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ग्राम पंचायत भूना पर लगा आरोप

Wed, 20 Sep 2017 12:04 AM IST
Updated Wed, 20 Sep 2017 12:04 AM IST
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ग्राम पंचायत भूना पर लगा आरोप
ग्राम पंचायत भूना पर लगा आरोप, स्टेटस को के बावजूद जमीन पर जबरन चला दिए ट्रैक्टर
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अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। गांव भूना के दर्जनों बिस्वेदारों (पंचायती भूमि पर काबीज) ने एसडीएम दफ्तर के सामने प्रदर्शन किया तथा आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत की शह पर भू माफिया उनकी जमीनों पर अवैध कब्जे की फिराक में है लेकिन प्रशासन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। बिस्वेदारों ने एसडीएम सुरेंद्र पाल को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें कहा गया कि सैकड़ों लोग सोमवार को ट्रैक्टर लिए फिर उनकी जमीन में घुस आए तथा कब्जे की कोशिश की। हालांकि इस जमीन पर कमिश्नर ने स्टेटस को दे रखा है। बिस्वेदारों ने कहा कि ग्राम पंचायत भूना की अगुवाई में जून में भी इसी तरह की जबरदस्ती करके उनकी फसल उजाड़ दी गई थी। अगर प्रशासन ने तभी सख्ती करके दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की होती तो किसी की भी कानून तोड़ने की दोबारा हिम्मत नहीं पड़ती। बिस्वेदारों की अगुवाई भुल्ला राम व कृष्ण कुमार कर रहे थे।
किसान नेता भुल्ला राम ने बताया कि उक्त जमीन उनके एक पूर्वज को 1951 में अलाट हुई थी। एक क्लरिकल गलती की वजह से यह जमीन विवादास्पद हो गई। तत्कालीन सरकार का पत्र यह आया था कि इस जमीन में से 75 प्रतिशत बिस्वेदारों को तथा 25 प्रतिशत ग्राम पंचायत भूना को दे दिया जाए। भुल्ला राम ने बताया कि तत्कालीन माल महकमा अधिकारियों की गलती से इसका उल्टा दर्ज कर दिया गया कि 25 प्रतिशत भूमि बिस्वेदारों को दे दी जाए तथा 75 प्रतिशत पंचायत के नाम कर दी जाए। भुल्ला राम ने बताया कि जमीन पर तब से ही काबिज तमाम बिस्वेदारों ने विभिन्न अदालतों में लंबी कानूनी लड़ाई लड़कर फैसला अपने हक में करवा लिया लेकिन ग्राम पंचायत भूना ने जमीन पर अपना दावा जताते हुए इसी साल की 8 जून को जमीन पर कब्जे की कार्रवाई कर दी।
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बीडीपीओ बोले मीटिंग के लिए गए थे : भुल्ला राम व कृष्ण कुमार ने आरटीआई के माध्यम से निकलवाए दस्तावेज भी पत्रकारों को उपलब्ध करवाए। बीडीपीओ गुहला द्वारा एसएचओ थाना सीवन को 8 जून 2017 को लिखे गए पत्र क्रमांक 1643 में लिखा है कि कलेक्टर द्वारा 30 मई 2017 को जमीन का फैसला पंचायत भूना के हक में करने के बाद सरपंच ने बीडीपीओ दफ्तर में सूचना दी कि उक्त भूमि पर कब्जे को लेकर बैठक की जानी है। बीडीपीओ के अनुसार जब वे खुद, ग्राम सचिव अजीत सिंह व राजकुमार तथा सुभाष पटवारी मौके पर पहुंचे तो वहां देखा कि सात आठ सौ लोग ट्रैक्टर ट्राली लेकर विवादित जमीन की ओर बढ़ रहे हैं। बीडीपीओ ने अपने पत्र में स्पष्ट लिखा है कि इन लोगों द्वारा कानूनी प्रक्रिया अपनाए बिना गैर कानूनी ढंग से कब्जा लेने की कोशिश की गई।
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बीडीपीओ ने कब्जा लेने गए लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गुजारिश एसएचओ सीवन से की थी। ये बात अलग है कि अब तक किसी के खिलाफ भी मामला दर्ज नहीं हुआ है।
इस संबंध में एसडीएम गुहला ने बताया कि बीडीपीओ को तलब कर लिया गया है और उनसे रिपोर्ट आने के बाद ही बनती कार्रवाई की जाएगी।
ग्राम पंचायत भूना के सरपंच कृष्ण कुमार ने कहा कि उक्त जमीन के विवाद में उपायुक्त कैथल ने ग्राम पंचायत के हक में डिक्री कर दी है। जमीन का इंतकाल भी पंचायत के नाम चढ़ चुका है। जमीन पर कब्जा भी भूना पंचायत का है। सरपंच ने कहा कि पंचायत अपनी जमीन नहीं बोएगी तो और कौन बोएगा। सरपंच ने कहा कि कुछ लोग इस जमीन के मालिकाना हक को लेकर हर जगह झूठ बोल रहे हैं लेकिन हमारी सच्चाई तो कागज बोलेगी।
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