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किसानों को नहीं मिल रहे बासमती धान के वाजिब धान
Updated Tue, 14 Nov 2017 12:07 AM IST
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किसानों को नहीं मिल रहे बासमती धान के वाजिब धान
अमर उजाला ब्यूरो
पाई। क्षेत्र में बासमती धान उत्पादक किसानों के द्वारा अपनी धान वाजिब कीमत न मिलने के कारण रोक ली गई है, जबकि पाई की अनाज मंडी में किसानों की बासमती धान जिला कैथल में सबसे तेज मूल्य पर बिक रही है। किसानों के द्वारा अपने घरों में ही नही अपितु पाई अनाज मंडी में भी बेचने के लिये डाली गई धान को भी रोक लिया है। पूर्व प्रधान रणधीर सिंह फौजी ने बताया कि इस समय बासमती धान से मंडी पुरी तरह से भरी पड़ी है, कही पर भी पैर रखने की जगह नही है। कुछ किसान अपनी धान बेच कर जा रहे है। इस समय पाई में बासमती धान कैथल जिला में सबसे तेज 3950 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही है तो वही 1121 के दाम 3225 के पास है। विदित रहे कि पाई क्षेत्र की बासमती धान के चावलों से देश ही नही अपितु विदेश में भी महक उठाते है। इस क्षेत्र में अन्य दूसरी किस्म की धान का उत्पादन मात्र पांच प्रतिशत ही होता। जिले की अन्य अनाज मंडी में यह धान पाई की कह कर अधिक दामों पर बिकती है। पाई के किसान महावीर, राजेश, बलबीर फौजी, बलिन्द्र, मनोज, मन दीप आदि ने बताया कि देश में इस किस्म का उत्पादन काफी कम है, जबकि विदेशों में इसकी मांग आये साल से अधिक है। पता चला कि इसके चावल के सौदे व्यापारियों द्वारा अधिक मंहगे दामों पर किये गये और देश में उत्पादन कम होने के कारण व्यापारी इस चावल को दे नही पायेगा। जिसके चलते इसके दामों में भयानक तेजी आयेगी। इस धान के दाम कम से कम 4 हजार रुपये प्रति क्विंटल तो अवश्य ही होगे। इसी आस में किसानों के द्वारा अपनी यह धान रोकी हुई है।
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अमर उजाला ब्यूरो
पाई। क्षेत्र में बासमती धान उत्पादक किसानों के द्वारा अपनी धान वाजिब कीमत न मिलने के कारण रोक ली गई है, जबकि पाई की अनाज मंडी में किसानों की बासमती धान जिला कैथल में सबसे तेज मूल्य पर बिक रही है। किसानों के द्वारा अपने घरों में ही नही अपितु पाई अनाज मंडी में भी बेचने के लिये डाली गई धान को भी रोक लिया है। पूर्व प्रधान रणधीर सिंह फौजी ने बताया कि इस समय बासमती धान से मंडी पुरी तरह से भरी पड़ी है, कही पर भी पैर रखने की जगह नही है। कुछ किसान अपनी धान बेच कर जा रहे है। इस समय पाई में बासमती धान कैथल जिला में सबसे तेज 3950 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही है तो वही 1121 के दाम 3225 के पास है। विदित रहे कि पाई क्षेत्र की बासमती धान के चावलों से देश ही नही अपितु विदेश में भी महक उठाते है। इस क्षेत्र में अन्य दूसरी किस्म की धान का उत्पादन मात्र पांच प्रतिशत ही होता। जिले की अन्य अनाज मंडी में यह धान पाई की कह कर अधिक दामों पर बिकती है। पाई के किसान महावीर, राजेश, बलबीर फौजी, बलिन्द्र, मनोज, मन दीप आदि ने बताया कि देश में इस किस्म का उत्पादन काफी कम है, जबकि विदेशों में इसकी मांग आये साल से अधिक है। पता चला कि इसके चावल के सौदे व्यापारियों द्वारा अधिक मंहगे दामों पर किये गये और देश में उत्पादन कम होने के कारण व्यापारी इस चावल को दे नही पायेगा। जिसके चलते इसके दामों में भयानक तेजी आयेगी। इस धान के दाम कम से कम 4 हजार रुपये प्रति क्विंटल तो अवश्य ही होगे। इसी आस में किसानों के द्वारा अपनी यह धान रोकी हुई है।