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ब्वॉयलर सप्ताह तक बंद रहेंगे तो धान में होगा करोड़ों रुपये का नुकसान-छाबड़ा
Updated Sat, 03 Nov 2018 12:30 AM IST
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ब्वॉयलर सप्ताह तक बंद रहेंगे तो धान में होगा करोड़ों रुपये का नुकसान-छाबड़ा
सरकार निर्णय पर करे विचार
फोटो संख्या-22
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। हरियाणा प्रदेश राइस मिल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा जो एनसीआर के राइस मिलरों के ब्वॉयलर को एक सप्ताह के लिए 4 से 10 अक्तमूबर तक बंद करने के आदेश जारी किए हैं, वह गल्त हैं। इससे मिलर्स को करोड़ों रुपये का नुकसान होगा। जिसमें सरकारी व प्राइवेट तौर पर खरीदी गई धान खराब हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस समय धान का सीजन अपने चरम पर है। हर रोज धान की खरीद हो रही है। जो धान खरीदी जाती है, उसमें काफी मात्रा में नमीयुक्त धान है। इसे सुखाना जरुरी है। यदि यह सुखाया नहीं गया तो इसमें फंगस लग जाएगी और यह खराब हो सकता है। मिलर्स को ही नहीं सरकार को भी करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी कहा है कि पंजाब के किसानों द्वारा पराली जलाये जाने से पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है जबकि हरियाणा में ऐसा नहीं है। जनहित में तुरंत प्रभाव से सरकार को अपना फैसला वापस लेना चाहिए ताकि किसान व्यापारी राहत की सांस ले सकें। इस मौके पर उनके साथ प्रदेश सचिव राजेंद्र कुमार व जिला प्रधान सचिन मित्तल भी मौजूद थे।
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सरकार निर्णय पर करे विचार
फोटो संख्या-22
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। हरियाणा प्रदेश राइस मिल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा जो एनसीआर के राइस मिलरों के ब्वॉयलर को एक सप्ताह के लिए 4 से 10 अक्तमूबर तक बंद करने के आदेश जारी किए हैं, वह गल्त हैं। इससे मिलर्स को करोड़ों रुपये का नुकसान होगा। जिसमें सरकारी व प्राइवेट तौर पर खरीदी गई धान खराब हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस समय धान का सीजन अपने चरम पर है। हर रोज धान की खरीद हो रही है। जो धान खरीदी जाती है, उसमें काफी मात्रा में नमीयुक्त धान है। इसे सुखाना जरुरी है। यदि यह सुखाया नहीं गया तो इसमें फंगस लग जाएगी और यह खराब हो सकता है। मिलर्स को ही नहीं सरकार को भी करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी कहा है कि पंजाब के किसानों द्वारा पराली जलाये जाने से पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है जबकि हरियाणा में ऐसा नहीं है। जनहित में तुरंत प्रभाव से सरकार को अपना फैसला वापस लेना चाहिए ताकि किसान व्यापारी राहत की सांस ले सकें। इस मौके पर उनके साथ प्रदेश सचिव राजेंद्र कुमार व जिला प्रधान सचिन मित्तल भी मौजूद थे।