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तालाब खुदाई का मस्टरोल तीन महीने पहले बना, नही मिल रहा काम
Updated Thu, 23 Aug 2018 11:16 PM IST
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काम न मिलने पर भड़के गांव शिमला के मनरेगा मजदूर
: तालाब खुदाई का मस्टरोल तीन महीने पहले बना, नही मिल रहा काम
फोटो नंबर-33
अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। मनरेगा के तहत रोजगार न मिलने से परेशान गांव शिमला के मजदूरों ने वीरवार को एसडीएम को ज्ञापन सौंप काम दिलवाए जाने की मांग की। मनरेगा मजदूरों का प्रतिनिधित्व कर रहे अनिल कुमार व जितेंद्र ने कहा कि उनके गांव में पिछले कई वर्षों से मनरेगा मजदूरों को काम मिल ही नहीं रहा। अब मौजूदा सरपंच से भी मनरेगा मजदूर कई बार मिल कर काम दिए जाने की मांग कर चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा के तहत तालाब खुदवाए जाने का मस्टरोल बने तीन माह का समय हो गया पर उनको काम नही दिया जा रहा। अनिल ने कहा कि गांव शिमला के मजदूर इस बारे सरपंच व बीडीपीओ कार्यालय के चक्कर लगा कर थक चुके हैं पर उनको काम नहीं दिया जा रहा। मजदूरों का कहना था कि काम का मस्टरोल तैयार होने के तीन माह बीत जाने के बाद भी उनको काम नही मिल पा रहा जिसके कारण उनके घरों में बिना रोजगार के चूल्हे तक नही जल पा रहे। मजदूरों की बात सुनने के बाद एसडीएम जगदीप सिंह ने कहा कि वे मनरेगा मजदूरों की शिकायत एडीसी कैथल को भेज रहे हैं। उन्होंने कहा कि मजदूरों का शिष्ट मंडल एडीसी से जाकर मिले ताकी उनकी समस्या का समाधान हो सके। वहीं ग्राम सरपंच नरेश देवी ने कहा कि उनके गांव के तालाब में खुदाई होनी है जिसके तहत मस्टरोल भी बना हुआ है। इस समय तालाब में पानी व कीचड़ है जिसके कारण से खुदाई का कार्य संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि मनरेगा मजदूरों में अधिकांश महिलाएं हैं जिसके कारण से तालाब के कीचड़ में घुसने में उन्हें दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। यदि अधिकारी उन्हें कार्य शुरू करवाने का निर्देश देते हैं तो अगले की दिन कार्य शुरू हो जाऐगा।
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: तालाब खुदाई का मस्टरोल तीन महीने पहले बना, नही मिल रहा काम
फोटो नंबर-33
अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। मनरेगा के तहत रोजगार न मिलने से परेशान गांव शिमला के मजदूरों ने वीरवार को एसडीएम को ज्ञापन सौंप काम दिलवाए जाने की मांग की। मनरेगा मजदूरों का प्रतिनिधित्व कर रहे अनिल कुमार व जितेंद्र ने कहा कि उनके गांव में पिछले कई वर्षों से मनरेगा मजदूरों को काम मिल ही नहीं रहा। अब मौजूदा सरपंच से भी मनरेगा मजदूर कई बार मिल कर काम दिए जाने की मांग कर चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा के तहत तालाब खुदवाए जाने का मस्टरोल बने तीन माह का समय हो गया पर उनको काम नही दिया जा रहा। अनिल ने कहा कि गांव शिमला के मजदूर इस बारे सरपंच व बीडीपीओ कार्यालय के चक्कर लगा कर थक चुके हैं पर उनको काम नहीं दिया जा रहा। मजदूरों का कहना था कि काम का मस्टरोल तैयार होने के तीन माह बीत जाने के बाद भी उनको काम नही मिल पा रहा जिसके कारण उनके घरों में बिना रोजगार के चूल्हे तक नही जल पा रहे। मजदूरों की बात सुनने के बाद एसडीएम जगदीप सिंह ने कहा कि वे मनरेगा मजदूरों की शिकायत एडीसी कैथल को भेज रहे हैं। उन्होंने कहा कि मजदूरों का शिष्ट मंडल एडीसी से जाकर मिले ताकी उनकी समस्या का समाधान हो सके। वहीं ग्राम सरपंच नरेश देवी ने कहा कि उनके गांव के तालाब में खुदाई होनी है जिसके तहत मस्टरोल भी बना हुआ है। इस समय तालाब में पानी व कीचड़ है जिसके कारण से खुदाई का कार्य संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि मनरेगा मजदूरों में अधिकांश महिलाएं हैं जिसके कारण से तालाब के कीचड़ में घुसने में उन्हें दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। यदि अधिकारी उन्हें कार्य शुरू करवाने का निर्देश देते हैं तो अगले की दिन कार्य शुरू हो जाऐगा।