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जून के अंत में मेमू में बदल दी जाएगी 12 ट्रेनें, स्पीड बढने से मिलेगी राहत
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कैथल। नरवाना कुरुक्षेत्र रेल मार्ग पर करीब तीन महीने पहले विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने के बाद यहां पर इलेक्ट्रिक ट्रेन शुरु हुई है। लेकिन अब जल्द ही इस 85 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर जून के अंत तक मेमू (मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट) ट्रेन रेलवे द्वारा चला दी जाएगी। जिससे कैथल से कुरुक्षेत्र तक 1.15 घंटे में तय होने वाला सफर महज 50 मिनट का रह जाएगा। इसके साथ ही यहां से जींद व कुरुक्षेत्र जाने वाले यात्रियों को स्पीड बढ़ने से काफी राहत मिलेगी और उनके समय की भी काफी बचत होगी।
12 ट्रेनों में होगा बदलाव
बता दें कि मेमू (मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट) ट्रेन चलाने की जानकारी रेलवे ने पत्र जारी करने के बाद दी है। जिसके बाद कैथल से कुरुक्षेत्र व जींद दोनों रूटों पर जाने वाली 12 ट्रेनों में बदलाव होगा। इसके साथ ही स्पीड बढ़ने के बाद पूरे सफर में करीब 40 मिनट के समय में भी बदलाव होगा।
मेमू में यह है विशेष फीचर
रेल यात्री कल्याण संघ के चेयरमैन सतपाल गुप्ता ने बताया कि मेमू (मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट) ट्रेन की पिक अप काफी तेज है। जिस कारण उसकी स्पीड बढ़ने में अधिक समय न लगकर केवल दो मिनट ही लगते है। जबकि डीजल या अन्य इलेक्ट्रिक लोको तेजी से अपनी स्पीड बढ़ाने में अक्षम होता है। गुप्ता ने बताया कि इस समय ट्रैक के सामान्य रेक में केवल एक ही लोको इंजन है। जबकि मेमू ट्रेन में तीन इलेक्ट्रिक इंजन होते है। जिसमें दो ड्राईवर व एक पूरे रेक को बिजली देने वाला इंजन शामिल रहता है। उन्होंने बताया कि मेमू ट्रेन चलने के बाद ट्रैक पर 90 से 100 किलोमीटर तक की स्पीड से ट्रेन दौड़ सकती है।
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ढाई से तीन महीने तक चलेगी
कुरुक्षेत्र नरवाना रेल सेक्शन पर लाइन का विद्युतीकरण होने के बाद सभी को उम्मीद रहती है कि यहां पर मेमू ट्रेन रेलवे चलाए। इस प्रक्रिया में करीब छह से सात महीने का समय लग जाता है। रेलवे ने पत्र जारी किया है। इससे उम्मीद कर सकते है अगले ढाई से तीन महीने तक मेमू ट्रेन इस रूट पर चल जाएगी।
एसएन गुप्ता, स्टेशन अधीक्षक,
कुरुक्षेत्र।
12 ट्रेनों में होगा बदलाव
बता दें कि मेमू (मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट) ट्रेन चलाने की जानकारी रेलवे ने पत्र जारी करने के बाद दी है। जिसके बाद कैथल से कुरुक्षेत्र व जींद दोनों रूटों पर जाने वाली 12 ट्रेनों में बदलाव होगा। इसके साथ ही स्पीड बढ़ने के बाद पूरे सफर में करीब 40 मिनट के समय में भी बदलाव होगा।
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मेमू में यह है विशेष फीचर
रेल यात्री कल्याण संघ के चेयरमैन सतपाल गुप्ता ने बताया कि मेमू (मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट) ट्रेन की पिक अप काफी तेज है। जिस कारण उसकी स्पीड बढ़ने में अधिक समय न लगकर केवल दो मिनट ही लगते है। जबकि डीजल या अन्य इलेक्ट्रिक लोको तेजी से अपनी स्पीड बढ़ाने में अक्षम होता है। गुप्ता ने बताया कि इस समय ट्रैक के सामान्य रेक में केवल एक ही लोको इंजन है। जबकि मेमू ट्रेन में तीन इलेक्ट्रिक इंजन होते है। जिसमें दो ड्राईवर व एक पूरे रेक को बिजली देने वाला इंजन शामिल रहता है। उन्होंने बताया कि मेमू ट्रेन चलने के बाद ट्रैक पर 90 से 100 किलोमीटर तक की स्पीड से ट्रेन दौड़ सकती है।
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ढाई से तीन महीने तक चलेगी
कुरुक्षेत्र नरवाना रेल सेक्शन पर लाइन का विद्युतीकरण होने के बाद सभी को उम्मीद रहती है कि यहां पर मेमू ट्रेन रेलवे चलाए। इस प्रक्रिया में करीब छह से सात महीने का समय लग जाता है। रेलवे ने पत्र जारी किया है। इससे उम्मीद कर सकते है अगले ढाई से तीन महीने तक मेमू ट्रेन इस रूट पर चल जाएगी।
एसएन गुप्ता, स्टेशन अधीक्षक,
कुरुक्षेत्र।