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वाल्मीकि समाज के युवा की कर दी थी मजहबी सिख (अल्पसंख्यक) के तौर पर शिनाख्त

Thu, 17 Jan 2019 12:14 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 17 Jan 2019 12:14 AM IST
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वाल्मीकि समाज के युवा की कर दी थी मजहबी सिख (अल्पसंख्यक) के तौर पर शिनाख्त
डीसी ने गांव भूना के सरपंच को किया टर्मिनेट, 6 साल के लिए चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित
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- वाल्मीकि समाज के युवा की कर दी थी मजहबी सिख के तौर पर शिनाख्त, पहले किया गया था सस्पेंड
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। डीसी धर्मबीर सिंह ने गांव भूना के सरपंच कृष्ण कुमार को उनके पद से टर्मिनेट कर दिया है। उनके खिलाफ विभाग को शिकायत की गई थी कि गांव में एक वाल्मीकि समाज के व्यक्ति की बतौर मजहबी सिख अल्पसंख्यक शिनाख्त कर दी थी। गांव के नंबरदार पर भी यही आरोप था। नंबरदार पर क्या कार्रवाई की गई, इस बारे में खुलासा नहीं हो पाया है। सरपंच को आगामी 6 साल के लिए चुनाव लड़ने से भी अयोग्य करार दिया गया है।
मामले में मिली जानकारी के अनुसार गांव भूना निवासी साहिल ने शिकायत की थी कि गांव के सरपंच कृष्ण कुमार व नंबरदार ने गांव के एक व्यक्ति की शिनाख्त बतौर मजहबी सिख अल्पसंख्यक समुदाय की कर दी थी। जबकि वह वाल्मीकि समाज से संबंध रखता है। इस शिकायत की जांच पहले एसडीएम गुहला द्वारा की गई। जांच में दोनों को दोषी करार दिया था। इस जांच के बाद सरपंच को सस्पेंड कर दिया गया था। इसके बाद एडीसी द्वारा नियमित जांच की गई। एडीसी की जांच रिपोर्ट में सरपंच व नंबरदार को गलत तस्दीक करने का दोषी पाया गया। इसके बाद कैथल डीसी धर्मबीर सिंह ने सरपंच कृष्ण को टर्मिनेट कर दिया। हालांकि सरपंच अभी उच्च अधिकारियों के यहां अपील दायर कर सकते हैं।
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शिकायतकर्ता साहिल ने बताया कि सरपंच को उनकी शिकायत पर टर्मिनेट किया गया है। इस सरपंच के खिलाफ मिट्टी चोरी करने के आरोप में भी मामला दर्ज है।
डीडीपीओ कंवर दमन सिंह ने कहा कि दो-दो जांच रिपोर्ट में सरपंच व नंबरदार को दोषी पाया गया। जिस कारण डीसी द्वारा सरपंच को उनके पद से टर्मिनेट किया गया है। साथ ही चुनाव लड़ने के लिए 6 साल के लिए अयोग्य घोषित किया गया है।
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इस संबंध में सरपंच कृष्ण कुमार का कहना है कि जिस व्यक्ति का प्रमाण पत्र उन्होंने तस्दीक किया था, वह उनके कार्यकाल से पहले 2015 में बना हुआ है। उन्होंने 9 मार्च 2016 को पुराने प्रमाण पत्र के आधार पर उसे तस्दीक कर दिया था। जब तक पुराने प्रमाण पत्र को टर्मिनेट नहीं किया जाता, तब तक वह मेरे सरकारी निर्देशानुसार पत्र है और उसी के आधार पर उन्होंने उस व्यक्ति की तस्दीक की थी। सरपंच ने कहा कि उनके तस्दीक करने से पहले नंबरदार ने भी उसे तस्दीक किया था। चूंकि मैंने शिकायतकर्ता से 85 एकड़ पंचायती जमीन के कब्जे को छुड़वाया था, जिस कारण वह रंजिश रखे हुए है। इस जमीन में 153 गरीब लोगों के प्लॉट थे, जिसकी रजिस्ट्री 1983 में इनके नाम हुई थी। इन लोगों को उनका हक दिलवाने की रंजिश में कई नेता भी उसका साथ दे रहे हैं। जिस कारण उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। मैं इस मामले में उच्च अधिकारियों या कोर्ट में फैसले के खिलाफ अपील दायर करेंगे।
सिख वाल्मीकि कहलाते हैं मजहबी सिख
इस संबंध में एकत्र की गई जानकारी के अनुसार सिख धर्म अपनाने वाले वाल्मीकि जाति के लोगों को कानूनन मजहबी सिख का दर्जा दिया जाता है। उन्हें दलितों को मिलने वाले लाभों के साथ-साथ अल्पसंख्यकों को मिलने वाले फायदों को भी हासिल करने का कानूनी अधिकार है।

डीसी धर्मबीर सिंह ने कहा कि गांव भूना के सरपंच ने दीपक कुमार को मजहबी सिख जाति का तस्दीक करके उसे अल्पसंख्यक का प्रमाण पत्र जारी कर प्रशासन को गुमराह किया है। अपने कर्तव्यों का सही निर्वहन न करने पर सरपंच कृष्ण कुमार को तुरंत प्रभाव से पदच्युत करते हुए उसे छह साल के लिए अयोग्य करार दिया गया है।
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