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शहर में कचरे की समस्या गहराई, पार्षदों ने की डीसी से मुलाकात, डीसी ने एडीसी को जारी किए निर्देश
Updated Tue, 01 May 2018 12:00 AM IST
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धरने पर डटे किसान , बोले -डीसी साहब! हमारी भी सुन लो...इस कचरे ने जीना दूभर कर दिया है हमारा
डीसी ने कहा-डंपिंग यार्ड में कचरा नहीं डालने दिया गया तो होगी एफआईआर
शहर में कचरे की समस्या गहराई, पार्षदों ने की डीसी से मुलाकात, डीसी ने एडीसी को जारी किए निर्देश
फोटो संख्या-5, 6, 7
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। शहर में कचरे की समस्या विकराल होती जा रही है। एक ओर किसान डंपिंग यार्ड में कचरा ना डालने देने के लिए धरने पर डटे हुए हैं। दूसरी ओर जिला प्रशासन द्वारा इस समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। शहर में लोगों के घरों में कचरा एकत्रित होने लगा है। कचरा उठान कार्य प्रभावित होने से डोर टू डोर कचरा उठाने में भी परेशानी आ रही है। सोमवार को नगर परिषद के कार्यकारी चेयरमैन डॉ. पवन थरेजा के नेतृत्व में पार्षदों ने डीसी से मुलाकात की और कचरा डालने की समस्या का समाधान करने की मांग की। मामले को सुलझाने की जिम्मेवारी अब एडीसी पार्थ गुप्ता को सौंप दी गई है।
70 एकड़ फसल जली,19 एकड़ फसल की गिरदावरी ही बताई
धरने पर डटे किसानों ने कहा कि जिला प्रशासन अंग्रेजी हुकूमत की तरह से व्यवहार कर रहा है। जबकि आज ऐसा नहीं हो सकता कि लोगों की सुनवाई ही ना हो। किसानों व गांव के लोगों को ही केस दर्ज करने की धमकी दी जा रही है। उनकी 70 एकड़ फसल जली, गिरदावरी जाम खुलवाने के समय 70 एकड़ की बताई गई। अब महज 19 एकड़ फसल की गिरदावरी ही बताई जा रही है। डीसी साहब..हमारी भी सुन लो। केवल ठेकेदार की ही सुनवाई क्यों हो रही है। कचरे के उठान से ना केवल फसल जली है। बल्कि इस क्षेत्र में मक्खियों, मच्छरों ने जीना दूभर कर दिया है। गांवों में हर कार्य प्रभावित होने लगा है। साथ ही प्रभावित हो रहा है स्वच्छ भारत अभिया। बड़ी समस्या मक्खियों की हो गई है। उधर, भाकियू की एक बैठक धरनास्थल पर हुई। जिसकी अध्यक्षता प्रधान सतपाल दिल्लोंवाली ने की। उन्होंने कहा कि किसानों के धरने को लेकर प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। किसानों को फसल का मुआवजा दियाजाए, जिस ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज है, उसे गिरफ्तार किया जाए। 2 मई को इन समस्याओं को लेकर यहां बड़ा फैसला लिया जा सकता है। भाकियू ने तहसीलदार की भी चेतावनी दी है। तहसीलदार का रवैया किसान विरोधी है। इस अवसर पर सुखपाल मोठसरा, राम सिंह खुराना, हवा सिंह मानस, कपिल गढ़ी, सुरेंद्र लांबा, लालू खुराना, जयभवगान, मुख्त्यारा, रहाबीर, रामचंद्र, कर्मबीर, सुरेश खुराना, अमृत, गुरमीत सिंह, बलवंत सिंह कुल्तारण सहित अन्य किसान मौजूद थे।
डीसी साहब..कचरा उठवा दो:-शहर से कचरा उठान प्रभावित होने पर कार्यकारी चेयरमैन डा. पवन थरेजा की अगुवाई में पार्षद वीरेंद्र बिल्लू, विनोद सोनी, दीपक शर्मा, नरेश मित्तल सहित अन्य पार्षद डीसी से मिले और डीसी से शहर से कचरा उठान में आ रही समस्या के समाधान की मांग की। डीसी ने मामले में तुरंत एडीसी पार्थ गुप्ता को निर्देश दिए कि इस समस्या का समाधान करवाया जाए।
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एडीसी से मुलाकात के बाद पार्षद वापिस लौट गए। इसके बाद नगर परिषद की ओर से एक कर्मचारी किसानों को समझा-बुझाकर यहां कचरा डालने देने का आग्रह किया। जिस पर किसानों ने कहा कि उनकी मांगें पूरी होने तक उनका धरना जारी रहेगा।
बताया जा रहा है कि आज एडीसी पार्थ गुप्ता इस मामले में किसानों से मिलने के लिए धरनास्थल पर जा सकते हैं।
उधर, ठेकेदार मोहन ने कहा कि जैसे-तैसे कचरे को शहर से उठाकर डाला जा रहा है। एक निश्चित जगह ना होने के कारण कचरा डंपिंग में परेशानी आ रही है और समय भी ज्यादा लग रहा है। कमेटी की मदद से कचरा दूसरी जगहों पर डाला जा रहा है।
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डीसी ने कहा-डंपिंग यार्ड में कचरा नहीं डालने दिया गया तो होगी एफआईआर
शहर में कचरे की समस्या गहराई, पार्षदों ने की डीसी से मुलाकात, डीसी ने एडीसी को जारी किए निर्देश
फोटो संख्या-5, 6, 7
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। शहर में कचरे की समस्या विकराल होती जा रही है। एक ओर किसान डंपिंग यार्ड में कचरा ना डालने देने के लिए धरने पर डटे हुए हैं। दूसरी ओर जिला प्रशासन द्वारा इस समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। शहर में लोगों के घरों में कचरा एकत्रित होने लगा है। कचरा उठान कार्य प्रभावित होने से डोर टू डोर कचरा उठाने में भी परेशानी आ रही है। सोमवार को नगर परिषद के कार्यकारी चेयरमैन डॉ. पवन थरेजा के नेतृत्व में पार्षदों ने डीसी से मुलाकात की और कचरा डालने की समस्या का समाधान करने की मांग की। मामले को सुलझाने की जिम्मेवारी अब एडीसी पार्थ गुप्ता को सौंप दी गई है।
70 एकड़ फसल जली,19 एकड़ फसल की गिरदावरी ही बताई
धरने पर डटे किसानों ने कहा कि जिला प्रशासन अंग्रेजी हुकूमत की तरह से व्यवहार कर रहा है। जबकि आज ऐसा नहीं हो सकता कि लोगों की सुनवाई ही ना हो। किसानों व गांव के लोगों को ही केस दर्ज करने की धमकी दी जा रही है। उनकी 70 एकड़ फसल जली, गिरदावरी जाम खुलवाने के समय 70 एकड़ की बताई गई। अब महज 19 एकड़ फसल की गिरदावरी ही बताई जा रही है। डीसी साहब..हमारी भी सुन लो। केवल ठेकेदार की ही सुनवाई क्यों हो रही है। कचरे के उठान से ना केवल फसल जली है। बल्कि इस क्षेत्र में मक्खियों, मच्छरों ने जीना दूभर कर दिया है। गांवों में हर कार्य प्रभावित होने लगा है। साथ ही प्रभावित हो रहा है स्वच्छ भारत अभिया। बड़ी समस्या मक्खियों की हो गई है। उधर, भाकियू की एक बैठक धरनास्थल पर हुई। जिसकी अध्यक्षता प्रधान सतपाल दिल्लोंवाली ने की। उन्होंने कहा कि किसानों के धरने को लेकर प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। किसानों को फसल का मुआवजा दियाजाए, जिस ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज है, उसे गिरफ्तार किया जाए। 2 मई को इन समस्याओं को लेकर यहां बड़ा फैसला लिया जा सकता है। भाकियू ने तहसीलदार की भी चेतावनी दी है। तहसीलदार का रवैया किसान विरोधी है। इस अवसर पर सुखपाल मोठसरा, राम सिंह खुराना, हवा सिंह मानस, कपिल गढ़ी, सुरेंद्र लांबा, लालू खुराना, जयभवगान, मुख्त्यारा, रहाबीर, रामचंद्र, कर्मबीर, सुरेश खुराना, अमृत, गुरमीत सिंह, बलवंत सिंह कुल्तारण सहित अन्य किसान मौजूद थे।
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डीसी साहब..कचरा उठवा दो:-शहर से कचरा उठान प्रभावित होने पर कार्यकारी चेयरमैन डा. पवन थरेजा की अगुवाई में पार्षद वीरेंद्र बिल्लू, विनोद सोनी, दीपक शर्मा, नरेश मित्तल सहित अन्य पार्षद डीसी से मिले और डीसी से शहर से कचरा उठान में आ रही समस्या के समाधान की मांग की। डीसी ने मामले में तुरंत एडीसी पार्थ गुप्ता को निर्देश दिए कि इस समस्या का समाधान करवाया जाए।
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एडीसी से मुलाकात के बाद पार्षद वापिस लौट गए। इसके बाद नगर परिषद की ओर से एक कर्मचारी किसानों को समझा-बुझाकर यहां कचरा डालने देने का आग्रह किया। जिस पर किसानों ने कहा कि उनकी मांगें पूरी होने तक उनका धरना जारी रहेगा।
बताया जा रहा है कि आज एडीसी पार्थ गुप्ता इस मामले में किसानों से मिलने के लिए धरनास्थल पर जा सकते हैं।
उधर, ठेकेदार मोहन ने कहा कि जैसे-तैसे कचरे को शहर से उठाकर डाला जा रहा है। एक निश्चित जगह ना होने के कारण कचरा डंपिंग में परेशानी आ रही है और समय भी ज्यादा लग रहा है। कमेटी की मदद से कचरा दूसरी जगहों पर डाला जा रहा है।