{"_id":"598ca8294f1c1b34228b46f2","slug":"21502390313-kaithal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर के प्रॉपर्टी टैक्स बकायादारों के नाम होंगे सार्वजनिक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर के प्रॉपर्टी टैक्स बकायादारों के नाम होंगे सार्वजनिक
Updated Fri, 11 Aug 2017 12:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर के प्रॉपर्टी टैक्स बकायादारों के नाम होंगे सार्वजनिक
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नगर परिषद कैथल पिछले काफी समय से फंड संबंधी समस्या से जूझ रही है। हर माह कर्मचारियों को वेतन देने में भी परिषद को परेशानी हो रही है। इससे निजात के लिए परिषद अब शहर पर बकाया 14 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने की तैयारी में है। परिषद डिफॉल्टरों से वसूली के लिए कई कड़े कदम उठाने जा रही है। जिसके तहत अब नगर परिषद टैक्स के देनदारों के नाम सार्वजनिक करेगा। ईओ विक्रम सिंह ने बताया कि यह प्रक्रिया आने वाले 10 से 15 दिनों तक पूरी हो जाएगी।
14 करोड़ रुपये की बकाया है शहर पर : शहर में नगर परिषद का एक अप्रैल 2016 से अब तक 14 करोड़ 72 लाख 15 हजार 917 रुपये बकाया है। जिसमें हर साल करीब 3 करोड़ रुपया परिषद की डिमांड रहती है। इस साल अभी तक महज 1.74 करोड़ रुपया ही जमा हो पाया है। यदि प्रॉपर्टी टैक्स की रिकवरी हो जाए तो परिषद को वेतन सहित कई तरह की परेशानियों से मुक्ति मिल जाएगी।
डिफॉल्टरों के नाम होंगे सार्वजनिक : नगर परिषद डिफॉल्टरों के नाम परिषद कार्यालय के बाहर चस्पा करेगा। जिसमें उनके नाम व उनकी ओर बकाया राशि का जिक्र होगा। इसके अलावा कैथल नगर परिषद की वेबसाइट पर भी ये नाम सार्वजनिक होंगे।
विज्ञापन
शीघ्र जमा करवाएं अपना प्रॉपर्टी टैक्स : परिषद के ईओ विक्रम कुमार ने कहा कि लोगों से अपील है कि वे अपना बकाया प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाएं। ताकि शहर में विकास सहित साफ-सफाई व वेतन पर खर्च होने वाली राशि के लिए परिषद को दूसरे मदों पर निर्भर न रहना पड़े। अपना खर्च चलाने के लिए परिषद को फंड की आवश्यकता है। डिफॉल्टरों के नाम सार्वजनिक करने के साथ-साथ विभाग की साइट पर भी उनके नाम इंटरनेट के माध्यम से सार्वजनिक किए जाएंगे।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नगर परिषद कैथल पिछले काफी समय से फंड संबंधी समस्या से जूझ रही है। हर माह कर्मचारियों को वेतन देने में भी परिषद को परेशानी हो रही है। इससे निजात के लिए परिषद अब शहर पर बकाया 14 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने की तैयारी में है। परिषद डिफॉल्टरों से वसूली के लिए कई कड़े कदम उठाने जा रही है। जिसके तहत अब नगर परिषद टैक्स के देनदारों के नाम सार्वजनिक करेगा। ईओ विक्रम सिंह ने बताया कि यह प्रक्रिया आने वाले 10 से 15 दिनों तक पूरी हो जाएगी।
14 करोड़ रुपये की बकाया है शहर पर : शहर में नगर परिषद का एक अप्रैल 2016 से अब तक 14 करोड़ 72 लाख 15 हजार 917 रुपये बकाया है। जिसमें हर साल करीब 3 करोड़ रुपया परिषद की डिमांड रहती है। इस साल अभी तक महज 1.74 करोड़ रुपया ही जमा हो पाया है। यदि प्रॉपर्टी टैक्स की रिकवरी हो जाए तो परिषद को वेतन सहित कई तरह की परेशानियों से मुक्ति मिल जाएगी।
विज्ञापन
डिफॉल्टरों के नाम होंगे सार्वजनिक : नगर परिषद डिफॉल्टरों के नाम परिषद कार्यालय के बाहर चस्पा करेगा। जिसमें उनके नाम व उनकी ओर बकाया राशि का जिक्र होगा। इसके अलावा कैथल नगर परिषद की वेबसाइट पर भी ये नाम सार्वजनिक होंगे।
विज्ञापन
शीघ्र जमा करवाएं अपना प्रॉपर्टी टैक्स : परिषद के ईओ विक्रम कुमार ने कहा कि लोगों से अपील है कि वे अपना बकाया प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाएं। ताकि शहर में विकास सहित साफ-सफाई व वेतन पर खर्च होने वाली राशि के लिए परिषद को दूसरे मदों पर निर्भर न रहना पड़े। अपना खर्च चलाने के लिए परिषद को फंड की आवश्यकता है। डिफॉल्टरों के नाम सार्वजनिक करने के साथ-साथ विभाग की साइट पर भी उनके नाम इंटरनेट के माध्यम से सार्वजनिक किए जाएंगे।