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जम्मू एवं कश्मीर में लागू होगा हरियाणा का अत्याधुनिक रिकॉर्ड रुम सॉफ्टवेयर

Sat, 06 Oct 2018 12:06 AM IST
Updated Sat, 06 Oct 2018 12:06 AM IST
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जम्मू एवं कश्मीर में लागू होगा हरियाणा का अत्याधुनिक रिकॉर्ड रुम सॉफ्टवेयर
जम्मू एवं कश्मीर में लागू होगा हरियाणा का अत्याधुनिक रिकॉर्ड रूम सॉफ्टवेयर
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राजस्व विभाग के कमिश्नर ने किया कैथल में बनाए गए रिकॉर्ड रूम, जमीन की रजिस्ट्री व सरल पोर्टल पर होने वाले काम का निरीक्षण
फोटो संख्या-16
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। हरियाणा में राजस्व व राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र द्वारा विकसित किए गए अत्याधुनिक रिकॉर्ड रूम, जमीनों की रजिस्ट्री, इंतकाल व सरल पोर्टल के माध्यम से सेवाओं को अब जम्मू एवं कश्मीर सरकार भी लागू कर सकती है। इसके लिए जे एंड के के राजस्व विभाग के कमिश्नर दो दिनों से हरियाणा के दौरे पर हैं। शुक्रवार को वे देश के पहले अत्याधुनिक रिकॉर्ड रूम का निरीक्षण करने पहुंचे।
डीसी धर्मवीर सिंह, जिला राजस्व अधिकारी सुरेश बौद्ध, सीटीएम विजेंद्र हुड्डा, हरियाणा एनआईसी के आईटी सलाहकार घनश्याम बंसल, डीआईओ दीपक खुराना के साथ सर्वप्रथम तहसील में वेब हैलरीस सॉफ्टवेयर के माध्यम से की जा रही ऑनलाइन रजिस्ट्री, इंतकाल व जमाबंदी की प्रणाली का अवलोकन किया। उन्होंने पोर्टल के सभी मॉडूल्यस का गंभीरता पूर्वक अवलोकन करते हुए इस पोर्टल की कार्य प्रणाली की पूर्ण जानकारी हासिल की। इसके उपरांत उन्होंने हरियाणा सरकार द्वारा कैथल में स्थापित किए गए प्रदेश के एक मात्र मॉडल राजस्व रिकॉर्ड रूम का अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों से इस प्रक्रिया की पूर्ण जानकारी प्राप्त की। शहबाज मिर्जा ने लघु सचिवालय में एनआईसी द्वारा स्थापित की गई ई-दिशा केंद्र में सरल पोर्टल का अवलोकन किया। इस पोर्टल के माध्यम से 400 सेवाएं लोगों को दी जा रही हैं।
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अमर उजाला से बातचीत में कमिश्नर मिर्जा ने कहा कि हरियाणा सरकार की यह उपलब्धि है कि यहां विकसित सॉफ्टवेयर के माध्यम से लोगों को सेवाएं दी जा रही हैं। जम्मू एवं कश्मीर में पहाड़ी व मैदानी दोनों तरह के इलाके हैं। जहां दो तरह से जमाबंदियां दर्ज की जाती हैं। जम्मू-कश्मीर में राजस्व विभाग द्वारा इन्हें अपनाया जाएगा, ताकि लोगों को सूचना प्रौद्योगिकी का पूर्ण लाभ मिल सके। वे इन प्रोजेक्टों को अपने विभाग में शामिल करेंगे। उन्होंने पोर्टल विकसित करने वाली एनआईसी के प्रयासों की सराहना की। तहसीलदार छोटू राम, जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी दीपक खुराना, सहायक सूचना एवं विज्ञान अधिकारी राजीव शर्मा भी उनके साथ मौजूद थे।
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