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ेत में स्प्रे करते समय दवाई चढने से 33 वर्षीय युवक की मौत
Updated Fri, 17 Aug 2018 12:34 AM IST
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खेत में स्प्रे करते समय दवाई चढने से 33 वर्षीय युवक की मौत
फोटो नंबर-53
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला चीका। गांव खरकां में धान के खेतों में स्प्रे करते समय दवाई चढने से एक 33 वर्षीय युवक की मौत होने का समाचार प्राप्त हुआ है। खरकां निवासी सतनाम सिंह ने बताया कि गत तीन अगस्त को उसका लड़का बलविंद्र सिंह अपने खेत में कीट नाशक दवाई का स्प्रे करने गया था। स्प्रे करते समय बलविंद्र सिंह को दवाई चढ़ गई और वह बेहोश हो वहीं खेत में ही गिर पड़ा। सतनाम सिंह ने बताया कि आसपास के खेतों में काम कर रहे किसानों ने उन्हें बलविंद्र सिंह को दवाई चढने की सूचना दी तो वे तरंत खेत में पहुंचे और बेहोश पड़े बलविंद्र सिंह को इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में लेकर गए, जहां पर डाक्टर ने बलविंद्र सिंह की नाजुक हालत को देखते हुए उसे किसी बड़े अस्पजाल में ले जाने को कहा। सतनाम सिंह ने बताया कि जब वे बलविंद्र सिंह को लेकर कैथल जा रहे थे तो उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। सतनाम सिंह ने बताया कि बलविंद्र सिंह शादी शुदा था और वह अपने पीछे दो छोटे छोटे बच्चे व पत्नी को छोड़ गया है। घर में कमाने वाला बलविंद्र सिंह अकेला था, बेटे बलविंद्र सिंह की मौत के बाद पूरे परिवार को पालने की जिम्मेवारी उसके बूढ़े कंधों पर आ गई है। सतनाम सिंह ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है।
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फोटो नंबर-53
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला चीका। गांव खरकां में धान के खेतों में स्प्रे करते समय दवाई चढने से एक 33 वर्षीय युवक की मौत होने का समाचार प्राप्त हुआ है। खरकां निवासी सतनाम सिंह ने बताया कि गत तीन अगस्त को उसका लड़का बलविंद्र सिंह अपने खेत में कीट नाशक दवाई का स्प्रे करने गया था। स्प्रे करते समय बलविंद्र सिंह को दवाई चढ़ गई और वह बेहोश हो वहीं खेत में ही गिर पड़ा। सतनाम सिंह ने बताया कि आसपास के खेतों में काम कर रहे किसानों ने उन्हें बलविंद्र सिंह को दवाई चढने की सूचना दी तो वे तरंत खेत में पहुंचे और बेहोश पड़े बलविंद्र सिंह को इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में लेकर गए, जहां पर डाक्टर ने बलविंद्र सिंह की नाजुक हालत को देखते हुए उसे किसी बड़े अस्पजाल में ले जाने को कहा। सतनाम सिंह ने बताया कि जब वे बलविंद्र सिंह को लेकर कैथल जा रहे थे तो उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। सतनाम सिंह ने बताया कि बलविंद्र सिंह शादी शुदा था और वह अपने पीछे दो छोटे छोटे बच्चे व पत्नी को छोड़ गया है। घर में कमाने वाला बलविंद्र सिंह अकेला था, बेटे बलविंद्र सिंह की मौत के बाद पूरे परिवार को पालने की जिम्मेवारी उसके बूढ़े कंधों पर आ गई है। सतनाम सिंह ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है।