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स्वयं डीसी ने रुचि लेकर बनवाई थी पुलिया, फिर भी नहीं हुआ समस्या का समाधान
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स्थायी समस्या बन गई है शहर में पुराने जिला अस्पताल की ओर जाने वाला व गोशाला रोड पर जलजमाव
ओवरफ्लो सीवर और नाले जाम, सड़क पर जलभराव, लोगों को आने-जाने में हो रही परेशानी
- स्वयं डीसी ने रुचि लेकर बनवाई थी पुलिया, फिर भी नहीं हुआ समस्या का समाधान
- पानी के बीच में से शव लेकर निकलना पड़ता है लोगों को
- दुकानदारों ने सुबह-सुबह किया प्रदर्शन, कहा-एक शव यात्रा में शव भी गिर गया था पानी में
प्रशासन दे इस ओर ध्यान, आखिर क्यों सिंचाई व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बंद किए हुए हैं आंखें
फोटो संख्या-21 से 23
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। ओवरफ्लो सीवर व जाम नाले के कारण पुराने अस्पताल की ओर गोशाला के निकट से होकर जाने वाले रास्ते व हिंद सिनेमा की ओर से बड़ी देवी माता मंदिर की ओर आने वाली सड़क पर जमा पानी नगर परिषद अधिकारियों की कारगुजारी की पोल खोल रहा है। निवर्तमान डीसी ने विशेष रुचि लेकर यहां पुलिया का निर्माण करवाया था। इसके बावजूद भी यहां सड़क के ऊपर जमा होने वाले पानी की समस्या का समाधान नहीं हो पाया। आलम यह है कि यहां श्मशान भूमि में जाने के लिए कई बार अर्थी लेकर पानी से गुजरना पड़ता है। दुकानदार बताते हैं एक एक बार तो यहां शव यात्रा में शव भी पानी में गिर गया था। जिस कारण न केवल यहां के दुकानदार बल्कि यहां से गुजरने वाले लोग भी परेशान हैं।
कई कार्यालयों, मार्केट, मंदिर में आना-जाना होता है इस मार्ग से : हिंद सिनेमा की ओर से आना-जाना हो या फिर गोशाला की ओर से आना-जाना हो। इस मार्ग से पुराना अस्पताल, सीएमओ कार्यालय, बड़ी देवी माता मंदिर, श्मशान भूमि, गोशाला, रेडक्रॉस कार्यालय के लिए आना-जाना रहता है। इसके अलावा जो लोग भीड़भाड़ वाली सड़क से गुरेज करते हैं, अंबाला व पटियाला रोड सहित सेक्टर 21 के लिए आने-जाने के लिए इस रास्ते का प्रयोग होता है।
स्थायी हो चली है दोनों ओर सड़क पर जलभराव की समस्या : दुकानदार नरेश अग्रवाल, सुधीर रहेजा, चरण सिंह सैनी, कोशल मेडिकल हाल, मोहन खुराना, एसबी फार्मा, डॉ. नफे सिंह सीएचडी लैब, विक्की श्री श्याम स्टूडियो, यू एस मित्तल, आकाश फार्मा, अजय, अरूण ने बताया कि पुराने अस्पताल में गर्भवती महिलाएं अपने चेकअप के लिए आती हैं। उनको पानी के अंदर से गुजर कर आना पड़ता है। यह समस्या स्थायी हो चली है। श्मशान भूमि में शव लेकर आने-जाने में भारी परेशानी होती है। उनकी मांग है कि जिन अधिकारियों ने यहां बनाई गई नई पुलिया के निर्माण को पास किया है, उनसे पूछा जाए कि आखिर उस पुलिया के निर्माण का फायदा क्या हुआ, जब यहां से पानी की निकासी ही नहीं हो पा रही है?
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बता दें कि निवर्तमान डीसी सुनीता वर्मा ने यहां पुलिया विशेष रुचि लेकर बनवाई थी। ताकि समस्या का समाधान हो सके। लेकिन पुलिया ऐसी बना दी कि उस पर करीब एक लाख रुपये से अधिक खर्च हुआ, जिसका कोई परिणाम नहीं निकला। लोग अभी भी यहां से आते-जाते समय प्रशासन को कोसने को मजबूर हैं।
उधर, करनाल रोड पर नाले की कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं
ओवरफ्लो हो चुका है नाला, दोनों विभागों के अधिकारियों ने हाथ खड़े किए
कैथल। करनाल रोड पर दोनों साइड से नाला बनाया गया है। जिसमें अब पानी भर चुका है। नहर विभाग के सामने वाली साइड का नाला ओवरफ्लो हो चुका है। लेकिन इसकी जिम्मेदारी लेने को कोई भी विभाग तैयार नहीं हैं। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कहते हैं कि वे लिखकर देने को तैयार हैं कि यह नाला हमारा नहीं हैं। वहीं नगर परिषद के अधिकारियों ने कहा कि नाले के रखरखाव का काम उनका नहीं है।
करनाल रोड पर दुकानदार विनय कुमार, राजेंद्र सिंह, सुरेश कुमार, रमेश कुमार ने कहा कि यह शहर की मुख्य सड़क है। इसके किनारे बनाया गया नाला ओवरफ्लो हो गया है। यह जगह-जगह से लीक होने लगा है। इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह नाला उनका नहीं हैं। एक्सईएन वीके गुप्ता ने कहा कि यह नाला उनका नहीं हैं। वे लिखकर देने को तैयार हैं कि नाला उनका नहीं हैं। वे इसकी सफाई नहीं करवा सकते।
वहीं नगर परिषद के सीएसआई मोहन भारद्वाज ने कहा कि नाले के रखरखाव का काम उनका नहीं हैं। इसकी निकासी का रास्ता ही नहीं हैं तो वे क्या करें।
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ओवरफ्लो सीवर और नाले जाम, सड़क पर जलभराव, लोगों को आने-जाने में हो रही परेशानी
- स्वयं डीसी ने रुचि लेकर बनवाई थी पुलिया, फिर भी नहीं हुआ समस्या का समाधान
- पानी के बीच में से शव लेकर निकलना पड़ता है लोगों को
- दुकानदारों ने सुबह-सुबह किया प्रदर्शन, कहा-एक शव यात्रा में शव भी गिर गया था पानी में
प्रशासन दे इस ओर ध्यान, आखिर क्यों सिंचाई व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बंद किए हुए हैं आंखें
फोटो संख्या-21 से 23
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। ओवरफ्लो सीवर व जाम नाले के कारण पुराने अस्पताल की ओर गोशाला के निकट से होकर जाने वाले रास्ते व हिंद सिनेमा की ओर से बड़ी देवी माता मंदिर की ओर आने वाली सड़क पर जमा पानी नगर परिषद अधिकारियों की कारगुजारी की पोल खोल रहा है। निवर्तमान डीसी ने विशेष रुचि लेकर यहां पुलिया का निर्माण करवाया था। इसके बावजूद भी यहां सड़क के ऊपर जमा होने वाले पानी की समस्या का समाधान नहीं हो पाया। आलम यह है कि यहां श्मशान भूमि में जाने के लिए कई बार अर्थी लेकर पानी से गुजरना पड़ता है। दुकानदार बताते हैं एक एक बार तो यहां शव यात्रा में शव भी पानी में गिर गया था। जिस कारण न केवल यहां के दुकानदार बल्कि यहां से गुजरने वाले लोग भी परेशान हैं।
कई कार्यालयों, मार्केट, मंदिर में आना-जाना होता है इस मार्ग से : हिंद सिनेमा की ओर से आना-जाना हो या फिर गोशाला की ओर से आना-जाना हो। इस मार्ग से पुराना अस्पताल, सीएमओ कार्यालय, बड़ी देवी माता मंदिर, श्मशान भूमि, गोशाला, रेडक्रॉस कार्यालय के लिए आना-जाना रहता है। इसके अलावा जो लोग भीड़भाड़ वाली सड़क से गुरेज करते हैं, अंबाला व पटियाला रोड सहित सेक्टर 21 के लिए आने-जाने के लिए इस रास्ते का प्रयोग होता है।
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स्थायी हो चली है दोनों ओर सड़क पर जलभराव की समस्या : दुकानदार नरेश अग्रवाल, सुधीर रहेजा, चरण सिंह सैनी, कोशल मेडिकल हाल, मोहन खुराना, एसबी फार्मा, डॉ. नफे सिंह सीएचडी लैब, विक्की श्री श्याम स्टूडियो, यू एस मित्तल, आकाश फार्मा, अजय, अरूण ने बताया कि पुराने अस्पताल में गर्भवती महिलाएं अपने चेकअप के लिए आती हैं। उनको पानी के अंदर से गुजर कर आना पड़ता है। यह समस्या स्थायी हो चली है। श्मशान भूमि में शव लेकर आने-जाने में भारी परेशानी होती है। उनकी मांग है कि जिन अधिकारियों ने यहां बनाई गई नई पुलिया के निर्माण को पास किया है, उनसे पूछा जाए कि आखिर उस पुलिया के निर्माण का फायदा क्या हुआ, जब यहां से पानी की निकासी ही नहीं हो पा रही है?
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बता दें कि निवर्तमान डीसी सुनीता वर्मा ने यहां पुलिया विशेष रुचि लेकर बनवाई थी। ताकि समस्या का समाधान हो सके। लेकिन पुलिया ऐसी बना दी कि उस पर करीब एक लाख रुपये से अधिक खर्च हुआ, जिसका कोई परिणाम नहीं निकला। लोग अभी भी यहां से आते-जाते समय प्रशासन को कोसने को मजबूर हैं।
उधर, करनाल रोड पर नाले की कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं
ओवरफ्लो हो चुका है नाला, दोनों विभागों के अधिकारियों ने हाथ खड़े किए
कैथल। करनाल रोड पर दोनों साइड से नाला बनाया गया है। जिसमें अब पानी भर चुका है। नहर विभाग के सामने वाली साइड का नाला ओवरफ्लो हो चुका है। लेकिन इसकी जिम्मेदारी लेने को कोई भी विभाग तैयार नहीं हैं। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कहते हैं कि वे लिखकर देने को तैयार हैं कि यह नाला हमारा नहीं हैं। वहीं नगर परिषद के अधिकारियों ने कहा कि नाले के रखरखाव का काम उनका नहीं है।
करनाल रोड पर दुकानदार विनय कुमार, राजेंद्र सिंह, सुरेश कुमार, रमेश कुमार ने कहा कि यह शहर की मुख्य सड़क है। इसके किनारे बनाया गया नाला ओवरफ्लो हो गया है। यह जगह-जगह से लीक होने लगा है। इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह नाला उनका नहीं हैं। एक्सईएन वीके गुप्ता ने कहा कि यह नाला उनका नहीं हैं। वे लिखकर देने को तैयार हैं कि नाला उनका नहीं हैं। वे इसकी सफाई नहीं करवा सकते।
वहीं नगर परिषद के सीएसआई मोहन भारद्वाज ने कहा कि नाले के रखरखाव का काम उनका नहीं हैं। इसकी निकासी का रास्ता ही नहीं हैं तो वे क्या करें।