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जीएसटी इफेक्ट: जिले में करीब एक हजार ट्रकों के थमे पहिए, 12 दिनों में लगा 2 करोड़ रुपये का फटका
Updated Thu, 13 Jul 2017 12:04 AM IST
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जीएसटी इफेक्ट : जिले में करीब एक हजार ट्रकों के थमें पहिए, 12 दिनों में लगा 2 करोड़ रुपये का फटका
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जीएसटी के लागू होने के बाद ट्रांसपोर्ट व्यापार औंधे मुंह आ गिरा है। ट्रांसपोर्टर्स खाली बैठने को मजबूर हैं। एक जुलाई के बाद से 12 दिनों में ट्रांसपोर्ट व्यापार को करीब 2 करोड़ रुपये का फटका लग चुका है। ट्रांसपोर्टर्स का कहना है कि जुलाई व अगस्त के सीजन में उनका खाद का व्यापार होता है। जिसके लिए गाड़ियां बिहार, यूपी व मध्यप्रदेश जैसे अन्य प्रदेश में जाती हैं। लेकिन जब से जीएसटी लागू हुआ तभी से उनका कारोबार केवल 10 प्रतिशत तक ही सीमित होकर रह गया है।
भाईचारा ट्रांसपोर्ट यूनियन के मैनेजर महाबीर सिंह ने बताया कि जिले में विभिन्न यूनियन के तहत कुल 1350 गाड़ियां आती हैं। जिन्हें एक तिहाई इस समय में 15 से 20 दिन तक काम मिल जाता है। लेकिन जीएसटी के कारण एक जुलाई के बाद से यह गाड़ी बुकिंग पर नहीं गई। उन्होंने बताया कि इस समय लगभग 350 गाड़ियां ही सड़कों पर दौड़ रही है।
काम न होने पर भी 30 लाख रुपये वर्करों को दिए
यूनियन के कोषाध्यक्ष सुभाष शर्मा ने बताया कि काम न होने की वजह से यूनियन को रोजाना एक ट्रक पर 1500 से 2000 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। पिछले 12 दिनों में यूनियन में कार्यरत कुल 400 चालक व हेल्परों की वेतन के रूप में 2.5 से 3 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इस तरह से लगभग 1000 ट्रकों पर लगभग 2 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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जीएसटी के बाद व्यापारी कर रहा कम ब्रिकी व खरीदारी
ट्रक मालिक कुलवंत सिंह, सतनाम सिंह, ललित व रामफल ने बताया कि जीएसटी लागू किया जाना सरकार का सराहनीय कार्य है। लेकिन इस पर किसी भी व्यापारी को अधिक जानकारी नहीं है। जिस कारण हर व्यापार ठप हुआ है। अगर सरकार पहले से व्यापारियों को ट्रेनिंग देकर ऐसा करती तो मंदे की मार न झेलनी पड़े। उन्होंने बताया कि व्यापारी जीएसटी के कारण माल की खरीदारी और बिक्री कम कर रहा है। इसलिए ट्रांसपोर्ट के व्यापार को भी काफी नुकसान हुआ है।
प्रति सप्ताह आ रहा केवल 40 से 50 हजार रुपये का माल
कपड़ा व्यापारी रमेश डेमला ने बताया कि जीएसटी से पहले एक सप्ताह मेें पांच से सात लाख रुपये का माल आ जाता था। अब जीएसटी लागू हो गया है। जिस कारण पहले वाला माल स्टॉक हुआ है। इस कारण इसके बाद से व्यापारी माल नहीं मंगवा रहा है। अब केवल सप्ताह में 40 से 50 हजार रुपये का माल आता है। उन्होंने बताया कि व्यापारियों द्वारा माल खरीदने की रोक के कारण ट्रांसपोर्ट का व्यापार काफी प्रभावित हुआ है।
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जीएसटी के लागू होने के बाद ट्रांसपोर्ट व्यापार औंधे मुंह आ गिरा है। ट्रांसपोर्टर्स खाली बैठने को मजबूर हैं। एक जुलाई के बाद से 12 दिनों में ट्रांसपोर्ट व्यापार को करीब 2 करोड़ रुपये का फटका लग चुका है। ट्रांसपोर्टर्स का कहना है कि जुलाई व अगस्त के सीजन में उनका खाद का व्यापार होता है। जिसके लिए गाड़ियां बिहार, यूपी व मध्यप्रदेश जैसे अन्य प्रदेश में जाती हैं। लेकिन जब से जीएसटी लागू हुआ तभी से उनका कारोबार केवल 10 प्रतिशत तक ही सीमित होकर रह गया है।
भाईचारा ट्रांसपोर्ट यूनियन के मैनेजर महाबीर सिंह ने बताया कि जिले में विभिन्न यूनियन के तहत कुल 1350 गाड़ियां आती हैं। जिन्हें एक तिहाई इस समय में 15 से 20 दिन तक काम मिल जाता है। लेकिन जीएसटी के कारण एक जुलाई के बाद से यह गाड़ी बुकिंग पर नहीं गई। उन्होंने बताया कि इस समय लगभग 350 गाड़ियां ही सड़कों पर दौड़ रही है।
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काम न होने पर भी 30 लाख रुपये वर्करों को दिए
यूनियन के कोषाध्यक्ष सुभाष शर्मा ने बताया कि काम न होने की वजह से यूनियन को रोजाना एक ट्रक पर 1500 से 2000 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। पिछले 12 दिनों में यूनियन में कार्यरत कुल 400 चालक व हेल्परों की वेतन के रूप में 2.5 से 3 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इस तरह से लगभग 1000 ट्रकों पर लगभग 2 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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जीएसटी के बाद व्यापारी कर रहा कम ब्रिकी व खरीदारी
ट्रक मालिक कुलवंत सिंह, सतनाम सिंह, ललित व रामफल ने बताया कि जीएसटी लागू किया जाना सरकार का सराहनीय कार्य है। लेकिन इस पर किसी भी व्यापारी को अधिक जानकारी नहीं है। जिस कारण हर व्यापार ठप हुआ है। अगर सरकार पहले से व्यापारियों को ट्रेनिंग देकर ऐसा करती तो मंदे की मार न झेलनी पड़े। उन्होंने बताया कि व्यापारी जीएसटी के कारण माल की खरीदारी और बिक्री कम कर रहा है। इसलिए ट्रांसपोर्ट के व्यापार को भी काफी नुकसान हुआ है।
प्रति सप्ताह आ रहा केवल 40 से 50 हजार रुपये का माल
कपड़ा व्यापारी रमेश डेमला ने बताया कि जीएसटी से पहले एक सप्ताह मेें पांच से सात लाख रुपये का माल आ जाता था। अब जीएसटी लागू हो गया है। जिस कारण पहले वाला माल स्टॉक हुआ है। इस कारण इसके बाद से व्यापारी माल नहीं मंगवा रहा है। अब केवल सप्ताह में 40 से 50 हजार रुपये का माल आता है। उन्होंने बताया कि व्यापारियों द्वारा माल खरीदने की रोक के कारण ट्रांसपोर्ट का व्यापार काफी प्रभावित हुआ है।