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Kaithal News: फर्जी दस्तावेजों पर 21 लाख का कर्ज, केस
Mon, 07 Aug 2023 02:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 07 Aug 2023 02:06 AM IST
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कैथल। चीका में फर्जी दस्तावेजों पर 21 लाख रुपये का कर्ज लेने का मामला सामने आया है। चीका थाना में दी गई शिकायत में वार्ड नंबर आठ निवासी महिंद्र चंद हाल दिल्ली में रहता है। वार्ड सात निवासी प्रवीन कुमार रौनकराम मांगे राम फर्म चीका का वर्ष 2010 से मालिक है।
रौनक राम मांगे राम फर्म चीका के मालिक प्रवीण कुमार ने अपनी फर्म के लिए वर्ष 2010 में कोटक महिंद्रा बैंक से 40 लाख का कर्ज और सीसी लिमिट ली। ये उपरोक्त फर्म के बैंक ने गारंटर के तौर पर वार्ड नंबर छह रामफल और प्रवीण की पत्नी नीरू ने लिए थे। वर्ष 2014-15 में यह कर्ज और सीसी लिमिट को 40 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ 10 लाख का बनवा लिया। जो अभी तक उपरोक्त फर्म के बैंक गारंटर रामफल और नीरू रानी ही थे, जो उपरोक्त फर्म के लिया लोन और सीसी लिमिट लगातार रिन्यू होती रही।
2020 के कोरोना काल में फर्म पर कोटक महिंद्रा बैंक चीका से 20 लाख रुपये का लोन और सीसी लिमिट बना ली। इससे पहले 2015 में सरस्वती राइस मील फर्म का गठन हुआ। इसका हिस्सेदार अमित कुमार और मांगे राम बना। फर्म ने 2015 में कोटक महिंद्रा बैंक चीका से 2.50 करोड़ रुपये का लोन वा सीसी लिमिट पास कराई, जिसके हिस्सेदार अमित के गारंटर वह थे। दूसरे हिस्सेदार के गारंटर प्रवीण और रामफल बने। आरोपी फर्म के मालिक प्रवीण ने छह जुलाई 2020 को बैंक मैनेजर राघव और बैंक के उच्च अधिकारियों के साथ मिलकर रौनक राम मांगे राम फर्म के कर्ज और सीसी लिमिट को पास किया और मां सरस्वती राइस मिल फर्म के कोटक महिंद्रा बैंक चीका की तरफ से लिए गए दस्तावेज का गलत और शिकायतकर्ता के फर्जी हस्ताक्षर और षड्यंत्र रच रौनक राम मांगे राम फर्म के मालिक प्रवीण और उपरोक्त ने अपनी उपरोक्त फर्म के लिए नया लोन और सीसी लिमिट पास करवा ली। आरोपी ने गत 2022 में बैंक ने उसके डीआरटी कार्यालय कोर्ट चंडीगढ़ में केस दायर करवा दिया। महिंद्र ने बताया कि इस नोटिस का जवाब वकील के माध्यम से दिया और वकील के माध्यम से कोटक महिंद्रा बैंक की ओर से लिए कर्ज और सीसी लिमिट के दस्तावेज निकलवाए। थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार ने बताया कि इस मामले में तीन आरोपियों में खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसमें प्रवीन, विवेक शर्मा और कैलाश बिष्ट आरोपी हैं।
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रौनक राम मांगे राम फर्म चीका के मालिक प्रवीण कुमार ने अपनी फर्म के लिए वर्ष 2010 में कोटक महिंद्रा बैंक से 40 लाख का कर्ज और सीसी लिमिट ली। ये उपरोक्त फर्म के बैंक ने गारंटर के तौर पर वार्ड नंबर छह रामफल और प्रवीण की पत्नी नीरू ने लिए थे। वर्ष 2014-15 में यह कर्ज और सीसी लिमिट को 40 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ 10 लाख का बनवा लिया। जो अभी तक उपरोक्त फर्म के बैंक गारंटर रामफल और नीरू रानी ही थे, जो उपरोक्त फर्म के लिया लोन और सीसी लिमिट लगातार रिन्यू होती रही।
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2020 के कोरोना काल में फर्म पर कोटक महिंद्रा बैंक चीका से 20 लाख रुपये का लोन और सीसी लिमिट बना ली। इससे पहले 2015 में सरस्वती राइस मील फर्म का गठन हुआ। इसका हिस्सेदार अमित कुमार और मांगे राम बना। फर्म ने 2015 में कोटक महिंद्रा बैंक चीका से 2.50 करोड़ रुपये का लोन वा सीसी लिमिट पास कराई, जिसके हिस्सेदार अमित के गारंटर वह थे। दूसरे हिस्सेदार के गारंटर प्रवीण और रामफल बने। आरोपी फर्म के मालिक प्रवीण ने छह जुलाई 2020 को बैंक मैनेजर राघव और बैंक के उच्च अधिकारियों के साथ मिलकर रौनक राम मांगे राम फर्म के कर्ज और सीसी लिमिट को पास किया और मां सरस्वती राइस मिल फर्म के कोटक महिंद्रा बैंक चीका की तरफ से लिए गए दस्तावेज का गलत और शिकायतकर्ता के फर्जी हस्ताक्षर और षड्यंत्र रच रौनक राम मांगे राम फर्म के मालिक प्रवीण और उपरोक्त ने अपनी उपरोक्त फर्म के लिए नया लोन और सीसी लिमिट पास करवा ली। आरोपी ने गत 2022 में बैंक ने उसके डीआरटी कार्यालय कोर्ट चंडीगढ़ में केस दायर करवा दिया। महिंद्र ने बताया कि इस नोटिस का जवाब वकील के माध्यम से दिया और वकील के माध्यम से कोटक महिंद्रा बैंक की ओर से लिए कर्ज और सीसी लिमिट के दस्तावेज निकलवाए। थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार ने बताया कि इस मामले में तीन आरोपियों में खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसमें प्रवीन, विवेक शर्मा और कैलाश बिष्ट आरोपी हैं।
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