फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   26 schools are in danger due to low numbers, preparations for merger

Kaithal News: कम संख्या पर 26 स्कूल खतरे में, मर्जर की तैयारी

Wed, 16 Jul 2025 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Wed, 16 Jul 2025 01:10 AM IST
विज्ञापन
26 schools are in danger due to low numbers, preparations for merger
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कैथल। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत को साढ़े तीन महीने बीत चुके हैं, लेकिन जिले के 26 राजकीय स्कूलों में अब भी विद्यार्थियों की संख्या 20 से नीचे बनी हुई है। इनमें 25 प्राइमरी और एक मिडिल स्कूल शामिल हैं।

सबसे अधिक प्रभावित स्कूल गुहला खंड में हैं, जहां ऐसे 12 स्कूल हैं, जबकि सीवन में 9, पूंडरी में 3, कलायत और कैथल में एक-एक स्कूल शामिल हैं।

हालांकि शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के लिए ‘प्रवेश उत्सव’ जैसे अभियान चलाए थे और शिक्षकों द्वारा गांव-गांव जाकर संवाद भी किया गया। फिर भी स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ।
विज्ञापन


72 स्कूलों में 30 से भी कम छात्र : जिले के 72 सरकारी स्कूल ऐसे हैं जहां विद्यार्थियों की संख्या 30 से कम है। इनमें अकेले गुहला खंड के 28 स्कूल शामिल हैं। शिक्षा विभाग पहले भी इन स्कूल प्रमुखों के साथ बैठकें कर चुका है, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिले।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब दोबारा इन्हें निर्देश दिए गए हैं कि डोर-टू-डोर अभियान चलाकर दाखिले बढ़ाएं, अन्यथा इन स्कूलों को मर्ज करने की तैयारी की जा रही है।

खंडवार स्थिति

खंड
20 से कम
30 से कम

छात्रों वाले छात्रों वाले

स्कूल स्कूल

गुहला 12
28

कैथल
01
11

कलायत 01
03

पूंडरी 03
12

सीवन
09
16

राजौंद 00
02

कुल
26
72

यहां सबसे कम छात्र संख्या वाले स्कूल

स्कूल का नाम
छात्र संख्या

प्रा. स्कूल मटकालिया 04

प्रा. स्कूल रतनपुरा
05

प्रा. स्कूल डेरा गुरदासपुर
06

जिले में कुल सरकारी स्कूलों की संख्या

स्कूल स्तर
संख्या

प्राइमरी
371

मिडिल
66

हाई
33

सीनियर सेकेंडरी
119

कुल
589

दाखिले नहीं बढ़े तो

होंगे स्कूल मर्ज

गर्मी की छुट्टियों के चलते जून में ‘प्रवेश उत्सव’ और अन्य गतिविधियाँ ठप रहीं, जिससे कुछ स्कूलों में संख्या घट गई। स्कूल प्रमुखों को पुनः निर्देश दिए गए हैं कि दाखिले बढ़ाने को प्राथमिकता दें। यदि फिर भी स्थिति नहीं सुधरी तो कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को मर्ज करना पड़ेगा, जिससे ग्रामीणों को असुविधा हो सकती है। अधिक से अधिक बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिला कराना होगा। -रोहताश वर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed