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1 साल 11 माह पहले यह कहकर पार्टी छोड़ी थी कि अभय चौटाला का नेतृत्व स्वीकार नहीं, अब अभय चौटाला ने ही घर पहुंच कर करवाई इनेलो ज्व

Tue, 12 Jun 2018 11:52 PM IST
Updated Tue, 12 Jun 2018 11:52 PM IST
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1 साल 11 माह पहले यह कहकर पार्टी छोड़ी थी कि अभय चौटाला का नेतृत्व स्वीकार नहीं, अब अभय चौटाला ने ही घर पहुंच कर करवाई इनेलो ज्व

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23 माह बाद फिर इनेलो में शामिल हुए पारस मित्तल
यह कहकर पार्टी छोड़ी थी कि अभय चौटाला का नेतृत्व स्वीकार नहीं, अब अभय ने ही ज्वाइन करवाई पार्टी
कहा-अभय चौटाला मेरे बड़े भाई, ओमप्रकाश चौटाला मेरे पिता समान, इनेलो मेरी माता समान
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। इनेलो के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष पारस मित्तल ने यह कहकर इनेलो छोड़ी थी कि अभय चौटाला का नेतृत्व स्वीकार नहीं। अब 1 साल 11 माह 12 दिन बाद विपक्ष के नेता अभय चौटाला ने ही घर पहुंचकर पारस मित्तल को फिर से इनेलो ज्वाइन करवाई और कहा कि पारस मित्तल पार्टी में फिर से सक्रिय हो गए हैं। उनके पार्टी के लिए किए गए योगदान को देखते हुए प्रदेश कार्यकारिणी में पूरा मान-सम्मान दिया जाएगा।
मंगलवार सुबह पारस मित्तल के घर पर इनेलो नेताओं की भीड़ उमड़ी हुई थी। पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा, जिला अध्यक्ष कंवरपाल करोड़ा सहित कई जिले के प्रमुख नेता पारस मित्तल के घर पहुंचे हुए थे। करीब ग्यारह बजे विपक्ष के नेता अभय चौटाला उनके घर पहुंचे और मीडिया से बातचीत में कहा कि यह हर्ष का विषय है कि हमारे पुराने साथी पारस मित्तल फिर से पार्टी में सक्रिय हो गए हैं। ऊक-चूक होती रहती है, लेकिन हमारे यहां कहावत है ना बीती ताहि बिसार दे, आगे की सुध ले..। अब प्रदेश कार्यकारिणी का जब भी नए सिरे से गठन होगा, उनकी मेहनत व संगठन के लिए किए गए काम को देखते हुए नई जिम्मेवारी सौंपेंगे। पारस ने भी सभी कार्यकर्ता साथियों के साथ विचार-विमर्श करते हुए यही कहा कि पार्टी उनकी जो भी जिम्मेदारी लगाएगी, वे उसे पूरी लगन व निष्ठा से निभाएंगे।
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पारस मित्तल ने कहा कि उनके गिले-शिकवे दूर हो गए हैं। मनमुटाव भाई-भाइयों में भी हो जाता है। जो अब दूर हो गया है। अभय चौटाला उनके सगे बड़े भाई की तरह हैं। ओमप्रकाश चौटाला उनके पिता समान हैं और पार्टी इनेलो मां के समान हैं। वे पार्टी की जी-जान से सेवा करेंगे और संगठन को मजबूत बनाने काम करेंगे। विदित रहे कि पारस मित्तल ने 31 अगस्त 2016 को पार्टी छोड़ने का ऐलान किया था। इससे एक दिन पहले ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों की बात कहते हुए पार्टी से निकालने का ऐलान कर दिया था। इसके अगले ही दिन पारस मित्तल ने मीडिया से बातचीत करते हुए इनेलो छोड़ने का ऐलान कर दिया था। इसमें कहा था कि उन्हें अभय चौटाला का नेतृत्व स्वीकार नहीं और पार्टी के जिलास्तरीय नेता मिलीभगत की राजनीति करते हैं।
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