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ब्लाक समिति के सदस्यों ने चेयरमैन पर लगाए सरकारी फंड के दुरुपयोग के आरोप

Sun, 03 Feb 2019 12:19 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 03 Feb 2019 12:19 AM IST
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ब्लाक समिति के सदस्यों ने चेयरमैन पर लगाए सरकारी फंड के दुरुपयोग के आरोप
ब्लॉक समिति के सदस्यों ने चेयरमैन पर लगाए सरकारी फंड के दुरुपयोग के आरोप
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विकास एवं पंचायत विभाग के डायरेक्टर को दी शिकायत, पहले भी ठहराया जा चुका है फर्जीवाड़े में दोषी
अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। ब्लॉक पंचायत समिति के चेयरमैन के तानाशाही रवैये को लेकर 14 सदस्यों ने निदेशक विकास एवं पंचायत विभाग हरियाणा को शिकायत दर्ज करवाई है। वाइस चेयरमैन आनंद प्रकाश वर्मा के नेतृत्व में विभागीय निदेशक से मिल कर ब्लॉक समिति में हो रही धांधलियों के बारे में शिकायत दी है।
आनंद व बड़सीकरी खुर्द के सदस्य प्रतिनिधि धर्मवीर सिंह ने आरोप लगाया कि 4 दिसंबर की बैठक में करीब 66 लाख 80 हजार रुपये के विकास कार्यों के बारे में प्रस्ताव रखा गया। बैठक में मौजूद कुल 19 सदस्यों में से कार्रवाई रजिस्टर के उन प्रस्तावों पर मौजूद 12 सदस्यों ने अपनी सहमति की मुहर लगा दी थी, जो सदन के बहुमत से अधिक थी। उन्होंने आरोप लगाया कि चेयरमैन ने बहुमत से लिखे प्रस्ताव पर यह कर कर अपने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया कि वे अकेला जो कहेंगे वही कार्य होंगे। पिछले तीन वर्षों से वही कार्य हो रहे हैं जो वह चाहता है। वर्मा ने आरोप लगाया कि चेयरमैन पूरी तरह से निरंकुश होकर सरकारी पैसे का दुरुपयोग कर रहा है।
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इससे पूर्व भी विकास कार्यों पर हुए खर्च की चल रही है जांच : वाइस चेयरमैन ने बताया कि दिसंबर से पूर्व 26 फरवरी 2018 को ब्लाक समिति की बैठक हुई थी जिसमें मौजूद हुए 15 सदस्यों ने अपनी उपस्थिति के हस्ताक्षर किए। उनका कहना है कि चेयरमैन ने बिना सदस्यों की सहमति के 59 लाख 90 हजार 67 रुपये के विकास कार्यों के फर्जी प्रस्ताव डाल कर सरकार पैसे का दुरुपयोग किया। वर्मा ने कहा कि करीब 60 लाख रुपये के इन प्रस्तावों को चेयरमैन ने सदस्यों की अनुपस्थिति में डाला व उस पैसे से कहां विकास कार्य हुए उनका पता ही नहीं। प्रस्ताव डालने पर प्रस्ताव बुक में लिखा जाता है कि कितने सदस्य इस प्रस्ताव पर सहमत है तथा कितने असहमत है। पर प्रस्ताव पर किसी भी सदस्य के हस्ताक्षर नही हैं। जो सिद्ध करता है कि चेयरमैन ने सरकार को करीब 60 लाख रुपये का दुरुपयोग किया। उन्होंने कहा कि कुल 21 में से 14 सदस्यों ने इसकी शिकायत विकास एवं पंचायत विभाग व उपायुक्त को की थी जिसकी जांच अभी लंबित है।
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पहले भी ठहराया जा चुका है दोषी : ब्लॉक समिति के सदस्यों ने बताया कि इससे पूर्व भी कार्यालय के फर्निचर की खरीद में वह एसडीएम व उपायुक्त की जांच में दोषी पाया जा चुका है। नियम के हिसाब से ब्लाक समिति के चेयरमैन को केवल 10 हजार रुपये तक इन मदों पर खर्च करने का अधिकार है पर उसने नियम कायदों को ताक पर रख कर 55997 रुपये के फर्नीचर के बिल पास करवा लिए। इस मामले में भी चेयरमैन पर प्रशासनिक कार्रवाई अभी लंबित है।
एसडीएम जगदीप सिंह का कहना है कि करीब 60 लाख रुपये के विकास कार्य बिना सदस्यों की सहमति के करवाने बारे शिकायत उनको मिली है जिस पर अभी जांच चल रही है। जांच का कार्य पूरा होने के बाद उपायुक्त को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।

वहीं ब्लॉक समिति चेयरमैन परमवीर ने कहा कि उन पर लगाए गए सारे आरोप निराधार हैं। करीब 60 लाख के जिन विकास कार्यों को करवाया गया, उन पर बैठक में मौजूद 15 सदस्यों के हस्ताक्षर हैं। दिसंबर मास में हुई बैठक में जिन प्रस्तावों को विरोधी सदस्यों द्वारा रखा गया, उनमें केवल उन्हीं के वार्डों के विकास कार्य लिखे गए हैं। वे चाहते हैं कि 67 लाख 90 हजार की राशि सभी 21 वार्डों में समान रूप से खर्च हो इसी लिए उन्होंने प्रस्ताव पर अपने हस्ताक्षर नही किए।
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