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ग्रुप डी के तहत वर्कशॉप में पीजीटी, बीटेक व एमटेक डिग्री धारक कर रहे हैं बसों की मुरम्मत
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रोडवेज वर्कशॉप में पीजीटी, बीटेक व एमटेक डिग्री धारक कर रहे हैं बसों की मरम्मत
चार कर्मचारी हैं मास्टर डिग्री धारक, 4 इंजीनियर व 4 अध्यापक कर रहे बसों को संवारने का कार्य
जीएम का फैसला, 24 ग्रुप-डी कर्मचारी पानी पिलाने की जगह बसों की करेंगे मरम्मत
विभाग को कर्मचारियों की कमी से मिलेगी बड़ी राहत
फोटो नंबर-17
कमल बहल
कैथल। हाल ही में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की ओर से ग्रुप डी के तहत की गई भर्ती में रोडवेज विभाग में 24 युवाओं को नौकरी मिली है। विभाग की ओर से वर्कशॉप में कर्मचारियों की कमी के चलते इन 24 कर्मचारियों को वर्कशॉप में ड्यूटी दी गई है। इन 24 कर्मचारियों में से आठ ऐसे कर्मचारी हैं, जो पीजीटी, बीटेक व एमटेक डिग्री धारक हैं। चार मैकेनिकल में इंजीनियर व चार अध्यापक हैं, एक कर्मचारी गणित का अध्यापक है। जिसने स्कूल की प्राइवेट नौकरी छोड़कर ग्रुप डी के तहत नौकरी ज्वाइन की है।
ग्रुप डी के तहत रोडवेज विभाग में लगे नरवाना वासी युवक विनोद जांगड़ा ने बताया कि वह पहले एक प्राइवेट कंपनी में सीनियर इंजीनियर था। अब रोडवेज में ग्रुप डी के तहत हेल्पर की नौकरी मिली है। इंजीनियर का ज्ञान होने के कारण अब बसों की मरम्मत का कार्य भी कर रहा है। उम्मीद है दो वर्षों के अंदर की प्रमोशन मिल जाएगी।
इसी प्रकार से एमएसई गणित व बीएड डिग्री धारक रामपाल ने बताया कि वह ग्रुप डी के तहत नौकरी लगने से पहले एक प्राइवेट स्कूल में बच्चों को गणित पढ़ाने का कार्य करता था। लेकिन वहां पर वेतन केवल नाम मात्र था। ग्रुप डी के तहत नौकरी मिली है, काफी खुशी हुई। लेकिन इस समय विभाग द्वारा वर्कशॉप में ड्यूटी दी गई है। विभाग के कार्यालय में क्लर्क की प्रमोशन मिलने की उम्मीद पर नौकरी ज्वाइन की है।
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मरम्मत के बिना विभाग में खड़ी रहती पांच बसें, अब मिलेगी राहत : बता दें कि रोडवेज विभाग में तकनीकी कर्मचारियों के कमी के चलते हर रोज चार से पांच बजे मरम्मत न होने के कारण वर्कशॉप में ही खड़ी रहती है। लेकिन अब ऐसा बिल्कुल भी नहीं होगा। ग्रुप डी के तहत वर्कशॉप में आए 15 युवकों द्वारा बसों की मरम्मत करवाए जाने से यह बसें भी रूटों पर दौड़ पाएगी।
रोडवज जीएम रामकुमार भुक्कल ने बताया कि विभाग को ग्रुप डी के तहत कुल 24 कर्मचारी मिले है। जिसमें से 10 कर्मचारी पीजीटी, बीटेक व एमटेक डिग्री धारक है। ऐसे में हेल्पर व तकनीकी कर्मचारियों की कमी के चलते उन्हें वर्कशॉप में रखने का फैसला लिया गया है। जिससे बसों की मरम्मत करने में अन्य कर्मचारियों को काफी सहायता मिलेगी।
यह है डिग्री धारक कर्मचारी :
विनोद जांगड़ा बीटेक इंजीनियरिंग मैकेनिकल
रामपाल गणित में एमएसई बीएड व एमएड
मनदीप सैनी पीजीटी अध्यापक
संदीप बीटेक एमटेक मैकेनिकल
सुखदेव बीटेक इंजीनियरिंग मैकेनिकल
मनदीप जांगड़ा एमएसई फिजिक्स
संजू चहल बीएसई गणित
सुशील संधू एमटेक मैकेनिकल
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चार कर्मचारी हैं मास्टर डिग्री धारक, 4 इंजीनियर व 4 अध्यापक कर रहे बसों को संवारने का कार्य
जीएम का फैसला, 24 ग्रुप-डी कर्मचारी पानी पिलाने की जगह बसों की करेंगे मरम्मत
विभाग को कर्मचारियों की कमी से मिलेगी बड़ी राहत
फोटो नंबर-17
कमल बहल
कैथल। हाल ही में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की ओर से ग्रुप डी के तहत की गई भर्ती में रोडवेज विभाग में 24 युवाओं को नौकरी मिली है। विभाग की ओर से वर्कशॉप में कर्मचारियों की कमी के चलते इन 24 कर्मचारियों को वर्कशॉप में ड्यूटी दी गई है। इन 24 कर्मचारियों में से आठ ऐसे कर्मचारी हैं, जो पीजीटी, बीटेक व एमटेक डिग्री धारक हैं। चार मैकेनिकल में इंजीनियर व चार अध्यापक हैं, एक कर्मचारी गणित का अध्यापक है। जिसने स्कूल की प्राइवेट नौकरी छोड़कर ग्रुप डी के तहत नौकरी ज्वाइन की है।
ग्रुप डी के तहत रोडवेज विभाग में लगे नरवाना वासी युवक विनोद जांगड़ा ने बताया कि वह पहले एक प्राइवेट कंपनी में सीनियर इंजीनियर था। अब रोडवेज में ग्रुप डी के तहत हेल्पर की नौकरी मिली है। इंजीनियर का ज्ञान होने के कारण अब बसों की मरम्मत का कार्य भी कर रहा है। उम्मीद है दो वर्षों के अंदर की प्रमोशन मिल जाएगी।
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इसी प्रकार से एमएसई गणित व बीएड डिग्री धारक रामपाल ने बताया कि वह ग्रुप डी के तहत नौकरी लगने से पहले एक प्राइवेट स्कूल में बच्चों को गणित पढ़ाने का कार्य करता था। लेकिन वहां पर वेतन केवल नाम मात्र था। ग्रुप डी के तहत नौकरी मिली है, काफी खुशी हुई। लेकिन इस समय विभाग द्वारा वर्कशॉप में ड्यूटी दी गई है। विभाग के कार्यालय में क्लर्क की प्रमोशन मिलने की उम्मीद पर नौकरी ज्वाइन की है।
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मरम्मत के बिना विभाग में खड़ी रहती पांच बसें, अब मिलेगी राहत : बता दें कि रोडवेज विभाग में तकनीकी कर्मचारियों के कमी के चलते हर रोज चार से पांच बजे मरम्मत न होने के कारण वर्कशॉप में ही खड़ी रहती है। लेकिन अब ऐसा बिल्कुल भी नहीं होगा। ग्रुप डी के तहत वर्कशॉप में आए 15 युवकों द्वारा बसों की मरम्मत करवाए जाने से यह बसें भी रूटों पर दौड़ पाएगी।
रोडवज जीएम रामकुमार भुक्कल ने बताया कि विभाग को ग्रुप डी के तहत कुल 24 कर्मचारी मिले है। जिसमें से 10 कर्मचारी पीजीटी, बीटेक व एमटेक डिग्री धारक है। ऐसे में हेल्पर व तकनीकी कर्मचारियों की कमी के चलते उन्हें वर्कशॉप में रखने का फैसला लिया गया है। जिससे बसों की मरम्मत करने में अन्य कर्मचारियों को काफी सहायता मिलेगी।
यह है डिग्री धारक कर्मचारी :
विनोद जांगड़ा बीटेक इंजीनियरिंग मैकेनिकल
रामपाल गणित में एमएसई बीएड व एमएड
मनदीप सैनी पीजीटी अध्यापक
संदीप बीटेक एमटेक मैकेनिकल
सुखदेव बीटेक इंजीनियरिंग मैकेनिकल
मनदीप जांगड़ा एमएसई फिजिक्स
संजू चहल बीएसई गणित
सुशील संधू एमटेक मैकेनिकल