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आंगनबाड़ी हेल्पर के 43 पदों के लिए दूसरे दिन भी भीड़ उमड़ी
Updated Tue, 13 Jun 2017 11:49 PM IST
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दूसरे दिन भी उमड़ी महिलाओं की भीड़
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। आंगनबाड़ी हेल्पर के 43 पदों पर भर्ती के लिए एडीसी कार्यालय में दूसरे दिन भी महिलाओं की भीड़ उमड़ी। इस दौरान जिलेभर की करीब 400 महिलाएं इंटरव्यू देने के लिए लघु सचिवालय पहुंची। इंटरव्यू देने के लिए एडीसी कार्यालय में पहुंची महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। महिलाओं के लिए बैठने व पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी। मंगलवार को सुबह आठ बजे से ही महिलाएं जिला सचिवालय में पहुंचना शुरू हो गई थी। जिसके बाद यही कारवां दोपहर के तीन बजे तक चलता रहा।
इंटरव्यू देने पहुंची महिलाओं ने कहा कि प्रशासन द्वारा महिलाओं को जानकारी देने के लिए व्यक्ति को नियुक्त नहीं किया। जिसके कारण महिलाएं जानकारी के अभाव में इधर-उधर भटकती रही। इंटरव्यू देने पहुंची महिला प्रवीन, रोशनी, संतोष, सोनिया, निर्मला ने बताया कि वे सुबह की लाइन में आकर बैठ गए थे, लेकिन उन्हें भी करीब तीन घंटे तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
महिला मुकेश रानी ने बताया कि कोई बैठने की भी व्यवस्था नहीं थी, यहां तक की वे जहां फर्श पर बैठे थे कुछ जगह वहां भी पंखे नहीं थे। शौचालय पर ताला लटक रहा था। महिलाएं अपने छोटे बच्चों को साथ लेकर गर्मी में ही बैठी रही। प्रशासन को ब्लाक वाइज साक्षात्कार देने वाली प्रतिभागियों को बुलाना चाहिए था, जिससे उन्हें परेशानियों का सामना न करना पड़ता।
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। आंगनबाड़ी हेल्पर के 43 पदों पर भर्ती के लिए एडीसी कार्यालय में दूसरे दिन भी महिलाओं की भीड़ उमड़ी। इस दौरान जिलेभर की करीब 400 महिलाएं इंटरव्यू देने के लिए लघु सचिवालय पहुंची। इंटरव्यू देने के लिए एडीसी कार्यालय में पहुंची महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। महिलाओं के लिए बैठने व पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी। मंगलवार को सुबह आठ बजे से ही महिलाएं जिला सचिवालय में पहुंचना शुरू हो गई थी। जिसके बाद यही कारवां दोपहर के तीन बजे तक चलता रहा।
इंटरव्यू देने पहुंची महिलाओं ने कहा कि प्रशासन द्वारा महिलाओं को जानकारी देने के लिए व्यक्ति को नियुक्त नहीं किया। जिसके कारण महिलाएं जानकारी के अभाव में इधर-उधर भटकती रही। इंटरव्यू देने पहुंची महिला प्रवीन, रोशनी, संतोष, सोनिया, निर्मला ने बताया कि वे सुबह की लाइन में आकर बैठ गए थे, लेकिन उन्हें भी करीब तीन घंटे तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
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महिला मुकेश रानी ने बताया कि कोई बैठने की भी व्यवस्था नहीं थी, यहां तक की वे जहां फर्श पर बैठे थे कुछ जगह वहां भी पंखे नहीं थे। शौचालय पर ताला लटक रहा था। महिलाएं अपने छोटे बच्चों को साथ लेकर गर्मी में ही बैठी रही। प्रशासन को ब्लाक वाइज साक्षात्कार देने वाली प्रतिभागियों को बुलाना चाहिए था, जिससे उन्हें परेशानियों का सामना न करना पड़ता।
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