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बिजली के भारी भरकम बिलों को लेकर उपभोक्ताओं का फूटा गुस्सा
Updated Wed, 29 Nov 2017 12:46 AM IST
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बिजली के भारी भरकम बिलों को लेकर उपभोक्ताओं का फूटा गुस्सा
अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। बिजली बिलों को लेकर खंड के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बिल जमा करवाने के अंतिम दिन बिजली विभाग के कार्यालय में जमा लोगों की भारी भीड़ ने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहीं अंतिम दिन तक बिल न मिलने से नाराजगी तो कहीं भारी भरकम बिलों को लेकर गुस्सा नजर आ रहा था। समस्या के समाधान न होने तक लोगों ने बिल न जमा करवाने का ऐलान किया है।
घर में दो बल्ब बिल 28 हजार रुपये:-गांव कैलरम के पूर्व सरपंच पवन कुमार, महेंद्र, रोहित, शशीभूषण, रामचंद्र, रणधीर सिंह, जोरा सिंह, पवन जोगी, बलजीत सैन का कहना था कि विभाग ने नाजायज बिल भेज दिए हैं। कुछ ग्रामीणों का आरोप था कि उनके घर में केवल दो ही बल्ब जलते हैं पर बिल 20 हजार से लेकर 28 हजार तक आया हुआ है। पवन कुमार का कहना था कि गांव में मुश्किल से 8 घंटे ही बिजली आती है। न पंखे चलते हैं तथा न ही बिजली का कोई उपकरण ऐसे में इतने भारी भरकम बिल थमा कर विभाग ने उपभोक्ताओं की कमर ही तोड़ दी है। शशीभूषण का कहना था कि मुश्किल से तो गांव में बिजली के बिल भरवाने शुरू किए थे। उनका पूरा गांव बिजली के बिल भरता है तो इस तरह से दिए गए अनाप शनाप बिलों को वे लोग कैसे भरेंगे।
बिल में केवल पुरानी रीडिंग है दर्ज:-गांव खेड़ी लांबा के ईश्वर सिंह, आभेराम का कहना था कि उनके गांव में जो बिजली के भारी भरकम बिल उपभोक्ताओं को थमाए गए हैं वे सब झूठे हैं। बिलों पर पुरानी रीडिंग तो अंकित है पर नई रीडिंग व कुछ प्रयोग की गई रीडिंग का कालम खाली हैं तथा बिल की अमाउंट 8 से 28 हजार के मध्य में दर्शाई गई है।
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चौक में रख दिए गए बिल जिसका हो ले जाए:-बिजली विभाग का कारनामा देख कर आम आदमी हैरान है। कलायत के हनुमान कुएं पर बिजली के बिलों का ढेर रख कर छोड़ दिया गया। जिसका हो छांट कर ले जाए। रवि राणा, जोंगेंद्र कपूर, राजेश, चांदा राम, अमरजीत, रमेश, सतपाल, नरेश कुमार का कहना है कि बिजली के बिल जमा करवाने की अंतिम तारीख थी, पर उनके पास बिल आए ही नहीं। वार्ड नंबर 6 निवासी रवि राणा ने कहा कि उनको पता चला कि वार्ड 4 स्थित हनुमान कुएं के पास बिलों का ढेर पड़ा हुआ है। लोग ढेर में से अपने अपने बिल ढूंढने में लगे हुए थे पर काफी प्रयासों के बाद कुछ को ही उनके बिल मिल पाए। नरेश कुमार ने कहा कि बिजली जमा करवाने भी कोई नहीं पहुंचा।वहीं एसडीओ संदीप भरत का कहना था कि रीडिंग पिछले काफी समय से रुकी हुई थी जो इस बिल में जुड़ कर आई है। उन्होंने कहा कि जो उपभोक्ता एकमुश्त बिल जमा नहीं करवा सकते, उनको किश्तों में बिल जमा करवाने की परमिशन दी जा रही है। जिन बिलों में रीडिंग को लेकर विसंगतियां हैं, उनको ठीक करवा दिया जाएगा।
गांव कैलरम के लोगों ने किया प्रदर्शन
अंतिम तारीख तक बिजली के बिल नहीं मिले
चौक पर पड़े बिलों के ढेर में से उपभोक्ता तलाश रहे थे अपने बिल
फोटो नंबर- 35, 36, 37
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अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। बिजली बिलों को लेकर खंड के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बिल जमा करवाने के अंतिम दिन बिजली विभाग के कार्यालय में जमा लोगों की भारी भीड़ ने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहीं अंतिम दिन तक बिल न मिलने से नाराजगी तो कहीं भारी भरकम बिलों को लेकर गुस्सा नजर आ रहा था। समस्या के समाधान न होने तक लोगों ने बिल न जमा करवाने का ऐलान किया है।
घर में दो बल्ब बिल 28 हजार रुपये:-गांव कैलरम के पूर्व सरपंच पवन कुमार, महेंद्र, रोहित, शशीभूषण, रामचंद्र, रणधीर सिंह, जोरा सिंह, पवन जोगी, बलजीत सैन का कहना था कि विभाग ने नाजायज बिल भेज दिए हैं। कुछ ग्रामीणों का आरोप था कि उनके घर में केवल दो ही बल्ब जलते हैं पर बिल 20 हजार से लेकर 28 हजार तक आया हुआ है। पवन कुमार का कहना था कि गांव में मुश्किल से 8 घंटे ही बिजली आती है। न पंखे चलते हैं तथा न ही बिजली का कोई उपकरण ऐसे में इतने भारी भरकम बिल थमा कर विभाग ने उपभोक्ताओं की कमर ही तोड़ दी है। शशीभूषण का कहना था कि मुश्किल से तो गांव में बिजली के बिल भरवाने शुरू किए थे। उनका पूरा गांव बिजली के बिल भरता है तो इस तरह से दिए गए अनाप शनाप बिलों को वे लोग कैसे भरेंगे।
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बिल में केवल पुरानी रीडिंग है दर्ज:-गांव खेड़ी लांबा के ईश्वर सिंह, आभेराम का कहना था कि उनके गांव में जो बिजली के भारी भरकम बिल उपभोक्ताओं को थमाए गए हैं वे सब झूठे हैं। बिलों पर पुरानी रीडिंग तो अंकित है पर नई रीडिंग व कुछ प्रयोग की गई रीडिंग का कालम खाली हैं तथा बिल की अमाउंट 8 से 28 हजार के मध्य में दर्शाई गई है।
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चौक में रख दिए गए बिल जिसका हो ले जाए:-बिजली विभाग का कारनामा देख कर आम आदमी हैरान है। कलायत के हनुमान कुएं पर बिजली के बिलों का ढेर रख कर छोड़ दिया गया। जिसका हो छांट कर ले जाए। रवि राणा, जोंगेंद्र कपूर, राजेश, चांदा राम, अमरजीत, रमेश, सतपाल, नरेश कुमार का कहना है कि बिजली के बिल जमा करवाने की अंतिम तारीख थी, पर उनके पास बिल आए ही नहीं। वार्ड नंबर 6 निवासी रवि राणा ने कहा कि उनको पता चला कि वार्ड 4 स्थित हनुमान कुएं के पास बिलों का ढेर पड़ा हुआ है। लोग ढेर में से अपने अपने बिल ढूंढने में लगे हुए थे पर काफी प्रयासों के बाद कुछ को ही उनके बिल मिल पाए। नरेश कुमार ने कहा कि बिजली जमा करवाने भी कोई नहीं पहुंचा।वहीं एसडीओ संदीप भरत का कहना था कि रीडिंग पिछले काफी समय से रुकी हुई थी जो इस बिल में जुड़ कर आई है। उन्होंने कहा कि जो उपभोक्ता एकमुश्त बिल जमा नहीं करवा सकते, उनको किश्तों में बिल जमा करवाने की परमिशन दी जा रही है। जिन बिलों में रीडिंग को लेकर विसंगतियां हैं, उनको ठीक करवा दिया जाएगा।
गांव कैलरम के लोगों ने किया प्रदर्शन
अंतिम तारीख तक बिजली के बिल नहीं मिले
चौक पर पड़े बिलों के ढेर में से उपभोक्ता तलाश रहे थे अपने बिल
फोटो नंबर- 35, 36, 37