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सीवरेज समस्या को लेकर दूसरे दिन भी जारी रहा पार्षदों का धरना
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सीवरेज समस्या को लेकर दूसरे दिन भी जारी रहा पार्षदों का धरना, बोले
शहर के कई वार्डों में गलियों में भरा है पानी, अधिकारी नहीं करते सुनवाई, चीफ इंजीनियर को देंगे शिकायत
फोटो संख्या-46 व 47
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय में सीवरेज की समस्या को लेकर पार्षदों का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। जिसमें आधा दर्जन से अधिक पार्षद धरने में बैठे और विभागीय अधिकारियों के तबादले की भी मांग की। देर शाम पार्षदों ने फैसला लिया है कि काम न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ विभाग के चीफ इंजीनियर को भी शिकायत की जाएगी। चीफ इंजीनियर के पीडब्ल्यूडी विभाग विश्रामगृह में पहुंचने की सूचनाएं थीं। लेकिन समाचार लिखे जाने तक चीफ इंजीनियर वहां नहीं पहुंचे थे।
विदित रहे कि सीवरेज समस्या को लेकर पार्षदों ने वीरवार को जल भवन में अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर रोष जताते हुए धरना दिया था। जिस पर अधिकारियों व कर्मचारियों ने कई वार्डों में सीवरेज को खुलवाने का भी काम शुरू कर दिया था। इसके बावजूद शुक्रवार को भी पार्षदों का धरना जारी रहा।
शुक्रवार को धरने में पहुंचे पार्षद प्रतिनिधि विनोद शर्मा, पार्षद काला सांघन, विनोद सोनी, नरेश मित्तल, संजय गर्ग, राकेश सरदाना, कुलदीप सैनी, वीरेंद्र बिल्लू, संजय भौरिया, प्रतिनिधि प्रवीण सिंगला, धर्मबीर भोला पहुंचे। इनमें से कई पार्षद शाम 5 बजे तक धरने पर बैठे रहे।
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पार्षद प्रतिनिधि विनोद शर्मा ने कहा कि अधिकारी कोई सुनवाई नहीं करते। जब पार्षद फोन करते हैं तो उनके फोन ही नहीं उठाए जाते। जब बात की जाती है तो अधिकारी कहते हैं कि उनके पास बजट नहीं हैं। अधिकारी सरकार को बदनाम करने का काम करते हैं। जबकि शहर के कई वार्डों में गलियों में पानी भरा हुआ है। लोग बार-बार मांग करते हैं, तो पार्षद क्या करें। जब अधिकारी उनकी बात ही नहीं सुनेंगे। इस कारण मजबूरन पार्षदों को धरना देना पड़ रहा है।
वहीं अधिकारियों ने काम न करने के सभी आरोपों को नकार दिया है। एक्सईएन वीके गुप्ता ने कहा कि सभी वार्डों में जांच करवा ली गई है। जहां सीवरेज बंद हैं, उसे खुलवाया जा रहा है। सीवरेज बंद होना व खुलना सामान्य प्रक्रिया है।
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शहर के कई वार्डों में गलियों में भरा है पानी, अधिकारी नहीं करते सुनवाई, चीफ इंजीनियर को देंगे शिकायत
फोटो संख्या-46 व 47
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय में सीवरेज की समस्या को लेकर पार्षदों का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। जिसमें आधा दर्जन से अधिक पार्षद धरने में बैठे और विभागीय अधिकारियों के तबादले की भी मांग की। देर शाम पार्षदों ने फैसला लिया है कि काम न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ विभाग के चीफ इंजीनियर को भी शिकायत की जाएगी। चीफ इंजीनियर के पीडब्ल्यूडी विभाग विश्रामगृह में पहुंचने की सूचनाएं थीं। लेकिन समाचार लिखे जाने तक चीफ इंजीनियर वहां नहीं पहुंचे थे।
विदित रहे कि सीवरेज समस्या को लेकर पार्षदों ने वीरवार को जल भवन में अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर रोष जताते हुए धरना दिया था। जिस पर अधिकारियों व कर्मचारियों ने कई वार्डों में सीवरेज को खुलवाने का भी काम शुरू कर दिया था। इसके बावजूद शुक्रवार को भी पार्षदों का धरना जारी रहा।
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शुक्रवार को धरने में पहुंचे पार्षद प्रतिनिधि विनोद शर्मा, पार्षद काला सांघन, विनोद सोनी, नरेश मित्तल, संजय गर्ग, राकेश सरदाना, कुलदीप सैनी, वीरेंद्र बिल्लू, संजय भौरिया, प्रतिनिधि प्रवीण सिंगला, धर्मबीर भोला पहुंचे। इनमें से कई पार्षद शाम 5 बजे तक धरने पर बैठे रहे।
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पार्षद प्रतिनिधि विनोद शर्मा ने कहा कि अधिकारी कोई सुनवाई नहीं करते। जब पार्षद फोन करते हैं तो उनके फोन ही नहीं उठाए जाते। जब बात की जाती है तो अधिकारी कहते हैं कि उनके पास बजट नहीं हैं। अधिकारी सरकार को बदनाम करने का काम करते हैं। जबकि शहर के कई वार्डों में गलियों में पानी भरा हुआ है। लोग बार-बार मांग करते हैं, तो पार्षद क्या करें। जब अधिकारी उनकी बात ही नहीं सुनेंगे। इस कारण मजबूरन पार्षदों को धरना देना पड़ रहा है।
वहीं अधिकारियों ने काम न करने के सभी आरोपों को नकार दिया है। एक्सईएन वीके गुप्ता ने कहा कि सभी वार्डों में जांच करवा ली गई है। जहां सीवरेज बंद हैं, उसे खुलवाया जा रहा है। सीवरेज बंद होना व खुलना सामान्य प्रक्रिया है।