मामले की जांच में आज तक कोई बड़ा खुलासा पुलिस की ओर से नहीं हुआ है। महज डायरेक्टर्स की जांच में 500 क्विंटल खोई की गड़बड़ी की बात सामने आई है। जबकि शीरे की जांच के लिए किसान अभी भी इंतजार में हैं। उनकी मांग है कि यह जांच बारीकी से की जाए। दोषियों के खिलाफ तुरंत प्रभाव से कार्रवाई की जाए।
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। शुगर मिलों में 3000 करोड़ रुपये से अधिक का जो घाटा दिखाया जा रहा है। वह घाटा नहीं बल्कि घोटाला है। इस मामले की सीबीआई जांच करवाई जानी चाहिए। जिसमें कई आईएएस व एचसीएस जांच के दायरे में आएंगे। पूर्व में एक आईएएस अधिकारी से रिकवरी भी हो चुकी है। यह बात भारतीय किसान संघ के प्रदेश कोषाध्यक्ष रणदीप आर्य फरल व युवा प्रदेश अध्यक्ष गुल्तान नैना ने की। उन्होंने कहा कि शुगर मिलों में घाटा वास्तविक नहीं हैं, यहां प्रबंधन की कमी के कारण यह घाटा है। सभी शुगर मिलों में कैथल शुगर मिल की तर्ज पर चिप आदि की जांच की जाए। जिसमें घोटालों की बात सामने आ सकती है। उन्होंने कहा कि शुगर मिलों में कई तरह से घाटा पहुंचाया जा रहा है। जिसमें किसी भी प्रकार की जांच नहीं की जा रही। कैथल शुगर मिल में किसानों की लंबी मांग के बावजूद चिप गड़बड़ी मामले की जांच में आज तक कोई बड़ा खुलासा पुलिस की ओर से नहीं हुआ है। महज डायरेक्टर्स की जांच में 500 क्विंटल खोई की गड़बड़ी की बात सामने आई है। जबकि शीरे की जांच के लिए किसान अभी भी इंतजार में हैं। उनकी मांग है कि यह जांच बारीकी से की जाए। दोषियों के खिलाफ तुरंत प्रभाव से कार्रवाई की जाए।