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सप्तम नवरात्र पर मां कालरात्रि की पूजा कर मांगीं मन्नतें
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कैथल। शुक्रवार को सातवें नवरात्र के उपलक्ष्य में मां कालरात्रि की पूजा हुई। सातवें नवरात्र भी शहर के सभी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। छोटी देवी व बड़ी देवी मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। शनिवार को कंजकों का पूजन करने के बाद व्रत रख रहे श्रद्धालुओं कंजकों को भोजन ग्रहण करवाकर व्रत को खोला जाएगा।
वहीं सीवन में भी श्रद्धालुओं में मां कालरात्रि की पूजा अर्चना की। पं. प्रेम ने बताया कि इस दिन मां दुर्गा के कालरात्रि रूप की पूजा की जाती है। मां कालरात्रि अपने भक्तों के सारे भय हर लेती है। काल का नाश करने वाली मां कालरात्रि की पूजा करने से जीवन की सभी समस्याओं को हल करने की शक्ति मिलती है। मां दुर्गा के कालरात्रि रूप का अवतार असुरों के राजा रक्तबीज का वध करने के लिए हुआ था। इनकी पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। नवरात्रे के 7वें दिन आज भी मंदिरों में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रही। स्वर्ग द्वार शिव मंदिर में प्रतिदिन सत्संग किया जा रहा है। महंत सुरेंद्र गिरी प्रतिदिन कथा करते हैं व कथा के बाद प्रसाद का वितरण किया जाता है। इस अवसर पर संगीत बंसल, डॉ. बहादुर सिंह मदान, सतीश सरदाना, बलराज बंसल, रामपाल बंसल, कंवल संदूजा, अंजू संदूजा, बबीता वर्मा, शिल्पा, सोनिया व शालिनी सहित काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
पूंडरी में पंडित रविदत्त शास्त्री ने कहा कि नवरात्र के अष्टमी में मां के महागौरी स्वरूप की पूजा की जाती है। इस अष्टमी को कन्याओं को पूजते समय दो संकल्प जरूर लें कि गर्भ के अंदर न तो किसी कन्या की भ्रूण हत्या करेंगे और न ही किसी को करने देंगे। दूसरा स्त्री के प्रति सम्मान की दृष्टि रखेंगे यही वास्तविक और यथार्थ में महागौरी की पूजा होगी।
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वहीं सीवन में भी श्रद्धालुओं में मां कालरात्रि की पूजा अर्चना की। पं. प्रेम ने बताया कि इस दिन मां दुर्गा के कालरात्रि रूप की पूजा की जाती है। मां कालरात्रि अपने भक्तों के सारे भय हर लेती है। काल का नाश करने वाली मां कालरात्रि की पूजा करने से जीवन की सभी समस्याओं को हल करने की शक्ति मिलती है। मां दुर्गा के कालरात्रि रूप का अवतार असुरों के राजा रक्तबीज का वध करने के लिए हुआ था। इनकी पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। नवरात्रे के 7वें दिन आज भी मंदिरों में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रही। स्वर्ग द्वार शिव मंदिर में प्रतिदिन सत्संग किया जा रहा है। महंत सुरेंद्र गिरी प्रतिदिन कथा करते हैं व कथा के बाद प्रसाद का वितरण किया जाता है। इस अवसर पर संगीत बंसल, डॉ. बहादुर सिंह मदान, सतीश सरदाना, बलराज बंसल, रामपाल बंसल, कंवल संदूजा, अंजू संदूजा, बबीता वर्मा, शिल्पा, सोनिया व शालिनी सहित काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
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पूंडरी में पंडित रविदत्त शास्त्री ने कहा कि नवरात्र के अष्टमी में मां के महागौरी स्वरूप की पूजा की जाती है। इस अष्टमी को कन्याओं को पूजते समय दो संकल्प जरूर लें कि गर्भ के अंदर न तो किसी कन्या की भ्रूण हत्या करेंगे और न ही किसी को करने देंगे। दूसरा स्त्री के प्रति सम्मान की दृष्टि रखेंगे यही वास्तविक और यथार्थ में महागौरी की पूजा होगी।
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