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शुगर मिल कांटे में चिप मामले में कर्मचारी भी आए अब किसानों के समर्थन में

Mon, 12 Nov 2018 11:47 PM IST
Updated Mon, 12 Nov 2018 11:47 PM IST
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शुगर मिल कांटे में चिप मामले में कर्मचारी भी आए अब किसानों के समर्थन में
अब किसानों के समर्थन में आए शुगर मिल के कर्मचारी
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- शुगर मिल के धर्मकांटे में चिप लगा मिलने का मामला, निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर दिया डीसी को ज्ञापन
- 14 नवंबर को बुलाई शुगर मिल कर्मचारियों ने बैठक, तकनीकी रूप से उच्च ज्ञान प्राप्त एक अधिकारी पर लगाए गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग

फोटो संख्या-9

अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। शुगर मिल में कांटे में मिली चिप के मामले में अब कर्मचारी भी भारतीय किसान संघ के समर्थन में आ गए हैं। किसानों के बाद अब कर्मचारियों ने डीसी को ज्ञापन देकर चिप घोटाले में जांच की मांग की है। किसान संघ ने अब सवाल उठाया है कि मामले में अज्ञात की जगह दोषी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई हो। वहीं मिल में एक बड़े अधिकारी की तकनीकी जानकारी को मुद्दा बनाते हुए किसान संघ ने अधिकारी की संलिप्तता के सीधे आरोप जड़े हैं। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इस मामले को दबाने का प्रयास किया तो पूरे प्रदेश में आंदोलन किया जाएगा।
जिस की कस्टडी में आता है धर्मकांटा, उसके खिलाफ क्यों नहीं की एफआईआर : शुगर मिल में इलेक्ट्रॉनिक धर्मकांटे में ऐसी चिप मिली है, जो विदेश से लाई गई बताई जा रही है। इसके माध्यम से दूर खड़ा होकर व्यक्ति रिमोट से कांटे में वजन को नियंत्रित कर सकता है। मिल अधिकारियों ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाकर अपने कर्तव्य से इतिश्री कर ली है। किसान संघ का सवाल है कि आखिर मिल में अज्ञात व्यक्ति कौन होता है, जो चिप लगा गया? क्यों नहीं उस कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ सीधा केस दर्ज करवाया गया, जिसकी कस्टडी में धर्मकांटे की जिम्मेदारी है? इस पूरे मामले में अभी तक आला अधिकारी भी मुंह खोलने को तैयार नहीं हैं।
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कर्मचारियों ने जताई अधिकारियों की मिलीभगत की संभावना : द कैथल को-ऑप्रेटिव शुगर मिल्स कर्मचारी यूनियन संबंधित भारतीय मजदूर संघ के प्रधान सुरेश कुमार, महासचिव व अन्य कर्मचारियों की अगुवाई में दिए गए ज्ञापन में कर्मचारियों ने कहा कि शुगर मिल के मुख्य कम्प्यूटराइज्ड कांटे में मिली रिमोट चिप से शुगर मिल को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। जिससे कर्मचारियों में रोष है। क्योंकि इस कांटे पर मिल का शीरा, चीनी, बकास व स्क्रैप सहित सभी तरह के सामान की तुलाई होती है। यह सिक्योरिटी कार्यालय एवं शुगर सेल कार्यालय से महज 25 मीटर कही दूरी पर है। शुगर सेल कार्यालय में इसकी तुलाई के लिए डिजिटल स्क्रीन लगी हुई है। जिस पर वजन की जानकारी मिलती है। इसलिए इसमें अधिकारियों के मिलीभगत होने की संभावना है। इसलिए कर्मचारियों की मांग है कि एक साल से लगे इस कांटे से जितना भी सामान तौला गया है, उसकी उच्चस्तरीय जांच की जाए और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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एक अधिकारी उच्च तकनीक में विशेषज्ञ, उसकी मिलीभगत की संभावना : भारतीय किसान संघ के नेता रणदीप फरल व गुल्तान सिंह नैना ने कहा कि मिल में सूत्रों ने बताया है कि एक अधिकारी उच्च तकनीक में विशेषज्ञ है। उन्हें पूरी आशंका है कि इस अधिकारी की मिलीभगत के कारण ही यह घोटाला हुआ है। इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। यह खेल शीरे व खोई में पिछले एक साल से चल रहा है। बताया जा रहा है कि मिल में शीरे की मात्रा का अनुपात पूरा करने के लिए पानी तक मिलाया गया है।

डीसी धर्मवीर सिंह से सीधी बातचीत
1. मिल में चिप मामले में किसान लगातार मांग कर रहे हैं? क्या कार्रवाई हुई?
इस मामले में पुलिस के आर्थिक अपराध शाखा द्वारा जांच की जा रही है। जांच में जो भी बात सामने आएगी, उसी अनुसार अगली कार्रवाई होगी।
2. अभी तक कुछ बात सामने आई है?
अभी जांच पूरी नहीं हुई है। जांच में जो बात सामने आएगी, वह बता दी जाएगी।
3. किसानों का आरोप है कि अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी गई? जबकि कांटे के इंचार्ज व संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं?
अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने से कुछ नहीं होता। जांच में जिसकी भी जिम्मेदारी निकल कर सामने आएगी, उसी के खिलाफ कार्रवाई होगी। चाहे वह कोई भी हो।
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