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Kaithal News: बीज-उर्वरक के 33 नमूने जांच के लिए लैब में भेजे
Fri, 14 Nov 2025 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 14 Nov 2025 01:00 AM IST
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बीज और उर्वरक के नमूनों की जांच करती टीम।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। पंचकूला से कृषि विभाग की एक विशेष टीम दो दिवसीय निरीक्षण अभियान के तहत कैथल पहुंची। यह राज्यव्यापी अभियान हरियाणा के सभी जिलों में बीज और उर्वरक की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
टीम ने मंडी कलायत, कैथल, क्योड़क, चीका, ढांड और पूंडरी क्षेत्रों का दौरा कर विभिन्न विक्रेताओं से बीज और उर्वरक के कुल 33 नमूने एकत्र किए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा गया है। इस टीम का नेतृत्व पंचकूला से आए डॉ. रविंद्र हूडा कर रहे थे। उनके साथ उप कृषि निदेशक कैथल डॉ. सुरेंद्र यादव, गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक भूपेंद्र सिंह, उप-मंडल कृषि अधिकारी कैथल डॉ. सतीश नारा और उप-मंडल कृषि अधिकारी चीका कंचन शर्मा भी शामिल रहे।
टीम सदस्यों ने बताया कि यह अभियान किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज और उर्वरक उपलब्ध कराने, साथ ही उर्वरकों के दुरुपयोग, कालाबाजारी और भ्रामक वितरण को रोकने के लिए शुरू किया गया है। अब उर्वरक वितरण प्रक्रिया ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल से जुड़ी हुई है। जो किसान उर्वरक खरीदना चाहते हैं, उन्हें अपने खेत का पंजीकरण इस पोर्टल पर कराना अनिवार्य है, ताकि उर्वरक वितरण में पारदर्शिता और संतुलित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
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कैथल। पंचकूला से कृषि विभाग की एक विशेष टीम दो दिवसीय निरीक्षण अभियान के तहत कैथल पहुंची। यह राज्यव्यापी अभियान हरियाणा के सभी जिलों में बीज और उर्वरक की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
टीम ने मंडी कलायत, कैथल, क्योड़क, चीका, ढांड और पूंडरी क्षेत्रों का दौरा कर विभिन्न विक्रेताओं से बीज और उर्वरक के कुल 33 नमूने एकत्र किए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा गया है। इस टीम का नेतृत्व पंचकूला से आए डॉ. रविंद्र हूडा कर रहे थे। उनके साथ उप कृषि निदेशक कैथल डॉ. सुरेंद्र यादव, गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक भूपेंद्र सिंह, उप-मंडल कृषि अधिकारी कैथल डॉ. सतीश नारा और उप-मंडल कृषि अधिकारी चीका कंचन शर्मा भी शामिल रहे।
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टीम सदस्यों ने बताया कि यह अभियान किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज और उर्वरक उपलब्ध कराने, साथ ही उर्वरकों के दुरुपयोग, कालाबाजारी और भ्रामक वितरण को रोकने के लिए शुरू किया गया है। अब उर्वरक वितरण प्रक्रिया ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल से जुड़ी हुई है। जो किसान उर्वरक खरीदना चाहते हैं, उन्हें अपने खेत का पंजीकरण इस पोर्टल पर कराना अनिवार्य है, ताकि उर्वरक वितरण में पारदर्शिता और संतुलित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
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