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सीएम के फैसले से सिख समाज गौरवान्वित : हरपाल सिंह
एचसीएस की परीक्षा में सिखों को थी धार्मिक चिन्हों पर भी पाबंदी, हरियाणा शुगर फेडरेशन के चेयरमैन ने सीएम की जानकारी में लाई समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा आयोजित परीक्षा में किसी भी प्रकार की वस्तु परीक्षा केंद्र में ले जाने पर लगी पाबंदी के साथ सिख धर्म के चिह्नों पर भी पाबंदी से खड़ी हुई समस्या का मुख्यमंत्री ने महज एक दिन पहले मिली जानकारी के बाद समाधान कर दिया। उनके आदेश पर एचपीएससी ने भी सिख धर्म के परीक्षार्थियों को धार्मिक चिह्नों के साथ परीक्षा में बैठने की अनुमति जारी कर दी।
हरियाणा शुगर फेडरेशन के चेयरमैन हरपाल सिंह चीका ने बताया कि सिख धर्म में कंघा, कड़ा, कृपाण, कसारा, केश पांच कक्कार हैं। जो भी व्यक्ति सिख धर्म में आता है, उसके लिए अनिवार्य हैं। साथ ही अमृतधारी सिखों के लिए भी ये अनिवार्य हैं। एचसीएस की परीक्षा में सभी समाज के लोगों के बच्चे तैयारी में जुटे हुए थे। इसमें काफी बच्चे अमृतधारी थे। उनके लिए यह मुसीबत थी, जिसमें एचपीएससी में कड़ा व अन्य धार्मिक चिह्नों को लेकर अंदर नहीं जा सकते थे। जैसे ही यह सूचना लोग उनके संज्ञान में लकर आए तो उन्होंने शनिवार शाम ही सीएम मनोहर लाल से बात की। तो मुख्यमंत्री ने महज 15 मिनट में फैसला लेते हुए मीडिया के माध्यम सभी को संदेश जारी कर दिया और कहा कि जो बच्चे धार्मिक कक्कारों की मर्यादा में रहते हैं। वे इन्हें बिना उतारे परीक्षा में जा सकते हैं। इससे सिख समाज फख्र महसूस कर रहा है। मुख्यमंत्री के आभारी हैं, जिन्होंने इतना बड़ा फैसला महज कुछ ही मिनटों में लेकर परीक्षार्थियों को राहत पहुंचाई है।
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एचसीएस की परीक्षा में सिखों को थी धार्मिक चिन्हों पर भी पाबंदी, हरियाणा शुगर फेडरेशन के चेयरमैन ने सीएम की जानकारी में लाई समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा आयोजित परीक्षा में किसी भी प्रकार की वस्तु परीक्षा केंद्र में ले जाने पर लगी पाबंदी के साथ सिख धर्म के चिह्नों पर भी पाबंदी से खड़ी हुई समस्या का मुख्यमंत्री ने महज एक दिन पहले मिली जानकारी के बाद समाधान कर दिया। उनके आदेश पर एचपीएससी ने भी सिख धर्म के परीक्षार्थियों को धार्मिक चिह्नों के साथ परीक्षा में बैठने की अनुमति जारी कर दी।
हरियाणा शुगर फेडरेशन के चेयरमैन हरपाल सिंह चीका ने बताया कि सिख धर्म में कंघा, कड़ा, कृपाण, कसारा, केश पांच कक्कार हैं। जो भी व्यक्ति सिख धर्म में आता है, उसके लिए अनिवार्य हैं। साथ ही अमृतधारी सिखों के लिए भी ये अनिवार्य हैं। एचसीएस की परीक्षा में सभी समाज के लोगों के बच्चे तैयारी में जुटे हुए थे। इसमें काफी बच्चे अमृतधारी थे। उनके लिए यह मुसीबत थी, जिसमें एचपीएससी में कड़ा व अन्य धार्मिक चिह्नों को लेकर अंदर नहीं जा सकते थे। जैसे ही यह सूचना लोग उनके संज्ञान में लकर आए तो उन्होंने शनिवार शाम ही सीएम मनोहर लाल से बात की। तो मुख्यमंत्री ने महज 15 मिनट में फैसला लेते हुए मीडिया के माध्यम सभी को संदेश जारी कर दिया और कहा कि जो बच्चे धार्मिक कक्कारों की मर्यादा में रहते हैं। वे इन्हें बिना उतारे परीक्षा में जा सकते हैं। इससे सिख समाज फख्र महसूस कर रहा है। मुख्यमंत्री के आभारी हैं, जिन्होंने इतना बड़ा फैसला महज कुछ ही मिनटों में लेकर परीक्षार्थियों को राहत पहुंचाई है।
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