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जिली पूर्ति के लिये सोर ऊर्जा सबसे सस्ती व प्रदूषण मुक्त साधन
Updated Sun, 25 Nov 2018 12:36 AM IST
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सौर ऊर्जा के लाभ व इसके इस्तेमाल की जानकारी दी
- दो दिवसीय सोलर सिस्टम प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू
फोटो नंबर-05
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। बिजली बोर्ड ने जिम खाना क्लब सेक्टर-21 में दो दिवसीय सोलर सिस्टम प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू की। इस कार्यशाला में बिजली मंत्रालय भारत सरकार से सहायक निदेशक एमसी मीणा व डॉ. वाईपी वर्मा प्रो. पंजाब यूनिवर्सिटी ने बिजली बोर्ड कैथल, पूंडरी व गुहला डिवीजन के कनिष्ठ अभियंताओं व टेक्निकल स्टाफ को प्रशिक्षण दिया।
कार्यशाला में सौर ऊर्जा के लाभ व इसके इस्तेमाल बारे जानकारी दी ताकि जिले भर में बिजली कर्मचारी व अधिकारी जनता के बीच में जाकर सोर ऊर्जा से होने वाले फायदे के बारे में बता सके। प्रो. वर्मा ने बताया कि इस समय भारत में 64 प्रतिशत कोयला, तेल व गैस से बनाई जाती है। विदित रहे कि कोयला, गैस व तेल प्राकृतिक साधन है जो लगातार समाप्त हो रहे हैं। इसलिए बिजली पूर्ति के लिये सोर ऊर्जा सबसे सस्ती व प्रदूषण मुक्त साधन है। मीणा ने बताया कि सौर ऊर्जा की सबसे बड़ी बात है कि हम हर घर में अपना सिस्टम लगा सकते हैं। जिसके ऊपर एक बार खर्च करके लगभग 20 साल तक नाममात्र खर्च के साथ मुक्त में बिजली का इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि भारत सरकार का उद्देश्य पूरे भारत में वर्ष 2022 तक सौर ऊर्जा पैदा करना है। पूंडरी से सोमबीर भलोटिया ने बताया कि भारत सौर ऊर्जा के लिए बहुत ही उत्तम एरिया है। इस कार्यशाला में मीणा के अलावा नीरज कुमार एक्शन एमएंडपी यमुनानगर व सोमबीर भलोटिया एक्शन पूंडरी, बरमेश अलीपुरिया व दलबीर सिंह, सत्यवान नैन, कृष्ण यादव व गुरदीप हांडा ने भाग लिया।
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- दो दिवसीय सोलर सिस्टम प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू
फोटो नंबर-05
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। बिजली बोर्ड ने जिम खाना क्लब सेक्टर-21 में दो दिवसीय सोलर सिस्टम प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू की। इस कार्यशाला में बिजली मंत्रालय भारत सरकार से सहायक निदेशक एमसी मीणा व डॉ. वाईपी वर्मा प्रो. पंजाब यूनिवर्सिटी ने बिजली बोर्ड कैथल, पूंडरी व गुहला डिवीजन के कनिष्ठ अभियंताओं व टेक्निकल स्टाफ को प्रशिक्षण दिया।
कार्यशाला में सौर ऊर्जा के लाभ व इसके इस्तेमाल बारे जानकारी दी ताकि जिले भर में बिजली कर्मचारी व अधिकारी जनता के बीच में जाकर सोर ऊर्जा से होने वाले फायदे के बारे में बता सके। प्रो. वर्मा ने बताया कि इस समय भारत में 64 प्रतिशत कोयला, तेल व गैस से बनाई जाती है। विदित रहे कि कोयला, गैस व तेल प्राकृतिक साधन है जो लगातार समाप्त हो रहे हैं। इसलिए बिजली पूर्ति के लिये सोर ऊर्जा सबसे सस्ती व प्रदूषण मुक्त साधन है। मीणा ने बताया कि सौर ऊर्जा की सबसे बड़ी बात है कि हम हर घर में अपना सिस्टम लगा सकते हैं। जिसके ऊपर एक बार खर्च करके लगभग 20 साल तक नाममात्र खर्च के साथ मुक्त में बिजली का इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि भारत सरकार का उद्देश्य पूरे भारत में वर्ष 2022 तक सौर ऊर्जा पैदा करना है। पूंडरी से सोमबीर भलोटिया ने बताया कि भारत सौर ऊर्जा के लिए बहुत ही उत्तम एरिया है। इस कार्यशाला में मीणा के अलावा नीरज कुमार एक्शन एमएंडपी यमुनानगर व सोमबीर भलोटिया एक्शन पूंडरी, बरमेश अलीपुरिया व दलबीर सिंह, सत्यवान नैन, कृष्ण यादव व गुरदीप हांडा ने भाग लिया।
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