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15 लाख 86 हजार 153 मतदाता चुनेंगे कुरु की भूमि से 17वीं लोकसभा सदस्य
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15 लाख 86 हजार 153 मतदाता चुनेंगे कुुरु की भूमि से 17वीं लोकसभा के लिए सदस्य
- निवर्तमान सांसद राजकुमार सैनी ने 4 साल तक उठाए रखा अपनी ही सरकार के विरोध का झंडा, अंतत: बनाई अलग पार्टी
- चुनाव की घोषणा होते ही राजनीतिक दलों व नेताओं में उम्मीदवारों को लेकर हार-जीत का गुणा भाग शुरू
- इस बार किसी बड़े नेता के रुप में भी मिल सकता है महाभारत की धरा को लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार
- आजादी के बाद से आज तक नहीं बन पाया कैथल से कोई भी नेता सांसद
नसीब सैनी
कैथल। 17वीं लोकसभा के लिए कुरु की भूमि में 15 लाख 86 हजार 153 मतदाता सदस्य चुनेंगे। जिसको लेकर चुनाव आयोग द्वारा चुनाव के एलान के साथ ही राजनीतिक दलों व नेताओं ने हार-जीत का गुणा-भाग लगाना शुरू कर दिया है। निवर्तमान सांसद राजकुमार सैनी 5 में से करीब 4 साल अपनी ही सरकार के विरोध का झंडा उठाए रहे। भाजपा को महाभारत की धरती पर लगातार दूसरी बार जीत के लिए इस बार नया चेहरा तलाशना होगा। जिसमें संभावनाएं हैं कि कोई बड़ा चेहरा इस कुरुक्षेत्र की धरा से चुनाव लड़ सकता है।
कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र में कैथल व कुरुक्षेत्र के अलावा यमुनानगर का रादौर हलका आता है। जिसमें कुल 15 लाख 86 हजार 153 मतदाता हैं। इनमें कैथल जिले में 7 लाख 24 हजार, 59 मतदाताओं में 3 लाख 34 हजार 348 महिला, 3 लाख 89 611 पुरुष मतदाता हैं। वहीं कुुरुक्षेत्र जिले में कुल 6 लाख 77 हजार 552 मतदाताओं में 3 लाख 20 हजार 959, महिला व 3 लाख 56 हजार 593 पुरुष मतदाता हैं। इसके अलावा रादौर में 1 लाख 84 हजार 542 वोटर हैं। जिसमें 85 हजार 393 महिला व 99 हजार 149 पुरुष मतदाता हैं। पूरे लोकसभा क्षेत्र में 7 लाख 40 हजार 700 महिलाएं व 8 लाख 45 हजार 453 पुरुष मतदाता हैं।
ये हो सकते हैं संभावित उम्मदवार :
- भाजपा में नायब सैनी, पवन सैनी, राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मेनका गांधी, कैलाश भगत।
- कांग्रेस की ओर से नवीन जिंदल का नाम सामने आ रहा है।
- जेजेपी की ओर से जयभगवान शर्मा डीडी, प्रो. रणधीर चीका के नाम चर्चा में हैं।
- इनेलो की ओर से डॉ. संतोष दहिया व अशोक अरोड़ा का नाम अभी तक चर्चा में हैं।
- लोसुपा व बसपा गठबंधन में यह सीट बसपा के खाते में आई है। जिसके लिए अभी तक किसी बड़े नेता का नाम बतौर उम्मीदवार सामने नहीं आया है।
कैथल जिले से नहीं बना आज तक कोई भी नेता सांसद : वर्ष 1952 में कैथल लोकसभा सीट के नाम से लोकसभा सीट थी। जिसमें वर्ष 1957 से 1962 में कांग्रेस के मूल चंद जैन, 1962 से 1967 तक कांग्रेस के डीडी पुरी, 1967 से 1971 तक गुलजारी लाल नंदा कांग्रेस से, 1977 से 1980 तक रघुबीर सिंह विर्क जनता पार्टी से, 1980 से 1984 तक मनोहर लाल सैनी जनता पार्टी से, 1984 से 1989 तक कांग्रेस के सरदार हरपाल सिंह, 1989 से 1991 तक जनता दल से गुरदयाल सैनी, 1991 से 1996 तक सरदार तारा सिंह कांग्रेस से, 1996 से 1998 तक ओपी जिंदल हरियाणा विकास पार्टी से, 1998 से 1999 तक कैलाशो सैनी इनेलो से, 1999 से 2004 तक कैलाशो सैनी इनेलो से, 2004 से 2009 व 2009 से 2014 तक कांग्रेस के नवीन जिंदल व वर्ष 2014 से 2019 तक भाजपा के राजकुमार सैनी सांसद बने हैं। इन सभी में एक भी नेता कैथल जिले से नहीं हैं। इस बार कैलाश भगत का नाम संभावित भाजपा उम्मीदवारों में शामिल है।
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- निवर्तमान सांसद राजकुमार सैनी ने 4 साल तक उठाए रखा अपनी ही सरकार के विरोध का झंडा, अंतत: बनाई अलग पार्टी
- चुनाव की घोषणा होते ही राजनीतिक दलों व नेताओं में उम्मीदवारों को लेकर हार-जीत का गुणा भाग शुरू
- इस बार किसी बड़े नेता के रुप में भी मिल सकता है महाभारत की धरा को लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार
- आजादी के बाद से आज तक नहीं बन पाया कैथल से कोई भी नेता सांसद
नसीब सैनी
कैथल। 17वीं लोकसभा के लिए कुरु की भूमि में 15 लाख 86 हजार 153 मतदाता सदस्य चुनेंगे। जिसको लेकर चुनाव आयोग द्वारा चुनाव के एलान के साथ ही राजनीतिक दलों व नेताओं ने हार-जीत का गुणा-भाग लगाना शुरू कर दिया है। निवर्तमान सांसद राजकुमार सैनी 5 में से करीब 4 साल अपनी ही सरकार के विरोध का झंडा उठाए रहे। भाजपा को महाभारत की धरती पर लगातार दूसरी बार जीत के लिए इस बार नया चेहरा तलाशना होगा। जिसमें संभावनाएं हैं कि कोई बड़ा चेहरा इस कुरुक्षेत्र की धरा से चुनाव लड़ सकता है।
कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र में कैथल व कुरुक्षेत्र के अलावा यमुनानगर का रादौर हलका आता है। जिसमें कुल 15 लाख 86 हजार 153 मतदाता हैं। इनमें कैथल जिले में 7 लाख 24 हजार, 59 मतदाताओं में 3 लाख 34 हजार 348 महिला, 3 लाख 89 611 पुरुष मतदाता हैं। वहीं कुुरुक्षेत्र जिले में कुल 6 लाख 77 हजार 552 मतदाताओं में 3 लाख 20 हजार 959, महिला व 3 लाख 56 हजार 593 पुरुष मतदाता हैं। इसके अलावा रादौर में 1 लाख 84 हजार 542 वोटर हैं। जिसमें 85 हजार 393 महिला व 99 हजार 149 पुरुष मतदाता हैं। पूरे लोकसभा क्षेत्र में 7 लाख 40 हजार 700 महिलाएं व 8 लाख 45 हजार 453 पुरुष मतदाता हैं।
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ये हो सकते हैं संभावित उम्मदवार :
- भाजपा में नायब सैनी, पवन सैनी, राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मेनका गांधी, कैलाश भगत।
- कांग्रेस की ओर से नवीन जिंदल का नाम सामने आ रहा है।
- जेजेपी की ओर से जयभगवान शर्मा डीडी, प्रो. रणधीर चीका के नाम चर्चा में हैं।
- इनेलो की ओर से डॉ. संतोष दहिया व अशोक अरोड़ा का नाम अभी तक चर्चा में हैं।
- लोसुपा व बसपा गठबंधन में यह सीट बसपा के खाते में आई है। जिसके लिए अभी तक किसी बड़े नेता का नाम बतौर उम्मीदवार सामने नहीं आया है।
कैथल जिले से नहीं बना आज तक कोई भी नेता सांसद : वर्ष 1952 में कैथल लोकसभा सीट के नाम से लोकसभा सीट थी। जिसमें वर्ष 1957 से 1962 में कांग्रेस के मूल चंद जैन, 1962 से 1967 तक कांग्रेस के डीडी पुरी, 1967 से 1971 तक गुलजारी लाल नंदा कांग्रेस से, 1977 से 1980 तक रघुबीर सिंह विर्क जनता पार्टी से, 1980 से 1984 तक मनोहर लाल सैनी जनता पार्टी से, 1984 से 1989 तक कांग्रेस के सरदार हरपाल सिंह, 1989 से 1991 तक जनता दल से गुरदयाल सैनी, 1991 से 1996 तक सरदार तारा सिंह कांग्रेस से, 1996 से 1998 तक ओपी जिंदल हरियाणा विकास पार्टी से, 1998 से 1999 तक कैलाशो सैनी इनेलो से, 1999 से 2004 तक कैलाशो सैनी इनेलो से, 2004 से 2009 व 2009 से 2014 तक कांग्रेस के नवीन जिंदल व वर्ष 2014 से 2019 तक भाजपा के राजकुमार सैनी सांसद बने हैं। इन सभी में एक भी नेता कैथल जिले से नहीं हैं। इस बार कैलाश भगत का नाम संभावित भाजपा उम्मीदवारों में शामिल है।
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