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Kaithal News: फरल खेल स्टेडियम बदहाली की गिरफ्त में, जंगली घास में जहरीले जीवों का खतरा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 15 Sep 2026 11:25 PM IST
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Faral Sports Stadium in a state of neglect; risk of poisonous creatures amidst wild grass.
गांव फरल का बदहाली में खेल स्टेडियम स्टेडियम में उगी जंगली घास
पूंडरी। गांव फरल का खेल स्टेडियम बदहाली का शिकार है। लाखों रुपये की लागत से तैयार स्टेडियम में जगह-जगह जंगली घास और झाड़ियां उगी हुई हैं। इससे खिलाड़ियों के बीच सांप, बिच्छू समेत अन्य जहरीले जीवों का खतरा बना रहता है। मैदान की नियमित सफाई और रखरखाव नहीं होने से खिलाड़ियों को असुरक्षित माहौल में अभ्यास करना पड़ रहा है।
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सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने के दावे कर रही है लेकिन गांव फरल के खेल स्टेडियम की हकीकत दावों से परे है। स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए पीने के पानी की स्थायी व्यवस्था भी नहीं है। गर्मी में युवा घर से पानी की बोतल लेकर पहुंचते हैं। वहीं शाम के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण अभ्यास करना मुश्किल हो जाता है। इसके बावजूद गांव के कई युवा सुबह-शाम यहां अभ्यास के लिए पहुंच रहे हैं।
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सुविधाएं नहीं मिलीं तो खिलाड़ियों ने खुद तैयार किया ट्रैक
स्टेडियम में दौड़ने के लिए उचित ट्रैक नहीं होने पर खिलाड़ियों ने अपने स्तर पर श्रमदान किया और हजारों रुपये खर्च कर दौड़ने का ट्रैक तैयार किया। युवाओं का कहना है कि जब वे अपने स्तर पर ट्रैक तैयार कर सकते हैं तो प्रशासन की ओर से मैदान की सफाई और जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की जाए तो यहां बेहतर प्रशिक्षण का माहौल बनाया जा सकता है।
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सड़क पर दौड़ने को मजबूर युवा, हादसे का भी खतरा
मैदान में अभ्यास की उचित व्यवस्था नहीं होने पर कुछ खिलाड़ियों को सड़क पर दौड़ने के लिए जाना पड़ता है। इससे तेज रफ्तार वाहनों के बीच दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है लेकिन सुविधाओं के अभाव में उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। यदि स्टेडियम को व्यवस्थित किया जाए तो स्थानीय युवाओं को सुरक्षित स्थान पर अभ्यास की सुविधा मिल सकती है।

घास और झाड़ियों में जहरीले जीवों का डर
खिलाड़ी रविंद्र राणा, बलराम शर्मा, मोहित तंवर, निरवैर सिंह विर्क और निहाल राणा ने बताया कि मैदान में घनी घास और झाड़ियों के कारण कई बार सांप व अन्य जीव दिखाई देते हैं। ऐसे में खिलाड़ियों को डर के माहौल में अभ्यास करना पड़ता है। उन्होंने स्टेडियम की जल्द सफाई करवाने की मांग की है।

घर से पानी लाने को मजबूर खिलाड़ी
बलराम शर्मा ने बताया कि स्टेडियम में पीने के पानी की सुविधा नहीं है। गर्मी के दिनों में खिलाड़ी घर से पानी लेकर आते हैं। पानी खत्म होने के बाद अभ्यास प्रभावित होता है। उन्होंने मैदान में स्थायी पेयजल व्यवस्था की मांग की। खिलाड़ियों ने बताया कि पर्याप्त लाइटें नहीं होने के कारण शाम के समय भी अभ्यास प्रभावित होता है। हाईमास्ट या अन्य प्रकाश व्यवस्था होने से युवा सुरक्षित तरीके से अभ्यास कर सकेंगे।


रखरखाव के लिए नियमित व्यवस्था की मांग
खिलाड़ियों ने कहा कि केवल स्टेडियम तैयार कर देने से खेल सुविधाएं पूरी नहीं होतीं। मैदान की नियमित सफाई, घास की कटाई, प्रकाश, पेयजल और अन्य सुविधाओं का लगातार रखरखाव जरूरी है। ग्रामीणों ने प्रशासन, खेल विभाग और पंचायत से स्टेडियम की स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

खिलाड़ियों की प्रमुख मांगें

जंगली घास और झाड़ियों की तत्काल सफाई करवाई जाए।
पीने के पानी की स्थायी व्यवस्था की जाए।
हाईमास्ट या पर्याप्त लाइटें लगाई जाएं।
नियमित रखरखाव के लिए बजट और कर्मचारी उपलब्ध करवाए जाएं।
खिलाड़ियों के बैठने और विश्राम की उचित व्यवस्था की जाए।
दौड़ने के ट्रैक समेत अन्य खेल सुविधाओं को बेहतर किया जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि स्टेडियम की बदहाल स्थिति को जल्द सुधारा जाए, ताकि युवाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल में अभ्यास का अवसर मिल सके।
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