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सीएम साहब का रिश्तेदार हूं, जल्दी पेमेंट करवाओ
Updated Tue, 13 Feb 2018 12:30 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
गुहला चीका।
नगरपालिका क्षेत्र में लगने वाली स्ट्रीट लाइटों को लेकर नगरपालिका प्रशासन व ठेकेदार के बीच चल रहे विवाद ने सोमवार को उस समय नया मोड़ ले लिया जब संबंधित ठेकेदार ने नपा सचिव को एक मेल भेज कर लाइटों का भुगतान करने को कहा। इतना ही नहीं ठेकेदार ने फोन पर खुद को मुख्यमंत्री का रिश्तेदार बता भुगतान जल्द करने की बात भी कही। ठेकेदार की ओर से भेजी गई इस मेल से नगरपालिका प्रशासन हैरान है।
गौरतलब है कि चीका नगरपालिका ने शहर में स्ट्रीट लाइटें लगाने के लिए पिछले दिनों लगभग 39 लाख रुपये का टेंडर खोला था। यह टेंडर गुरुनानक इलेक्ट्रिक के नाम गया था। टेंडर के मुताबिक शहर के सभी सत्रह वार्डों में बजाज कंपनी की साढ़े चार सौ एलईडी लाइटें लगानी थीं। नगरपालिका सचिव अशोक कुमार ने यहां बताया कि ठेकेदार ने उन्हें बताए बिना ही किसी प्राइवेट गोदाम में लाइटें उतरवा लीं और बिना किसी प्रकार के प्लान के उन्हें शहर के पंद्रह वार्ड में लगाना भी शुरू कर दिया, जिसे बाद में रोका गया है। अब खुद को सीएम साहब का रिश्तेदार बता भुगतान का दबाव बना रहा है। बिना प्लान के लाइटें लगाना गलत बात है।
नपा सचिव अशोक कुमार ने कहा कि शहर में लगने वाला कोई भी सामान नगरपालिका की प्रॉपर्टी होती है। ठेकेदार को चाहिए था कि वह सबसे पहले लाइटें नगरपालिका को हैंडओवर करता। इन लाइटों को स्टाक रजिस्टर में दर्ज कर, इनकी वीडियोग्राफी करवाई जाती। उसके बाद बजाज कंपनी के अधिकारियों से इन लाइटों के ऑरिजनल होने की पुष्टि करवाई जाती। नपा स्ट्रीट लाइटों के लिए बिजली के मीटरों का प्रबंध करती। ठेकेदार द्वारा नगरपालिका की जानकारी के बिना लाइटें लगाना किसी भी प्रकार से सही नहीं है। जब तक हर वार्ड में लाइटें लगकर जलनी शुरू नहीं होती तब तक एक भी लाइट का भुगतान नहीं किया जाएगा।
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ठेकेदार ने शहर में लाइटें कहां पर रखीं हैं और किसके कहने पर पोलों पर लगानी शुरू की है, मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है। वार्डों में लाइटें लगाने से पहले ठेकेदार को चाहिए था कि वह नपा कार्यालय से सिटी प्लान लेता। हर वार्ड के पार्षद की सहमति से नपा कर्मचारी की मौजूदगी में लाइटें लगाई जाती। पार्षद और वार्डों के लोगों की सहमति के बाद ही ठेकेदार भुगतान लेने का हकदार है।
- अमनदीप कौर शर्मा, चेयरपर्सन, नगरपालिका चीका
मैंने नगरपालिका के एक अधिकारी के कहने पर ही लाइटें वार्ड नंबर पंद्रह के एक गोदाम में रखवाई हैं। जिस कंपनी की लाइटें लगाने का टेंडर हुआ था, सभी लाइटें उसी बजाज कंपनी की है। नगरपालिका के अधिकारी जब चाहें लाइटों की जांच करवा सकते हैं, मेरी तरफ से हर प्रकार का सहयोग दिया जाएगा। स्वयं को सीएम साहब का रिश्तेदार होने जैसे बात मैंने किसी को नहीं कही है, ये आरोप झूठे हैं।
- रोहित चुघ, स्ट्रीट लाइटों का ठेकेदार
पोलखोल अभियान के संयोजक जगजीत सिंह ने पिछले दिनों सोशल मीडिया पर उठाया था। इस पर संज्ञान लेते हुए नपा प्रशासन हरकत में आया और पूरे लाइटों की जांच करवाने के बाद ही लगवाने का फैसला किया है।
‘सीएम साहब का रिश्तेदार हूं, जल्दी पेमेंट करवाओ’
ठेकेदार ने नपा सचिव को मेल भेज लाइटाें का भुगतान करने का बनाया दबाव
शहर में स्ट्रीट लाइटें लगने का मामला
फोटो नंबर-35
गुहला चीका।
नगरपालिका क्षेत्र में लगने वाली स्ट्रीट लाइटों को लेकर नगरपालिका प्रशासन व ठेकेदार के बीच चल रहे विवाद ने सोमवार को उस समय नया मोड़ ले लिया जब संबंधित ठेकेदार ने नपा सचिव को एक मेल भेज कर लाइटों का भुगतान करने को कहा। इतना ही नहीं ठेकेदार ने फोन पर खुद को मुख्यमंत्री का रिश्तेदार बता भुगतान जल्द करने की बात भी कही। ठेकेदार की ओर से भेजी गई इस मेल से नगरपालिका प्रशासन हैरान है।
गौरतलब है कि चीका नगरपालिका ने शहर में स्ट्रीट लाइटें लगाने के लिए पिछले दिनों लगभग 39 लाख रुपये का टेंडर खोला था। यह टेंडर गुरुनानक इलेक्ट्रिक के नाम गया था। टेंडर के मुताबिक शहर के सभी सत्रह वार्डों में बजाज कंपनी की साढ़े चार सौ एलईडी लाइटें लगानी थीं। नगरपालिका सचिव अशोक कुमार ने यहां बताया कि ठेकेदार ने उन्हें बताए बिना ही किसी प्राइवेट गोदाम में लाइटें उतरवा लीं और बिना किसी प्रकार के प्लान के उन्हें शहर के पंद्रह वार्ड में लगाना भी शुरू कर दिया, जिसे बाद में रोका गया है। अब खुद को सीएम साहब का रिश्तेदार बता भुगतान का दबाव बना रहा है। बिना प्लान के लाइटें लगाना गलत बात है।
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नपा सचिव अशोक कुमार ने कहा कि शहर में लगने वाला कोई भी सामान नगरपालिका की प्रॉपर्टी होती है। ठेकेदार को चाहिए था कि वह सबसे पहले लाइटें नगरपालिका को हैंडओवर करता। इन लाइटों को स्टाक रजिस्टर में दर्ज कर, इनकी वीडियोग्राफी करवाई जाती। उसके बाद बजाज कंपनी के अधिकारियों से इन लाइटों के ऑरिजनल होने की पुष्टि करवाई जाती। नपा स्ट्रीट लाइटों के लिए बिजली के मीटरों का प्रबंध करती। ठेकेदार द्वारा नगरपालिका की जानकारी के बिना लाइटें लगाना किसी भी प्रकार से सही नहीं है। जब तक हर वार्ड में लाइटें लगकर जलनी शुरू नहीं होती तब तक एक भी लाइट का भुगतान नहीं किया जाएगा।
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ठेकेदार ने शहर में लाइटें कहां पर रखीं हैं और किसके कहने पर पोलों पर लगानी शुरू की है, मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है। वार्डों में लाइटें लगाने से पहले ठेकेदार को चाहिए था कि वह नपा कार्यालय से सिटी प्लान लेता। हर वार्ड के पार्षद की सहमति से नपा कर्मचारी की मौजूदगी में लाइटें लगाई जाती। पार्षद और वार्डों के लोगों की सहमति के बाद ही ठेकेदार भुगतान लेने का हकदार है।
- अमनदीप कौर शर्मा, चेयरपर्सन, नगरपालिका चीका
मैंने नगरपालिका के एक अधिकारी के कहने पर ही लाइटें वार्ड नंबर पंद्रह के एक गोदाम में रखवाई हैं। जिस कंपनी की लाइटें लगाने का टेंडर हुआ था, सभी लाइटें उसी बजाज कंपनी की है। नगरपालिका के अधिकारी जब चाहें लाइटों की जांच करवा सकते हैं, मेरी तरफ से हर प्रकार का सहयोग दिया जाएगा। स्वयं को सीएम साहब का रिश्तेदार होने जैसे बात मैंने किसी को नहीं कही है, ये आरोप झूठे हैं।
- रोहित चुघ, स्ट्रीट लाइटों का ठेकेदार
पोलखोल अभियान के संयोजक जगजीत सिंह ने पिछले दिनों सोशल मीडिया पर उठाया था। इस पर संज्ञान लेते हुए नपा प्रशासन हरकत में आया और पूरे लाइटों की जांच करवाने के बाद ही लगवाने का फैसला किया है।
‘सीएम साहब का रिश्तेदार हूं, जल्दी पेमेंट करवाओ’
ठेकेदार ने नपा सचिव को मेल भेज लाइटाें का भुगतान करने का बनाया दबाव
शहर में स्ट्रीट लाइटें लगने का मामला
फोटो नंबर-35