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बासमती धान में 300 रुपये प्रति क्विंटल की हुई गिरावट
Updated Sat, 01 Dec 2018 12:24 AM IST
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बासमती धान में 300 रुपये प्रति क्विंटल की हुई गिरावट
फोटो नंबर-29
अमर उजाला ब्यूरो
पूंडरी। बासमती धान में 300 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आने से किसानों में मायूसी। अनाज मंडी में पिछले हफ्ते बासमती धान 4400 तक बिका था। भाव बढने की उम्मीद में धान रोके बैठे किसानों को उस समय मायूसी हाथ लगी, जब इस हफ्ते 300 रुपये तक कि गिरावट आ गई। किसान अब भी तेजी बढने की आस में घर और मंडियों में धान की ढेरियां लगाये हुए बैठे है। धान पिछले वर्ष की अपेक्षा काफी कम है। मार्कीट कमेटी आंकड़ों पर नजर डाले तो इसमें भी बासमती धान की कुल आवक अब तक कम नजर आ रही है, जबकि 1509 धान की आवक पिछले वर्ष की अपेक्षा डबल हुई। कमेटी सचिव चरणदास ने बताया कि इस वर्ष 1121 व बासमती धान की कुल आवक 2 लाख 67 हजार 330 क्विंटल की आवक हुई, जबकि यह आवक पिछले वर्ष 2 लाख 78 हजार 835 क्विंटल हुई थी। उन्होंने बताया कि 1509 धान की आवक पिछले वर्ष से डबल हुई है।
अनाज मंडी में लगभग 50 हजार बोरी बासमती धान की पड़ी हैं, लेकिन किसानों ने इसे बेचने की बजाए तिरपालों से ढक रखा है। बासमती धान में कभी तेजी और कभी मंदे के चलते बासमती धान को किसान रोक लेते हैं, क्योकि उन्हें लगता है कि इस धान में तेजी आएगी और तभी वे अपने धान को बेंचेगे। बासमती धान को किसानों ने घरों में भी रोक रखा है और वे इस धान में तेजी की राह देख रहे हैं। मंदे के कारण बासमती धान का सीजन लंबा हो जाता है और यह सीजन अब पूरा दिसंबर तक चलने की संभावना है।
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अमर उजाला ब्यूरो
पूंडरी। बासमती धान में 300 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आने से किसानों में मायूसी। अनाज मंडी में पिछले हफ्ते बासमती धान 4400 तक बिका था। भाव बढने की उम्मीद में धान रोके बैठे किसानों को उस समय मायूसी हाथ लगी, जब इस हफ्ते 300 रुपये तक कि गिरावट आ गई। किसान अब भी तेजी बढने की आस में घर और मंडियों में धान की ढेरियां लगाये हुए बैठे है। धान पिछले वर्ष की अपेक्षा काफी कम है। मार्कीट कमेटी आंकड़ों पर नजर डाले तो इसमें भी बासमती धान की कुल आवक अब तक कम नजर आ रही है, जबकि 1509 धान की आवक पिछले वर्ष की अपेक्षा डबल हुई। कमेटी सचिव चरणदास ने बताया कि इस वर्ष 1121 व बासमती धान की कुल आवक 2 लाख 67 हजार 330 क्विंटल की आवक हुई, जबकि यह आवक पिछले वर्ष 2 लाख 78 हजार 835 क्विंटल हुई थी। उन्होंने बताया कि 1509 धान की आवक पिछले वर्ष से डबल हुई है।
अनाज मंडी में लगभग 50 हजार बोरी बासमती धान की पड़ी हैं, लेकिन किसानों ने इसे बेचने की बजाए तिरपालों से ढक रखा है। बासमती धान में कभी तेजी और कभी मंदे के चलते बासमती धान को किसान रोक लेते हैं, क्योकि उन्हें लगता है कि इस धान में तेजी आएगी और तभी वे अपने धान को बेंचेगे। बासमती धान को किसानों ने घरों में भी रोक रखा है और वे इस धान में तेजी की राह देख रहे हैं। मंदे के कारण बासमती धान का सीजन लंबा हो जाता है और यह सीजन अब पूरा दिसंबर तक चलने की संभावना है।
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