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गलतियां वो करें और माफी हम मांगे..बस जाट हैं यही कसूर है हमारा
Updated Sun, 22 Jul 2018 06:24 PM IST
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गांव टटियाणा के जाटों ने दी गांव से पलायन की धमकी
दलित युवकों पर लगाया रास्ता रोकने, मारपीट करने का आरोप
देवी लाल पार्क में बुलाई बिरादरी की मीटिंग, डीएसपी ने दिया न्याय का आश्वासन
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। गांव टटियाणा के जाट बिरादरी के लोगों ने गांव से पलायन करने की धमकी दी है। चीका के देवीलाल पार्क में इलाके भर से जुटी जाट बिरादरी की पंचायत में पहुंचे टटियाणा निवासी जाट अपनी बात कहते कहते रो पड़े। उन्होंने कहा कि वे कहने भर को दलित हैं, पर टोलियां बनाकर अक्सर उनका रास्ता रोक लेते हैं, गाली गलौज करते हैं। कई बार मारपीट कर चुके हैं पर बावजूद इसके मामले भी जाटों पर दर्ज होते हैं, खर्चा भी जाटों का होता है और माफी भी जाटों को ही मांगनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि हमारी कहीं सुनवाई नहीं होती। हमारा कसूर सिर्फ यही है कि हम जाट हैं। गांव वासी उदय सिंह ने कहा कि रोज रोज की ऐसी जलालत से तो गांव छोड़ना अच्छा। अगर पुलिस प्रशासन उन्हें न्याय नहीं दिलाया तो टटियाणा गांव के जाट गांव से पलायन करने पर मजबूर होंगे।
जाट बिरादरी की शनिवार की पंचायत में इलाके भर से जाट बिरादरी के बड़े बड़े पंचायती लोग जुटे। मसला पिछले दिनों गांव में वाल्मीकि समुदाय के कुछ युवकों व जाट बिरादरी के लोगों के बीच झगड़े का था। आरोप है कि पिछले दिनों एक्सीडेंट में घायल हुए अपने एक मित्र को संभालने जा रहे लाल सिंह की कार पर वाल्मीकि समुदाय के कुछ युवकों ने हमला कर दिया तथा कार को बुरी तरह तोड़ फोड़ दिया। नीचे उतरकर भागते लाल सिंह को भी चोटें मारी गई। नंदी शाला चीका के पूर्व अध्यक्ष एवं जाट नेता रति राम ने कहा कि हम यहां जाति आधार पर समर्थन या विरोध करने नहीं आए हैं। पुलिस पड़ताल करके पता लगाए। अगर कसूर जाटों का है तो उनके खिलाफ कार्रवाई हो। और अगर दोषी वाल्मीकि समुदाय के युवक हों उनके खिलाफ भी बेलिहाज कार्रवाई होनी चाहिए। पूर्व सरपंच केहर सिंह ने कहा कि टटियाणा गांव के जाट समुदाय के लोग दहशत में जीवन जी रहे हैं। वे शांतिप्रिय हैं, इसलिए दलितों की हमलों का जवाब देने की बजाय पुलिस के पास आते हैं। अगर वे भी बराबर का जवाब देने लगते तो पुलिस और प्रशासन इसे दलितों पर हमले का मामला बना देती।
नगर पार्षद बलकार बल्लू ने कहा कि टटियाणा के जाटों को सिर्फ जाट होने के कारण प्रताड़ित किया जा रहा है। पंचायत में सरपंच चांदी माजरा, भूपेंद्र सिंह जैलदार, जीवन सिंह नैन, जोरा सिंह, सुरजीत सिंह टटियाणा सहित सैकड़ों जाट बिरादरी के लोग मौजूद रहे।
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डीएसपी की बात पर तिलमिलाए जाट: देवी लाल पार्क में जाटों के भारी संख्या में पहुंचने की खबर पाकर डीएसपी सुलतान सिंह मौके पर पहुंचे और जाटों को पूरा इंसाफ करने का आश्वासन दिया। डीएसपी ने पंचायत में कहा कि पुलिस अभी जांच कर रही है, जो भी दोषी मिला, उस पक्ष के खिलाफ कार्रवाई कर दी जाएगी। इस बात पर जाट भड़क गए। उन्होंने कहा कि रात में मारपीट करने के बाद फिर अगले दिन सवेरे ट्रक में ईंट रोड़े व लाठियां गंडासियां भरकर अस्पताल में दाखिल लाल सिंह पर हमला करने गए 20 दलित युवकों को पुलिस ने खुद पकड़ा था। पुलिस कैसे कह सकती है कि अभी जानना बाकी है कि कसूर किसका है।
दोनों तरफ से 10-10 लोग मांगे: डीएसपी सुलतान सिंह ने बताया कि गांव में जाट समुदाय व वाल्मीकि समुदाय के बीच लंबे समय से चल रही रार को पूरी तरह से समाप्त करवाने के लिए दोनों पक्षों से 10-10 लोग मांगे गए हैं। इन लोगों को आमने सामने बिठाकर बात करवाई जाएगी ताकि पता चले कि कसूर किस पक्ष का है। डीएसपी ने कहा कि मारपीट मामले व अगले दिन हमला करने जाने मामले में पुलिस ने बनती कानूनी कार्रवाई पहले ही कर दी थी।
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गांव टटियाणा के जाटों ने दी गांव से पलायन की धमकी
दलित युवकों पर लगाया रास्ता रोकने, मारपीट करने का आरोप
देवी लाल पार्क में बुलाई बिरादरी की मीटिंग, डीएसपी ने दिया न्याय का आश्वासन
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। गांव टटियाणा के जाट बिरादरी के लोगों ने गांव से पलायन करने की धमकी दी है। चीका के देवीलाल पार्क में इलाके भर से जुटी जाट बिरादरी की पंचायत में पहुंचे टटियाणा निवासी जाट अपनी बात कहते कहते रो पड़े। उन्होंने कहा कि वे कहने भर को दलित हैं, पर टोलियां बनाकर अक्सर उनका रास्ता रोक लेते हैं, गाली गलौज करते हैं। कई बार मारपीट कर चुके हैं पर बावजूद इसके मामले भी जाटों पर दर्ज होते हैं, खर्चा भी जाटों का होता है और माफी भी जाटों को ही मांगनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि हमारी कहीं सुनवाई नहीं होती। हमारा कसूर सिर्फ यही है कि हम जाट हैं। गांव वासी उदय सिंह ने कहा कि रोज रोज की ऐसी जलालत से तो गांव छोड़ना अच्छा। अगर पुलिस प्रशासन उन्हें न्याय नहीं दिलाया तो टटियाणा गांव के जाट गांव से पलायन करने पर मजबूर होंगे।
जाट बिरादरी की शनिवार की पंचायत में इलाके भर से जाट बिरादरी के बड़े बड़े पंचायती लोग जुटे। मसला पिछले दिनों गांव में वाल्मीकि समुदाय के कुछ युवकों व जाट बिरादरी के लोगों के बीच झगड़े का था। आरोप है कि पिछले दिनों एक्सीडेंट में घायल हुए अपने एक मित्र को संभालने जा रहे लाल सिंह की कार पर वाल्मीकि समुदाय के कुछ युवकों ने हमला कर दिया तथा कार को बुरी तरह तोड़ फोड़ दिया। नीचे उतरकर भागते लाल सिंह को भी चोटें मारी गई। नंदी शाला चीका के पूर्व अध्यक्ष एवं जाट नेता रति राम ने कहा कि हम यहां जाति आधार पर समर्थन या विरोध करने नहीं आए हैं। पुलिस पड़ताल करके पता लगाए। अगर कसूर जाटों का है तो उनके खिलाफ कार्रवाई हो। और अगर दोषी वाल्मीकि समुदाय के युवक हों उनके खिलाफ भी बेलिहाज कार्रवाई होनी चाहिए। पूर्व सरपंच केहर सिंह ने कहा कि टटियाणा गांव के जाट समुदाय के लोग दहशत में जीवन जी रहे हैं। वे शांतिप्रिय हैं, इसलिए दलितों की हमलों का जवाब देने की बजाय पुलिस के पास आते हैं। अगर वे भी बराबर का जवाब देने लगते तो पुलिस और प्रशासन इसे दलितों पर हमले का मामला बना देती।
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नगर पार्षद बलकार बल्लू ने कहा कि टटियाणा के जाटों को सिर्फ जाट होने के कारण प्रताड़ित किया जा रहा है। पंचायत में सरपंच चांदी माजरा, भूपेंद्र सिंह जैलदार, जीवन सिंह नैन, जोरा सिंह, सुरजीत सिंह टटियाणा सहित सैकड़ों जाट बिरादरी के लोग मौजूद रहे।
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डीएसपी की बात पर तिलमिलाए जाट: देवी लाल पार्क में जाटों के भारी संख्या में पहुंचने की खबर पाकर डीएसपी सुलतान सिंह मौके पर पहुंचे और जाटों को पूरा इंसाफ करने का आश्वासन दिया। डीएसपी ने पंचायत में कहा कि पुलिस अभी जांच कर रही है, जो भी दोषी मिला, उस पक्ष के खिलाफ कार्रवाई कर दी जाएगी। इस बात पर जाट भड़क गए। उन्होंने कहा कि रात में मारपीट करने के बाद फिर अगले दिन सवेरे ट्रक में ईंट रोड़े व लाठियां गंडासियां भरकर अस्पताल में दाखिल लाल सिंह पर हमला करने गए 20 दलित युवकों को पुलिस ने खुद पकड़ा था। पुलिस कैसे कह सकती है कि अभी जानना बाकी है कि कसूर किसका है।
दोनों तरफ से 10-10 लोग मांगे: डीएसपी सुलतान सिंह ने बताया कि गांव में जाट समुदाय व वाल्मीकि समुदाय के बीच लंबे समय से चल रही रार को पूरी तरह से समाप्त करवाने के लिए दोनों पक्षों से 10-10 लोग मांगे गए हैं। इन लोगों को आमने सामने बिठाकर बात करवाई जाएगी ताकि पता चले कि कसूर किस पक्ष का है। डीएसपी ने कहा कि मारपीट मामले व अगले दिन हमला करने जाने मामले में पुलिस ने बनती कानूनी कार्रवाई पहले ही कर दी थी।