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नहर से हो रहा पानी का रिसाव, कैसे काटें धान की फसल
Updated Fri, 22 Sep 2017 12:53 AM IST
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नहर से हो रहा पानी का रिसाव, कैसे काटें धान की फसल
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। हेेमू माजरा से होकर गुजरने वाली मारकंडा माइनर में से लगातार हो रहे पानी के रिसाव के चलते गांव दुसेरपुर के किसान काफी परेशान हैं। माइनर में से हो रहे पानी के रिसाव को रोकने के लिए किसानों ने कई विभाग को शिकायत की है लेकिन अधिकारी किसानों की एक नहीं सुन रहे। दुसेरपुर के किसान शीशपाल, दिलबाग सिंह, रामधारी, कृष्ण शर्मा, वजीर सिंह ने बताया कि विभाग ने इस वर्ष मारकंडा माइनर की सफाई नहीं करवाई। सफाई न होने के चलते चूहों ने माइनर में बिल बना लिए हैं। किसानों ने बताया कि अब धान की फसल पक कर तैयार है और अगले कुछ दिनों में इसे काटा जाना है, लेकिन नहर के साथ लगते कई एकड़ में पानी भरा है। ऐसे हालात में न तो खेत में मशीन से कटाई करवाई जा सकती है और न ही मजदूर धान को काट कर जमीन पर डाल सकते हैं। उन्होंने बताया कि अब उन्हें ट्रैक्टर व इंजनों की मदद से खेतों में खड़ा पानी बाहर निकालना पड़ रहा है।
सिंचाई विभाग के एसडीओ धीरज कैरों ने बताया कि नहरों हर समय बेलदार तैनात रहते हैं, जोकि किसानों की हर समस्या देर करते हैं। हर वर्ष नहरों की सफाई करवाई जाती है। पिछले तीन महीने से नहर में पानी चल रहा है ऐसे में घास उग आती है और छोटे मोटे बिल भी बन जाते हैं। किसानों की शिकायत मिलते ही नहर का पानी बंद करवा दिया गया।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। हेेमू माजरा से होकर गुजरने वाली मारकंडा माइनर में से लगातार हो रहे पानी के रिसाव के चलते गांव दुसेरपुर के किसान काफी परेशान हैं। माइनर में से हो रहे पानी के रिसाव को रोकने के लिए किसानों ने कई विभाग को शिकायत की है लेकिन अधिकारी किसानों की एक नहीं सुन रहे। दुसेरपुर के किसान शीशपाल, दिलबाग सिंह, रामधारी, कृष्ण शर्मा, वजीर सिंह ने बताया कि विभाग ने इस वर्ष मारकंडा माइनर की सफाई नहीं करवाई। सफाई न होने के चलते चूहों ने माइनर में बिल बना लिए हैं। किसानों ने बताया कि अब धान की फसल पक कर तैयार है और अगले कुछ दिनों में इसे काटा जाना है, लेकिन नहर के साथ लगते कई एकड़ में पानी भरा है। ऐसे हालात में न तो खेत में मशीन से कटाई करवाई जा सकती है और न ही मजदूर धान को काट कर जमीन पर डाल सकते हैं। उन्होंने बताया कि अब उन्हें ट्रैक्टर व इंजनों की मदद से खेतों में खड़ा पानी बाहर निकालना पड़ रहा है।
सिंचाई विभाग के एसडीओ धीरज कैरों ने बताया कि नहरों हर समय बेलदार तैनात रहते हैं, जोकि किसानों की हर समस्या देर करते हैं। हर वर्ष नहरों की सफाई करवाई जाती है। पिछले तीन महीने से नहर में पानी चल रहा है ऐसे में घास उग आती है और छोटे मोटे बिल भी बन जाते हैं। किसानों की शिकायत मिलते ही नहर का पानी बंद करवा दिया गया।
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